Gurugram story: यह कहानी आधुनिक रिश्तों के काले सच, लालच, धोखे और एक ऐसी खूनी साजिश की है जिसने गुरुग्राम पुलिस के भी होश उड़ा दिए। हरियाणा के गुरुग्राम में मानेसर के खोह गांव की गलियों में जब 21 मई 2026 को एक नवविवाहिता लापता हुई, तो शुरुआती तौर पर इसे एक सामान्य गुमशुदगी या पारिवारिक कलह का मामला मानकर दबाने की कोशिश की गई थी।
लेकिन जैसे ही पुलिस तफ्तीश की परतें खुलीं, एक ऐसी खूनी दास्तान सामने आई जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया। एक पति ने अपनी लिव-इन पार्टनर (गर्लफ्रेंड) के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी के सिर में कनपटी से सटाकर दो गोलियां दाग दीं और लाश को सड़ने के लिए बाथरूम में बंद कर दिया।
आइए जानते हैं कि कैसे महज तीन महीने पहले सात फेरे लेकर आई मधु की जिंदगी को उसके ही जीवनसाथी ने एक भयावह मौत में बदल दिया।

Gurugram story: अरमानों से सजी शादी और धोखे की बुनियाद
कहानी की शुरुआत होती है इसी साल 19 फरवरी 2026 को। मृतका मधु के पिता अशोक ने बड़े अरमानों के साथ अपनी बेटी की शादी मानेसर गांव के रहने वाले अंकित भगत से तय की थी। अंकित खुद को खेती-बाड़ी से जुड़ा हुआ बताता था और कोई परमानेंट नौकरी नहीं करता था। शादी के वक्त अशोक ने अपनी हैसियत और सामर्थ्य से कहीं बढ़कर दान-दहेज दिया था।
लड़के पक्ष और अंकित ने शादी के समय जिन-जिन सामानों की मांग की, अशोक ने अपनी बेटी की खुशहाली के लिए वह सब कुछ खरीद कर दिया। इसके अलावा, शादी को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए एक लाख रुपये नगद भी लड़के पक्ष को सौंपे गए थे।
लेकिन इस धूमधाम से हुई शादी की बुनियाद ही एक गहरे और काले सच पर टिकी थी, जिससे मधु और उसका परिवार पूरी तरह अनजान था। असल में अंकित भगत पहले से ही शादीशुदा था या किसी अन्य महिला के साथ लंबे समय से रिलेशनशिप में था।
वह गुपचुप तरीके से एक अन्य युवती के साथ लिव-इन पार्टनर के तौर पर रह रहा था और संभवतः उसने उस महिला से लव मैरिज या कोर्ट मैरिज भी कर रखी थी। इस रिश्ते से उनका एक छोटा बच्चा भी था। अंकित और उसके पूरे परिवार ने इस सच को पूरी तरह से छिपाए रखा और मधु से शादी कर ली।

Gurugram story खूनी साजिश के पीछे की असली वजह: जमीन और दहेज का लालच
अशोक के गंभीर आरोपों के मुताबिक, अंकित ने मधु से प्यार या शादी के पवित्र रिश्ते को निभाने के लिए विवाह नहीं किया था। उसकी नीयत के पीछे एक घिनौना आर्थिक लालच था। मधु के नाम पर तीन बीघा बेहद कीमती जमीन मौजूद थी। अंकित और उसके परिवार की नजर उसी करोड़ों की जमीन पर थी। अंकित का असली इरादा उस कीमती जमीन को हड़पना और शादी में मिलने वाले मोटे दहेज को अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जीने में इस्तेमाल करना था।
शादी के शुरुआती दो महीने सब कुछ सामान्य चलता रहा। मधु को भनक भी नहीं थी कि वह जिस घर में रह रही है, वहां उसके खिलाफ मौत का जाल बुना जा रहा है। धीरे-धीरे जब अंकित को समझ आया कि जमीन इतनी आसानी से उसके नाम नहीं होने वाली, तो उसने अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर मधु को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का खूनी प्लान तैयार किया।
Gurugram story: 21 मई 2026: रहस्यमयी ढंग से लापता हुई मधु
शादी के ठीक तीन महीने बाद, यानी 21 मई 2026 को अचानक मधु संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। सुबह से लेकर शाम हो गई, लेकिन मधु का कुछ पता नहीं चला। मायके वाले अपनी बेटी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई बात नहीं हो पा रही थी। इसी बीच, मृतका के पिता अशोक के मोबाइल पर ससुराल पक्ष की तरफ से एक फोन आया।
फोन पर अंकित के परिवार वालों ने एक अजीब और मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उन्होंने बेहद हड़बड़ाहट और चिंता का नाटक करते हुए कहा— “आपकी बेटी मधु घर में रखे सोने-चांदी के सारे कीमती गहने और जेवरात समेटकर किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ घर से भाग गई है।”
