Devar Bhabhi Romance: नोएडा के सेक्टर-128 की एक आलीशान गगनचुंबी इमारत। ‘मैक्सिटेक सॉल्यूशंस’ कॉर्पोरेट ऑफिस के बोर्ड रूम में सन्नाटा पसरा हुआ था। कंपनी के वकीलों और मीडिया के कैमरों के सामने 29 साल की अंजलि बैठी थी।
अंजलि जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही तेजतर्रार बिजनेसवुमन भी थी। वह इस मल्टी-मिलियन डॉलर कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट थी। लेकिन उसके चेहरे पर एक गहरा सन्नाटा था। महज तीन महीने पहले, एक प्लेन क्रैश में कंपनी के सीईओ और अंजलि के पति अमित की मौत हो गई थी।
अमित की मौत के बाद अंजलि को संभालना था, लेकिन तभी अमित के वकील मिस्टर सिंघल ने एक ऐसी वसीयत पढ़ी जिसने अंजलि के पैरों तले से जमीन खिसका दी। वसीयत की शर्त बेहद अजीब और चौंकाने वाली थी:
“मेरी मौत के बाद, मैक्सिटेक सॉल्यूशंस की 60% हिस्सेदारी और हमारी सारी पारिवारिक संपत्ति अंजलि को तभी ट्रांसफर होगी, जब वह मेरे जाने के छह महीने के भीतर मेरे ही परिवार के किसी सदस्य से शादी करेगी। अगर वह ऐसा नहीं करती, तो कंपनी और सारे शेयर्स एक चैरिटेबल ट्रस्ट में चले जाएंगे, और अंजलि को पद से इस्तीफा देना होगा।”
Devar Bhabhi Romance
अंजलि बोर्ड रूम से बाहर निकली तो उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। अमित ने यह शर्त इसलिए रखी थी ताकि अंजलि हमेशा उनके परिवार से जुड़ी रहे, क्योंकि अंजलि के अपने माता-पिता इस दुनिया में नहीं थे। लेकिन अब अंजलि के सामने सबसे बड़ा संकट था। अमित के परिवार में सिर्फ उनका छोटा भाई था- 24 साल का रोहन।
रोहन अभी-अभी अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी करके नोएडा आया था और स्वभाव से बेहद सीधा और स्वाभिमानी लड़का था। वह अंजलि को हमेशा अपनी बड़ी बहन की तरह ‘भाभी’ कहकर सम्मान देता था। क्या एक देवर और भाभी इस अजीब शर्त के लिए शादी कर सकते थे?

Devar Bhabhi Romance: ‘डमी मैरिज’ की वो डील और बंद कमरे की दीवारें
कंपनी के बोर्ड मेंबर्स और दुश्मन इस ताक में बैठे थे कि छह महीने बीतें और अंजलि के हाथ से कंपनी निकल जाए। अंजलि के पास सिर्फ दो रास्ते थे- या तो अमित का खड़ा किया हुआ करोड़ों का बिजनेस बर्बाद होने दे, या फिर रोहन से बात करे।
अंजलि ने हिम्मत जुटाई और रोहन को अपने केबिन में बुलाया। उसने वसीयत के कागज रोहन के सामने रखे। रोहन ने जब वसीयत पढ़ी, तो वह हैरान रह गया।
“भाभी! यह क्या है? भैया ने ऐसा क्यों लिखा? मैं… मैं आपसे शादी कैसे कर सकता हूँ? आप मेरे लिए माँ और बहन जैसी सम्माननीय हैं,” रोहन ने हकलाते हुए कहा।
अंजलि ने रोहन का हाथ थामा और उसकी आँखों में देखते हुए कहा, “रोहन, मुझे पता है यह तुम्हारे लिए बहुत बड़ा झटका है। लेकिन सोचो, अगर यह कंपनी हमारे हाथ से चली गई, तो अमित का सालों का सपना टूट जाएगा।
बोर्ड के लोग कंपनी को बेच देंगे। मैं तुमसे कोई असली शादी नहीं मांग रही। हम समाज और वकीलों के सामने एक ‘डमी मैरिज’ (दिखावे की शादी) करेंगे। दुनिया के लिए हम पति-पत्नी होंगे, लेकिन इस घर के बंद कमरे के अंदर, तुम मेरे देवर ही रहोगे और मैं तुम्हारी भाभी।”
