Devar Bhabhi Love Story: दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-62 के एक शांत अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल। रात के करीब 11 बज रहे थे। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था, सिवाय उस कमरे के जहाँ 28 साल की अंजलि खिड़की के पास बैठी सूनी आँखों से आसमान को निहार रही थी।
अंजलि के हाथों की चूड़ियाँ टूट चुकी थीं और उसकी मांग का सिंदूर वक्त की बेरहमी ने छीन लिया था। महज छह महीने पहले, एक सड़क हादसे में अंजलि के पति अमित की मौत हो गई थी। अमित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और अंजलि के साथ एक खुशहाल जिंदगी जी रहे थे।
अमित की मौत ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया था। लेकिन सबसे ज्यादा अंधकार अंजलि की जिंदगी में छा गया था। उस पूरे घर में अगर कोई अंजलि के इस मूक दर्द को समझ पा रहा था, तो वह था अमित का छोटा भाई- 24 साल का रोहन। रोहन दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका था और अभी नौकरी की तलाश में था।

Devar Bhabhi Love Story
रोहन अपने बड़े भाई अमित से बेहद प्यार करता था और भाभी अंजलि को हमेशा अपनी बड़ी बहन की तरह सम्मान देता आया था। लेकिन भैया के जाने के बाद, जब भी वह भाभी को इस तरह जिंदा लाश की तरह बैठे देखता, तो उसका दिल बैठ जाता था।
उसने मन ही मन संकल्प लिया था कि वह भाभी के चेहरे पर वापस मुस्कान लेकर आएगा। लेकिन वह नहीं जानता था कि अपनों को संभालने की यह जिद, कब एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देगी जहाँ समाज की मर्यादा और दिल के जज्बात आपस में टकराने लगेंगे।
Devar Bhabhi Love Story: आँसुओं का सफर और चुपके से बदली धड़कनें
दिन बीतते गए। रोहन ने अंजलि का ध्यान रखने के लिए अपनी कोचिंग और दोस्तों से दूरी बना ली। वह सुबह अंजलि के लिए चाय बनाता, दोपहर में जबरदस्ती उसे खाना खिलाता और रात को देर तक उसके पास बैठकर पुरानी बातें करता ताकि उसका मन बहल सके।
“भाभी, अगर आप इस तरह खाना नहीं खाएंगी, तो भैया की आत्मा को कितना दुख होगा? आपको मेरे लिए संभालना होगा,” रोहन ने एक दिन अंजलि के सामने खाने की थाली रखते हुए बेहद भावुक होकर कहा।
अंजलि की आँखों से आंसू छलक पड़े। उसने रोहन की तरफ देखा, जिसकी आँखों में उसके लिए बेइंतहा फिक्र और छटपटाहट थी। अंजलि ने रोहन का हाथ थाम लिया और कहा, “रोहन, अगर तुम न होते, तो मैं शायद अमित के साथ ही सती हो जाती। इस सूने घर में सिर्फ तुम्हारी आवाज ही मुझे जिंदा रखती है।”
Devar Bhabhi Love Story
उस स्पर्श में कुछ अजीब था। वह सिर्फ एक देवर और भाभी का दर्द नहीं था, बल्कि दो तन्हा रूहों का एक-दूसरे के लिए सहारा था। अंजलि को रोहन के भीतर अमित की परछाई दिखने लगी थी- वही केयरिंग स्वभाव, वही मुस्कुराती हुई आँखें।
वहीं रोहन के मन में भी भाभी के प्रति सम्मान धीरे-धीरे एक गहरे आकर्षण और सुरक्षा की भावना में बदलने लगा था। जब भी रोहन अंजलि के करीब आता, उसके दिल की धड़कनें बेकाबू होने लगती थीं। यह एक ऐसा ‘लव कॉकटेल’ था जिसे दोनों जानते थे कि यह गलत है, लेकिन वक्त के थपेड़ों ने उन्हें इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया था।

Devar Bhabhi Love Story: वो बारिश की रात और टूट गई मर्यादा की दीवार
सितंबर का महीना था और नोएडा में दो दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। बिजली गुल थी और आसमान में बादलों की तेज गड़गड़ाहट हो रही थी। अंजलि अपने कमरे में अकेली बैठी थी। अचानक बिजली कड़की और पूरे अपार्टमेंट में अंधेरा छा गया। डर के मारे अंजलि के मुंह से चीख निकल गई।
रोहन टॉर्च लेकर तुरंत अंजलि के कमरे की तरफ भागा। जैसे ही वह अंदर पहुंचा, डर से कांप रही अंजलि ने बिना सोचे-समझे रोहन को गले से लगा लिया। रोहन ने भी टॉर्च नीचे रख दी और अपनी बाहों का घेरा अंजलि के गिर्द कस दिया।
उस अंधेरे कमरे में, सिर्फ बाहर हो रही बारिश की आवाज थी और उन दोनों की तेज चलती सांसें। रोहन ने धीरे से अंजलि का चेहरा ऊपर उठाया। नाइट बल्ब की मद्धम रोशनी में अंजलि की भीगी आँखें और उसके होंठ कुछ कह रहे थे। रोहन खुद पर काबू नहीं रख पाया। उसने अंजलि के माथे को चूमा, फिर उसकी आँखों को और देखते ही देखते दोनों के बीच देवर-भाभी के रिश्ते की वो आखिरी दीवार भी ढह गई।
उस रात अंजलि को अमित के जाने के बाद पहली बार किसी के आगोश में वो गरमाहट महसूस हुई थी। उन्होंने दुनिया को भुलाकर एक-दूसरे को अपना लिया था। यह ‘Devar Bhabhi Romance’ वासना का खेल नहीं था, बल्कि दो अकेलेपन से जूझ रहे दिलों का आत्मसमर्पण था।