ससुराल वालों की यह कहानी बेहद संदेहास्पद थी। महज तीन महीने पहले आई दुल्हन अचानक सारे जेवर लेकर किसी के साथ क्यों भागेगी? अशोक और उनके परिवार को इस बात पर जरा भी भरोसा नहीं हुआ। उनके मन में किसी अनहोनी का डर बैठ गया।

Gurugram story: पड़ोसियों का वह एक सुराग, जिसने बदल दी जांच की दिशा
ससुराल वालों के दावों पर गहरा शक होने के बाद, मधु के मायके वाले बिना वक्त गंवाए 21 मई को ही सीधे मानेसर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की लिखित जानकारी दी और मधु की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके साथ ही, मायके वालों ने अपने स्तर पर भी मानेसर और खोह गांव में जांच-पड़ताल शुरू की।
जब अशोक ने खोह गांव में अंकित के घर के आसपास रहने वाले पड़ोसियों से पूछताछ की, तो एक ऐसा सुराग हाथ लगा जिसने ससुराल वालों की ‘जेवर लेकर भागने’ वाली थ्योरी की धज्जियां उड़ा दीं। पड़ोसियों ने साफ-साफ बताया कि 21 मई को उन्होंने मधु को किसी गैर मर्द के साथ नहीं, बल्कि खुद उसके पति अंकित भगत के साथ स्कूटी पर बैठकर जाते हुए देखा था।
इस चश्मदीद गवाह के सामने आते ही पुलिस और मायके वालों की सुई सीधे अंकित पर आकर टिक गई। अगर मधु अंकित के साथ गई थी, तो परिवार ने उसके भागने की झूठी कहानी क्यों रची? अब पुलिस ने अंकित के बैकग्राउंड को खंगालना शुरू किया।
Gurugram story: बस स्टैंड के पास का वह ‘सीक्रेट कमरा’
जब पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों तंत्र को एक्टिव किया, तो अंकित भगत के जीवन का सबसे बड़ा और काला राज सामने आ गया। पुलिस को पता चला कि अंकित ने पिछले दो साल से मानेसर बस स्टैंड के पास एक कमरा किराए पर ले रखा था। इसी सीक्रेट रूम में उसकी वह लिव-इन पार्टनर (गर्लफ्रेंड) अपने छोटे बच्चे के साथ रहती थी, जिसके बारे में अंकित ने शादी के वक्त झूठ बोला था।
अब जांच का केंद्र बिंदु खोह गांव से हटकर मानेसर बस स्टैंड के पास स्थित उस किराये के मकान पर शिफ्ट हो चुका था। पुलिस को पूरा अंदेशा था कि मधु को ढूंढने की चाबी इसी कमरे के भीतर मिलेगी।

Gurugram story: दरवाजा टूटा और सामने आया खौफनाक मंजर
रविवार दोपहर को मानेसर थाना पुलिस की एक विशेष टीम भारी पुलिस बल के साथ उस किराये के मकान पर पहुंची। कमरे के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका हुआ था। आसपास सन्नाटा था। पुलिस ने बिना देरी किए भारी हथौड़े से दरवाजे के ताले को तोड़ा और जैसे ही दरवाजा खुला, अंदर मौजूद पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए।
पूरे कमरे में एक असहनीय और तेज बदबू फैली हुई थी, जो इस बात का साफ इशारा थी कि अंदर कोई लाश सड़ रही है। पुलिसकर्मी रुमाल से अपनी नाक बंद कर जैसे ही अंदर बने बाथरूम की तरफ बढ़े, वहां का नजारा देखकर सबकी रूह कांप गई। बाथरूम के फर्श पर मधु का बुरी तरह सड़ चुका शव बरामद हुआ। लाश कई दिन पुरानी होने के कारण क्षत-विक्षत होने लगी थी।
Gurugram story: फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम का रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा
वारदात की भयावहता को देखते हुए तुरंत सीन ऑफ क्राइम की टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को मौके पर बुलाया गया। कमरे और बाथरूम की बारीकी से जांच की गई। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल (बाथरूम और कमरे के अंदर) से दो खाली कारतूस (गोलियों के खोल) बरामद हुए।
इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। जब डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जारी की, तो हत्या की क्रूरता साफ हो गई:
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पॉइंट ब्लैंक रेंज मर्डर: डॉक्टरों के मुताबिक, मधु की मौत कोई साधारण दम घुटने या मारपीट से नहीं हुई थी। कातिल ने मधु के सिर में, बिल्कुल कनपटी से सटाकर बेहद नजदीक से दो गोलियां मारी थीं।