रोहन अंजलि की बेबसी और अपने भाई के सपने को टूटते नहीं देख सकता था। उसने भारी मन से इस ‘डमी मैरिज’ के लिए हां कह दिया। महज एक हफ्ते के भीतर, कोर्ट में एक सादे समारोह में दोनों की शादी हो गई। मीडिया में सुर्खियां छप गईं- “मैक्सिटेक की मालकिन ने अपने ही देवर से रचाई शादी!” इंटरनेट पर लोगों ने तरह-तरह की बातें करना शुरू कर दिया, लेकिन असली खेल तो अब शुरू होने वाला था।

Devar Bhabhi Romance: जब दुश्मनों की नजरों के लिए करना पड़ा ‘रोमांस’
शादी के बाद रोहन अंजलि के आलीशान फ्लैट में शिफ्ट हो गया। घर के अंदर दोनों के कमरे अलग थे। सुबह दोनों एक ही गाड़ी से ऑफिस जाते और शाम को वापस आते। लेकिन कंपनी के कुछ सीनियर बोर्ड मेंबर्स, जो अंजलि को हटाना चाहते थे, उन्हें शक था कि यह शादी सिर्फ कागजी है। उन्होंने अंजलि और रोहन पर नजर रखने के लिए जासूस लगा दिए।
एक शाम, कंपनी की एनुअल सक्सेस पार्टी थी। नोएडा के एक फाइव स्टार होटल में शहर के तमाम बड़े बिजनेसमैन और मीडिया के लोग मौजूद थे। अंजलि और रोहन जैसे ही पार्टी में पहुंचे, कैमरे उनकी तरफ घूम गए। तभी कंपनी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी मिस्टर कपूर ने अंजलि को टोकते हुए कहा, “मैडम अंजलि, शादी की बधाई! लेकिन आपकी तस्वीरों में वो न्यूली-मैरिड कपल वाला रोमांस नजर नहीं आ रहा। क्या बात है, मिस्टर रोहन आपसे दूर-दूर खड़े हैं?”
पार्टी में फुसफुसाहट शुरू हो गई। अंजलि का चेहरा पीला पड़ने लगा। जासूसों के कैमरे उन पर टिके थे। अगर आज कोई गड़बड़ होती, तो वसीयत रद्द हो सकती थी।
तभी 24 साल के रोहन ने अपनी चालाकी दिखाई। उसने आगे बढ़कर अंजलि की पतली कमर में अपना हाथ डाला और उसे धीरे से अपनी तरफ खींच लिया। अंजलि चौंक कर रोहन की छाती से जा लगी। रोहन ने मिस्टर कपूर की आँखों में देखते हुए मुस्कुराकर कहा, “कपूर साहब, सच्चा प्यार कैमरों के सामने नुमाइश करने के लिए नहीं होता। मेरी पत्नी पार्टी में थोड़ी असहज महसूस कर रही थी, इसलिए मैं उसे स्पेस दे रहा था।”
रोहन ने सबके सामने अंजलि के गाल पर एक हल्का सा किस (Kiss) कर लिया। पूरी पार्टी तालियों से गूंज उठी। लेकिन उस स्पर्श ने अंजलि के भीतर एक करंट दौड़ा दिया था।
जब रोहन की उंगलियां अंजलि की कमर पर कसी हुई थीं, तो अंजलि के दिल की धड़कनें बेकाबू हो गई थीं। यह एक ऐसा ‘Devar Bhabhi Romance’ था जो शुरू तो नाटक से हुआ था, लेकिन उस रात दोनों के जज्बात बदलने लगे थे।

Devar Bhabhi Romance: बंद कमरे का सस्पेंस और बदलती धड़कनें
पार्टी खत्म होने के बाद दोनों घर लौटे। अंजलि अपने बेडरूम में आई और आईने के सामने खड़ी होकर अपनी सांसें काबू करने लगी। रोहन ने जब उसे पार्टी में छुआ था, तो वह कोई देवर का स्पर्श नहीं था, उसमें एक पुरुष की सुरक्षा और कशिश थी।
तभी रोहन उसके कमरे में आया। वह थोड़ा शर्मिंदा था। “भाभी… आई एम सॉरी। पार्टी में मुझे वो सब नाटक करना पड़ा, वरना मिस्टर कपूर हमारी वसीयत पर केस कर देते।”
अंजलि ने मुड़कर रोहन को देखा। रोहन ब्लैक सूट में बेहद हैंडसम लग रहा था। अंजलि ने अपनी नजरें झुका लीं और कहा, “नहीं रोहन, तुमने जो किया वह बहुत जरूरी था। बल्कि… तुम्हारी वजह से आज मेरी इज्जत बच गई।”
