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रियल लव स्टोरी

Faridabad Love: 8 महीने की लव स्टोरी का खौफनाक अंत: वॉलीबॉल प्लेयर का किडनैप, और खतरनाक खेल

Faridabad Love : यह कहानी है 21 वर्षीय मोनू की, जो राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित सैदपुर गांव का रहने वाला था। मोनू अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उस पर पूरे घर की जिम्मेदारी और उम्मीदें टिकी थीं। उसके दो छोटे भाई हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। मोनू सिर्फ एक आम युवा नहीं था, बल्कि वह खेल की दुनिया में अपनी पहचान बना रहा था। वह कबड्डी और वॉलीबॉल का एक बेहतरीन खिलाड़ी था। वॉलीबॉल में उसने स्टेट लेवल (राज्य स्तर) की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था और कई मेडल जीतकर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया था।

मोनू का जीवन खेल, अभ्यास और अपने सुनहरे भविष्य के सपनों के इर्द-गिर्द घूम रहा था। लेकिन करीब 8 महीने पहले उसकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने उसकी किस्मत का रुख हमेशा के लिए बदल दिया।

Faridabad Love: 8 महीने पहले शुरू हुई लव-स्टोरी और पारिवारिक बंदिशें

करीब 8 महीने पहले मोनू की मुलाकात फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग लड़की से हुई। लड़की का ननिहाल (मामा का घर) राजस्थान के उसी सैदपुर गांव में था, जहां मोनू रहता था। गांव में मोनू का घर और लड़की के मामा का घर बिल्कुल पास-पास थे। जब भी लड़की अपने मामा के घर आती, उसकी मुलाकात मोनू से हो जाती थी।

धीरे-धीरे दोनों की यह सामान्य जान-पहचान गहरी दोस्ती में बदल गई और देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। दोनों घंटों बातें करते और साथ जीने-मरने के सपने देखने लगे। लेकिन इस मासूम प्रेम कहानी के पीछे एक ऐसा सामाजिक पेंच था, जो आगे चलकर मोनू के लिए काल बनने वाला था।

रिश्ते में मोनू और वह लड़की आपस में भाई-बहन लगते थे। जब लड़की के परिवार वालों को इस प्रेम प्रसंग की भनक लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके लिए यह रिश्ता सामाजिक और पारिवारिक मर्यादा के बिल्कुल खिलाफ था। उन्होंने लड़की पर बंदिशें लगानी शुरू कर दीं और मोनू से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। लड़की वापस फरीदाबाद लौट आई, लेकिन दोनों का प्यार कम नहीं हुआ और वे फोन के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहे।

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Faridabad Love घायल हालात में मोनू

Faridabad Love: अप्रैल का वह हफ्ता: लड़की का घर छोड़ना और किडनैपिंग का केस

वक्त गुजरता गया और परिवार का दबाव बढ़ता गया। इसी तनाव के बीच, अप्रैल के महीने में एक दिन वह नाबालिग लड़की बिना किसी को कुछ बताए अचानक अपने फरीदाबाद स्थित घर से लापता हो गई। घरवाले उसे ढूंढते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। लड़की के परिजनों ने तुरंत इस पूरी घटना का जिम्मेदार मोनू को ठहराया। उनका मानना था कि मोनू ने ही उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगाया है।

लड़की के पिता ने तुरंत फरीदाबाद के तिगांव थाने में मोनू के खिलाफ अपहरण (किडनैपिंग) का केस दर्ज करवा दिया, जिसकी FIR संख्या 51 थी। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। इस बीच, लड़की घर छोड़ने के महज दो दिन बाद ही दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिले के पास से बरामद हो गई।

मोनू के परिजनों (मुरारी गुर्जर) के मुताबिक, जब उन्हें पुलिस केस और लड़की के लापता होने की बात पता चली, तो उन्होंने खुद सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए लड़की की तलाश की थी और उसे सुरक्षित उसके परिवार के पास छोड़ कर आए थे। मोनू के परिवार को लगा कि लड़की के वापस मिलने के बाद अब मामला शांत हो जाएगा, लेकिन लड़की के परिजनों के दिल में प्रतिशोध की आग सुलग रही थी।

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Faridabad Love: 17 मई: जांच में शामिल होने निकला था मोनू, रास्ते में हुआ किडनैप

पुलिस में केस दर्ज होने के बाद कानूनन मोनू को तफ्तीश में शामिल होना था। 17 मई को सुबह करीब 10:30 बजे मोनू ने अपने घर (सैदपुर, भिवाड़ी) में अपने चाचा नरेंद्र को बताया कि वह अपनी बाइक लेकर फरीदाबाद के तिगांव थाने जा रहा है ताकि पुलिस जांच में शामिल होकर अपनी बेगुनाही साबित कर सके।

मोनू दोपहर करीब 12:30 बजे फरीदाबाद की सीमा में दाखिल हुआ। वह तिगांव थाने पहुंचने ही वाला था कि रास्ते में घात लगाए बैठे लड़की के पिता और उसके परिवार के अन्य पुरुषों ने उसे घेर लिया। मोनू कुछ समझ पाता या वहां से भागने की कोशिश करता, उससे पहले ही आरोपियों ने उसे जबरन दबोच लिया। एक खिलाड़ी जो मैदान पर अपनी फुर्ती के लिए जाना जाता था, उसे नफरत से अंधे हो चुके भीड़ नुमा परिवार ने किडनैप कर लिया।