Devar Bhabhi Love Story: समाज का पंचनामा और बदनामी का डर
सुबह जब सूरज की पहली किरण कमरे में दाखिल हुई, तो अंजलि के होश ठिकाने आए। वह बिस्तर से उठी और खुद को आईने में देखकर रोने लगी। उसे ग्लानि महसूस हो रही थी कि उसने अपने मृत पति के भाई के साथ मर्यादा लांघ दी थी। रोहन ने उसके पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखा, “भाभी, मैं आपसे प्यार करता हूँ। यह कोई गुनाह नहीं है। मैं दुनिया के सामने आपको अपनी पत्नी का दर्जा देना चाहता हूँ।”
लेकिन बात इतनी आसान नहीं थी। कुछ ही दिनों में पड़ोस की औरतों और रिश्तेदारों ने रोहन का हर वक्त अंजलि के कमरे में रहना नोटिस करना शुरू कर दिया था। कानाफूसी शुरू हो चुकी थी।
एक दिन अमित के बड़े फूफा जी अचानक घर आ धमके। उन्होंने रोहन और अंजलि को हॉल में बैठाया और कड़क आवाज में कहा, “यह क्या तमाशा चल रहा है इस घर में? अमित को मरे अभी साल भर भी नहीं हुआ और तुम दोनों के चक्करों की चर्चा पूरे खानदान में हो रही है।
समाज थू-थू कर रहा है। रोहन, तुम इस लड़की के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो। और बहू, तुम्हें थोड़ी तो लोक-लाज का खौफ होना चाहिए!”
फूफा जी के शब्द अंजलि के कानों में पिघले हुए शीशे की तरह उतरे। उसका रो-रोकर बुरा हाल था। रोहन चिल्लाया, “फूफा जी, बंद कीजिए यह बकवास! जब भाभी डिप्रेशन में थीं, तब आप में से कोई नहीं आया। अब जब मैं इनका सहारा बन रहा हूँ, तो आपको समाज की फिक्र हो रही है? मैं भाभी से शादी करूँगा!”

Devar Bhabhi Love Story: बंद कमरे का वो खौफनाक फैसला
फूफा जी तो धमकी देकर चले गए कि वे अगले हफ्ते आकर अंजलि को उसके मायके भेज देंगे और रोहन की शादी कहीं और करा देंगे। इस बात ने रोहन और अंजलि को अंदर से तोड़ दिया। वे समझ चुके थे कि यह रूढ़िवादी समाज उन्हें कभी एक नहीं होने देगा। उनके बीच का यह पवित्र रोमांस दुनिया की नजरों में सिर्फ एक ‘पाप’ बनकर रह जाएगा।
उस रात रोहन अंजलि के कमरे में गया। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। अंजलि ने रोहन की आँखों में देखते हुए कहा, “रोहन, मैं तुम्हारे बिना अब एक पल भी नहीं जी सकती। अगर ये लोग मुझे तुमसे दूर ले गए, तो मैं मर जाऊंगी।”
रोहन की आँखों में एक अजीब सा ठहराव और सस्पेंस था। उसने अंजलि के गालों को चूमा और कहा, “भाभी… नहीं, मेरी अंजलि। हमें कोई जुदा नहीं कर सकता। अगर इस दुनिया में हमारा प्यार मुकम्मल नहीं हो सकता, तो हम एक ऐसी दुनिया में चलेंगे जहाँ कोई समाज नहीं होगा, कोई बंदिशें नहीं होंगी।”
अंजलि समझ गई कि रोहन का इशारा किस तरफ था। दोनों ने अलमारी से एक सफेद चादर निकाली और उसे बेड पर बिछाया। दोनों नए कपड़ों में सजे, जैसे उनकी शादी का दिन हो। रोहन ने बाजार से लाया हुआ एक जहरीला लिक्विड दो गिलासों में डाला। दोनों ने एक-दूसरे की आँखों में देखा, जहाँ कोई खौफ नहीं बल्कि एक-दूसरे को पाने का सुकून था। उन्होंने गिलास उठाए और एक ही सांस में पी गए।
Devar Bhabhi Love Story: अधूरी दास्तान और सूना फ्लैट
अगली सुबह जब दूधवाले ने घंटी बजाई, तो कोई दरवाजा खोलने नहीं आया। जब पुलिस ने आकर दरवाजा तोड़ा, तो बेडरूम का नजारा देखकर सबकी रूह कांप गई। सफेद चादर पर रोहन और अंजलि एक-दूसरे का हाथ थामे हमेशा के लिए सो चुके थे। उनके चेहरे पर कोई दर्द नहीं था, बल्कि एक अजीब सा सुकून था। पास ही एक सुसाइड नोट पड़ा था, जिस पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी:
“अगर देवर-भाभी का एक-दूसरे को संभालना और प्यार करना पाप है, तो हम इस पापी समाज को छोड़कर जा रहे हैं। हमारी आखिरी इच्छा है कि हमें मरने के बाद एक ही चिता पर विदा किया जाए।”
नोएडा का वह फ्लैट आज भी खाली पड़ा है। लोग कहते हैं कि आज भी जब भारी बारिश होती है, तो उस तीसरी मंजिल की खिड़की से दो साए एक-दूसरे का हाथ थामे आसमान को निहारते नजर आते हैं। उनका रोमांस इस दुनिया में तो अधूरा रह गया, लेकिन मौत की दहलीज पार करके वे हमेशा के लिए एक-दूसरे के नाम हो गए। Devar Bhabhi Love Story
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