अब घर के अंदर भी हालात बदलने लगे थे। चूंकि जासूस हर वक्त उन पर नजर रख रहे थे, इसलिए उन्हें घर की बालकनी में भी एक साथ बैठना पड़ता था, एक-दूसरे को कॉफी पिलानी पड़ती थी और हंसने का नाटक करना पड़ता था। लेकिन नाटक करते-करते कब दोनों की नजरें एक-दूसरे में खोने लगीं, उन्हें पता ही नहीं चला।
रोहन जब भी अंजलि को साड़ी में सजे देखता, तो उसका दिल देवर की मर्यादा भूलने लगता। वहीं अंजलि को भी रोहन के भीतर एक मैच्योर लाइफ पार्टनर नजर आने लगा था। ‘देवर भाभी रोमांस’ का यह कॉकटेल अब उनके बेडरूम की दहलीज पार करने के लिए बेताब था।

Devar Bhabhi Romance: वो तूफानी रात और नकली से असली हुआ रोमांस
अक्टूबर की एक रात, नोएडा में भीषण आंधी-तूफान आया। तेज हवाओं के कारण अंजलि के फ्लैट की बालकनी का शीशा टूट गया और पूरे घर की लाइट चली गई। अंजलि अंधेरे से बहुत डरती थी। वह चिल्लाते हुए अपने कमरे से बाहर निकली।
रोहन अपनी मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर लॉबी में आया। जैसे ही अंजलि ने रोहन को देखा, उसने डर के मारे दौड़कर रोहन को कसकर गले लगा लिया। रोहन ने उसे अपनी बाहों में थाम लिया।
“भाभी, शांत हो जाइए। मैं यहाँ हूँ, कुछ नहीं होगा,” रोहन ने अंजलि के बिखरे बालों को सहलाते हुए कहा।
अंजलि ने रोहन के सीने पर अपना सिर रख दिया। उसकी तेज धड़कनें रोहन साफ महसूस कर पा रहा था। अंजलि ने धीरे से अपना चेहरा ऊपर उठाया और रोहन की आँखों में देखा। उन आँखों में अब ‘भाभी’ के लिए सम्मान के साथ-साथ एक औरत का समर्पण भी था।
Devar bhabhi love story: मोहब्बत की अनोखी दास्तान, समाज का दबाव, ऋषिकेश की एक सच्ची देवर-भाभी स्टोरी
“रोहन… अब मुझे भाभी मत कहो। मैं इस अकेलेपन से थक चुकी हूँ। क्या हम इस नकली रिश्ते को हमेशा के लिए असली नहीं बना सकते?” अंजलि की आवाज में एक अजीब सी छटपटाहट थी।
रोहन खुद पर काबू नहीं रख पाया। उसने मोबाइल फोन साइड में रख दिया। उस अंधेरे कमरे में, बाहर कड़कती बिजली के बीच, रोहन ने अंजलि के होठों को चूम लिया। अंजलि ने भी रोहन की गर्दन में अपनी बाहें डाल दीं।
उस रात, वसीयत की वो नकली शर्त हमेशा के लिए हकीकत में बदल गई। दोनों ने समाज की बंदिशों और देवर-भाभी के टैबू (Taboo) को तोड़कर एक-दूसरे को तन और मन से अपना लिया। यह रोमांस अब किसी समझौते का हिस्सा नहीं था, यह दो जवान दिलों की सच्ची पुकार थी।
Devar Bhabhi Romance: वकीलों का जाल और खौफनाक ट्विस्ट
अगली सुबह दोनों के लिए एक नया सवेरा लेकर आई थी। वे अब एक सच्चे पति-पत्नी बन चुके थे। लेकिन कहानी में असली सस्पेंस तब आया जब ठीक दो दिन बाद मिस्टर कपूर और उनके वकील पुलिस को लेकर अंजलि के फ्लैट पर आ धमके।
मिस्टर कपूर के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी। उन्होंने अंजलि के सामने कुछ तस्वीरें और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग फेंकते हुए कहा, “मैडम अंजलि! आपका खेल खत्म हो चुका है। हमारे जासूसों ने आपके घर के अंदर की ये तस्वीरें निकाली हैं, जिसमें साफ दिख रहा है कि आप दोनों अलग-अलग कमरों में सोते थे।
यह शादी सिर्फ अमित की वसीयत के 20 लाख के शेयर और करोड़ों की कंपनी हड़पने के लिए की गई एक धोखाधड़ी है। कानूनन यह शादी अमान्य है और अब यह कंपनी ट्रस्ट के पास जाएगी!”