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Faridabad Love अस्पताल में मौजूद मोनू के परिजन।

Faridabad Love: ट्यूबवेल के कमरे में 3 दिनों तक बर्बरता और टॉर्चर की इंतिहा

अंकित और उसके साथियों ने मोनू को अगवा करने के बाद सीधे थाने ले जाने के बजाय, उसे फरीदाबाद के एक सुनसान इलाके में खेतों के बीच बने अपने ट्यूबवेल के घर (फार्महाउस) में ले गए। वहां मोनू को बंधक बना लिया गया। 17 मई की दोपहर से लेकर 20 मई तक, यानी पूरे तीन दिनों तक मोनू को उस अंधेरे कमरे में कैद रखा गया।

इन तीन दिनों में मोनू के साथ जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मशार करने वाला था। लड़की के परिजनों ने उस पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और लात-घूंसों से बेरहमी से हमला किया। मोनू उनसे रहम की भीख मांगता रहा, अपनी बेगुनाही की दुहाई देता रहा, लेकिन कातिलों का दिल नहीं पघला। वे उसे तब तक पीटते रहे जब तक कि उसकी हड्डियां नहीं चटक गईं और वह पूरी तरह लहूलुहान होकर अचेत नहीं हो गया।

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Faridabad Love मोनू का फाइल फोटो।

Faridabad Love: खुद ही लाश फेंककर थाने पहुंचा कातिल पिता

20 मई को जब आरोपियों को लगा कि मोनू अब मरने की कगार पर पहुंच चुका है और उसकी सांसें उखड़ने वाली हैं, तो उन्होंने अपनी रणनीति बदली। कानून के शिकंजे से बचने और मामले को एक अलग रंग देने के लिए, उन्होंने अधमरी और गंभीर हालत में मोनू को गांव की एक सड़क पर लाकर फेंक दिया।

इसके बाद, साजिश के तहत लड़की का पिता खुद 20 मई को तिगांव थाने पहुंच गया। उसने पुलिस के सामने बेहद चालाकी से कहा— “सर, मेरी बेटी को अगवा करने वाले उस लड़के को हमने पकड़ लिया है, वह हमारे घर के पास पड़ा हुआ है।”

फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने पुलिस को यह सूचना दी, तिगांव थाना प्रभारी रंधीर की अगुवाई में एक पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब मोनू को देखा तो वह थर-थर कांप रहा था और उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत नजदीकी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, मोनू के शरीर के अंदरूनी जख्म इतने गहरे थे कि उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

Faridabad Love: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: रोंगटे खड़े कर देने वाला सच

जब डॉक्टरों के पैनल ने मोनू के शव का पोस्टमॉर्टम किया, तो जो रिपोर्ट सामने आई उसने पुलिस अधिकारियों को भी भीतर तक हिलाकर रख दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह केवल मारपीट नहीं, बल्कि तड़पा-तड़पा कर की गई निर्मम हत्या थी:

  • पसलियां टूटकर फेफड़ों में घुसीं: मोनू की छाती पर इतनी बेरहमी से वार किए गए थे कि उसकी पसलियों की हड्डियां टूट गईं और वे टूटकर सीधे उसके फेफड़ों (Lungs) के अंदर धंस गईं, जिससे उसे सांस लेने में भयंकर तकलीफ हुई और अंदरूनी ब्लीडिंग शुरू हो गई।

  • चेहरे की हड्डियां चकनाचूर: लगातार सिर और चेहरे पर प्रहार करने के कारण मोनू के सिर की हड्डी और नाक की हड्डी पूरी तरह टूट चुकी थी।

  • हाथ-पैरों पर गहरे घाव: तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखने के दौरान उसके हाथ और पैरों पर बेरहमी से टॉर्चर करने के गहरे निशान और घाव मिले।

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Faridabad Love फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल जानकारी देेते हुए।

Faridabad Love: पुलिसिया कार्रवाई: 3 महिलाओं समेत 15 पर केस दर्ज

मोनू की मौत के बाद फरीदाबाद की तिगांव थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने मृतक मोनू के चाचा नरेंद्र के बयान के आधार पर 3 महिलाओं सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ हत्या (IPC 302/नया कानून) और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

तिगांव थाना प्रभारी रंधीर ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि किडनैपिंग की पूरी कड़ियाँ क्या थीं और इसमें कौन-कौन सीधे तौर पर शामिल था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 2 आरोपियों को राउंडअप (हिरासत में) कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। बाकी फरार आरोपियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

एक उभरते हुए वॉलीबॉल खिलाड़ी का इस तरह से अंत हो जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गया है। जिस लड़के को पुलिस जांच में शामिल होकर कानून के सामने अपनी बात रखनी थी, उसे समाज की झूठी शान और ऑनर किलिंग (Honor Killing) की मानसिकता ने हमेशा के लिए खामोश कर दिया। Faridabad Love

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