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संभलने का मौका नहीं दिया: गोली इतनी नजदीक से मारी गई थी कि मधु को चीखने या खुद को बचाने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला। गोली लगते ही मौके पर ही उसकी तत्काल मौत हो गई थी।
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बाथरूम में बंद किया शव: हत्या को अंजाम देने के बाद, कमरे में खून न फैले और बदबू बाहर न जाए, इसलिए अंकित और उसकी पार्टनर ने शव को घसीटकर बाथरूम में डाल दिया और उसे बाहर से बंद कर दिया।
Gurugram story: बच्चे को गोद में लेकर भागते दिखे हत्यारे
पुलिस तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, खोह गांव और वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। पुलिस के हाथ कुछ अहम वीडियो फुटेज लगी हैं। इसके अलावा, मृतका के पिता अशोक ने जब आसपास के लोगों से गहराई से पूछताछ की, तो पता चला कि 21 मई की इस वारदात के ठीक बाद आरोपी अंकित भगत और उसकी गर्लफ्रेंड अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए हुए बेहद डरे, सहमे और हड़बड़ाहट में वहां से भागते हुए देखे गए थे।
कानून के शिकंजे से बचने के लिए दोनों ने तुरंत दिल्ली-एनसीआर या किसी अन्य राज्य में रफूचक्कर होने का फैसला किया। हत्या को अंजाम देकर वे तुरंत वहां से फरार हो गए।
Gurugram story:ससुराल पक्ष की भूमिका: साजिश में माता-पिता भी शामिल!
इस पूरी वारदात में केवल अंकित और उसकी लिव-इन पार्टनर ही गुनहगार नहीं हैं, बल्कि अंकित का पूरा परिवार अब पुलिस के रडार पर है। मृतका के पिता अशोक ने पुलिस के सामने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट लिखने में अंकित के माता-पिता और अन्य रिश्तेदार भी बराबर के साझीदार हैं।
अशोक का कहना है कि जब 21 मई को ही मधु की हत्या की जा चुकी थी, तो ससुराल वालों ने मायके वालों को गुमराह करने के लिए ‘गहने लेकर भागने’ की झूठी कहानी क्यों सुनाई? असल में, यह झूठी कहानी पूरी प्लानिंग के तहत रची गई थी ताकि:
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मधु के मायके वाले और पुलिस गलत दिशा में जांच करते रहें।
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इस बीच मुख्य आरोपी अंकित भगत और उसकी गर्लफ्रेंड को शहर से सुरक्षित भागने के लिए पर्याप्त समय (Window) मिल सके।
पुलिस ने अब अंकित के माता-पिता और रिश्तेदारों के खिलाफ भी सबूत जुटाना शुरू कर दिया है कि कैसे उन्होंने एक संगीन अपराध को छिपाने और अपराधियों को भगाने में मदद की।
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Gurugram story: पुलिसिया कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
गुरुग्राम पुलिस की कई टीमें अब इस डबल मर्डर मिस्ट्री (धोखाधड़ी और क्रूर हत्या) के मुख्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। पुलिस की रणनीति इस प्रकार है:
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मोबाइल सर्विलांस: अंकित और उसकी गर्लफ्रेंड के पुराने मोबाइल नंबरों और उनके संभावित ठिकानों की सीडीआर (Call Detail Record) निकाली जा रही है।
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सीसीटीवी मैपिंग: मानेसर बस स्टैंड, खोह गांव और शहर से बाहर जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है ताकि उनके भागने के रूट का पता चल सके।
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जल्द गिरफ्तारी का दावा: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य और चशमदीदों के बयान बेहद पुख्ता हैं। आरोपियों के खिलाफ हत्या (IPC 302/नया कानून) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
महज तीन महीने पहले जिस बेटी को पिता ने लाल जोड़े में विदा किया था, उसका अंत एक किराये के मकान के बदबूदार बाथरूम में होगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। यह घटना चीख-चीख कर आगाह करती है कि शादी जैसे पवित्र बंधन में कदम रखने से पहले सामने वाले के बैकग्राउंड की पूरी जांच करना कितना अनिवार्य है। Gurugram story
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