अंजलि के होश उड़ गए। वकील ने कहा कि अगर वे कोर्ट में यह साबित नहीं कर पाए कि यह एक असली शादी है, तो अंजलि को धोखाधड़ी के आरोप में जेल भी हो सकती है। मिस्टर कपूर ने अंजलि को दो घंटे का वक्त दिया कि वह अपने इस्तीफे पर साइन कर दे, वरना पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी।

Devar Bhabhi Romance: कोर्ट रूम का ड्रामा और आखिरी फतह
मामला नोएडा की जिला अदालत में पहुंचा। कोर्ट रूम खचाखच भरा हुआ था। मीडिया के कैमरे बाहर इंतजार कर रहे थे। मिस्टर कपूर के वकील ने जज के सामने वो सारी पुरानी तस्वीरें पेश कीं, जिनमें रोहन और अंजलि अलग-अलग कमरों में जाते दिख रहे थे।
“माय लॉर्ड! यह शादी सिर्फ एक डमी मैरिज है। यह देवर और भाभी मिलकर स्वर्गीय अमित की संपत्ति को हड़पने की साजिश रच रहे हैं,” विपक्षी वकील ने चिल्लाकर कहा।
जज ने अंजलि की तरफ देखा और पूछा, “अंजलि जी, क्या आपके पास इस बात का कोई सबूत है कि यह शादी कोई समझौता नहीं, बल्कि एक असली रिश्ता है?”
अंजलि चुप थी, उसकी आँखों में आंसू थे। उसे लग रहा था कि वह सब कुछ हार चुकी है। तभी रोहन अपनी सीट से उठा और कटघरे में जाकर खड़ा हो गया। उसने जज के सामने अपने मोबाइल से कनेक्ट करके अदालत की बड़ी स्क्रीन पर एक नई वीडियो क्लिप प्ले कर दी।
Devar Bhabhi Romance
वह वीडियो क्लिप पिछले हफ्ते की उस तूफानी रात की थी, जिसे घर के अंदर लगे सिक्योरिटी कैमरे ने रिकॉर्ड किया था। स्क्रीन पर साफ दिख रहा था कि कैसे रोहन और अंजलि एक-दूसरे के प्यार में डूबे हुए थे, कैसे उनके बीच का वो असली और गहरा रोमांस मुकम्मल हुआ था। वीडियो में दोनों के बीच की वो सच्ची मोहब्बत और समर्पण साफ नजर आ रहा था, जिसे कोई भी नाटक नहीं कह सकता था।
रोहन ने कोर्ट में बुलंद आवाज में कहा, “माय लॉर्ड! शुरुआत भले ही एक वसीयत को बचाने के लिए हुई थी, लेकिन आज अंजलि सिर्फ मेरी भाभी नहीं, मेरी पत्नी है। हमारा प्यार और हमारा रोमांस इस दुनिया के हर कागज़ से ज्यादा सच्चा है। मिस्टर कपूर ने हमारे बेडरूम में तांक-झांक करके हमारे प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन किया है!”

Devar Bhabhi Romance: मुकम्मल इश्क और नई शुरुआत
अदालत के सन्नाटे में रोहन की आवाज गूंज रही थी। जज ने वीडियो और रोहन के बयान को देखने के बाद अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने मिस्टर कपूर की याचिका को खारिज कर दिया और उन पर अवैध तरीके से प्राइवेसी में दखल देने के लिए 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, अदालत ने रोहन और अंजलि की शादी को पूरी तरह वैध घोषित करते हुए कंपनी की पूरी कस्टडी अंजलि को सौंप दी।
कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही मीडिया के कैमरों की फ्लैशलाइट चमक उठी। लेकिन इस बार अंजलि और रोहन के चेहरों पर कोई डर नहीं था। रोहन ने अंजलि का हाथ पूरी दुनिया के सामने मजबूती से थाम रखा था।
अमित की वसीयत की जिस शर्त को दुनिया एक मजबूरी मान रही थी, उसने दो तन्हा दिलों को हमेशा के लिए एक कर दिया था। कॉर्पोरेट की दुनिया की चालबाजियों और समाज के तानों के बीच से निकलकर, ‘देवर भाभी रोमांस’ की यह ‘डमी मैरिज’ एक ऐसी अमर प्रेम कहानी बन चुकी थी, जिसकी मिसाल पूरे नोएडा में दी जाने वाली थी। Devar Bhabhi Romance
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