Romantic Love नवंबर की गुनगुनी धूप में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज का कैंपस आज सामान्य दिनों से अलग दिख रहा था। चारों तरफ झंडियों और गुब्बारों की सजावट थी, और लाउडस्पीकर पर अस्सी के दशक के क्लासिक नगमे गूँज रहे थे। मौका था—1996 बैच का 30 वर्षीय री-यूनियन (Alumni Meet)।
अमित ने कॉलेज के मुख्य द्वार से भीतर कदम रखा। 53 साल के अमित, एक जाने-माने वाइल्डलाइफ और ट्रैवल फ़ोटोग्राफ़र थे। चेहरे पर धूप से पका सांवलापन, करीने से तराशी हुई सफ़ेद-काली दाढ़ी, और गले में लटकता कैमरा—उनकी पहचान बन चुका था।
अमित ने अपनी पूरी ज़िंदगी दुनिया के कोने-कोने में फ़ोटो खींचते हुए बिता दी थी। शादी? उसके लिए कभी फुर्सत ही नहीं मिली, या शायद दिल किसी एक जगह ठहरने को तैयार ही नहीं हुआ था। Romantic Love
कदम आगे बढ़ाते हुए अमित की नज़रें किसी को ढूँढ रही थीं। तभी पीछे से एक हंसमुख आवाज़ आई, “अरे अमित! तू बदला नहीं यार, आज भी कैमरे के पीछे ही छुप रहा है!”
अमित ने मुड़कर देखा, उनके पुराने दोस्त संजीव और विकास खड़े थे। पुरानी यादों के ठहाके लगे, गले मिलना हुआ, और अतीत की बातें शुरू हो गईं। लेकिन अमित का ध्यान बार-बार मुख्य द्वार की तरफ ही चला जाता। Romantic Love
और तभी… वह आई।
काव्या। 51 वर्ष की ग्रेसफुल, शांत और सौम्य काव्या। नेवी ब्लू रंग की कॉटन साड़ी, गले में एक सादा मोतियों का हार, और आँखों पर हल्का सा चश्मा। उम्र ने उनके चेहरे पर जो झुर्रियाँ उकेरी थीं, वे उनकी खूबसूरती को कम करने के बजाय उसमें एक अजीब सी गरिमा जोड़ रही थीं। काव्या अब एक मशहूर यूनिवर्सिटी में लिटरेचर की प्रोफ़ेसर थीं। छह साल पहले एक असफल शादी से बाहर निकलने के बाद, वे अपनी शर्तों पर सुकून की ज़िंदगी जी रही थीं।
30 साल बाद दोनों की नज़रें मिलीं। Romantic Love
ज़माने का शोर जैसे अचानक थम गया। 1995 की वह आखिरी मुलाकात, वह ग़लतफ़हमी, वह अनकहा दर्द—सब कुछ एक पल में घूम गया।
काव्या ने एक हल्की सी मुस्कान के साथ अमित की तरफ देखा। अमित के हाथ में पकड़ा कैमरा एक पल के लिए हिल गया। अमित धीरे-धीरे उनके पास पहुँचे।
“नमस्ते काव्या,” अमित की आवाज़ में एक अनजाना भारीपन था।
“नमस्ते अमित… कैसे हो?” काव्या का स्वर शांत था, पर आँखों में बीते कल की हलचल साफ़ दिख रही थी।
“मैं… मैं ठीक हूँ। तुम्हें इतने सालों बाद देखकर बहुत अच्छा लगा,” अमित ने कहा।
“मुझे भी,” काव्या ने अपने चश्मे को ठीक करते हुए कहा। “लगता है तुमने अपनी पूरी ज़िंदगी इस कैमरे में कैद कर ली?”
अमित ने अपनी उंगलियों से कैमरे के लेंस को छुआ और मुस्कुराए, “शायद… या शायद मैं कुछ ऐसा ढूँढने की कोशिश कर रहा था जो पीछे छूट गया था।” Romantic Love

Romantic Love: कॉलेज की पुरानी कैंटीन और अनकही बातें
री-यूनियन का हुड़दंग जब ज़रा कम हुआ, तो दोनों अनजाने में ही भीड़ से कटकर कॉलेज की पुरानी कैंटीन की ओर बढ़ गए। वह लाल ईंटों वाली दीवारें और पीपल का पेड़ आज भी वहीं थे, बस बेंच थोड़ी नई हो गई थीं।
काव्या ने दो कप चाय मंगवाई। चाय के प्लास्टिक के कप हाथ में थामे, दोनों पीपल के पेड़ की छाँव में रखी बेंच पर बैठ गए।
“तुमने शादी क्यों नहीं की अमित?” काव्या ने सीधे मुद्दे पर आते हुए पूछा। 50 के पार की उम्र का यह फ़ायदा होता है कि झिझक के मुखौटे उतर जाते हैं। Romantic Love
अमित ने चाय की चुस्की ली और दूर देखते हुए बोले, “कोशिश की थी। लेकिन जब भी किसी के करीब जाने लगता, मुझे लगता कि मैं उसके साथ ईमानदार नहीं हो पा रहा हूँ। दिल का एक हिस्सा कहीं अटका हुआ था। और तुम?”
काव्या ने एक लंबी सांस ली। “शादी हुई थी… 8 साल चली। लेकिन जहाँ सम्मान और समझ न हो, वहाँ सिर्फ़ रिश्ता खींचना खुद के साथ अन्याय होता है। हमने आपसी सहमति से राहें अलग कर लीं। अब मैं अकेली हूँ, लेकिन बहुत शांत और खुश हूँ।”
अमित ने काव्या के चेहरे को ध्यान से देखा। उसमें अतीत का कोई मलाल नहीं था, सिर्फ़ एक परिपक्व स्वीकार्यता थी।
“काव्या… उस दिन,” अमित ने थोड़ा रुककर कहा, “1995 के उस आखिरी फ़ेयरवेल वाले दिन… तुमने मेरा इंतज़ार किया था?”
काव्या की आँखें थोड़ी सी सिकुड़ीं। “अमित, 30 साल बीत चुके हैं। अब उस बात का क्या मतलब?”
“मतलब है काव्या,” अमित का स्वर धीमा लेकिन गंभीर था। “मुझे लगा था कि तुम समीर के साथ लंदन जा रही हो। मुझे किसी ने गलत बताया था कि तुम मुझसे नहीं मिलना चाहतीं।”
काव्या हल्की सी कड़वाहट से मुस्कुराईं, “और तुमने एक बार भी मुझसे आकर पूछना ज़रूरी नहीं समझा? एक छोटी सी ग़लतफ़हमी… और तुमने मान लिया कि हमारा 30 महीनों का प्यार एक पल में खत्म हो गया?”
अमित ने अपना सिर झुका लिया। “मेरी ईगो… और मेरा बचपना। मुझे लगा कि अगर मैं तुम्हारे सामने आऊँगा तो मेरी आत्म-सम्मान को ठेस पहुँचेगी। यह मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी भूल थी काव्या।”
काव्या ने अमित को देखा। उनकी बातों में कोई बहाना नहीं था, सिर्फ़ एक सच्चा पछतावा था। काव्या का दिल पिघला। Romantic Love
“ग़लती सिर्फ़ तुम्हारी नहीं थी अमित,” काव्या ने बेहद कोमलता से कहा। “मैंने भी तो अपनी अना में तुम्हें दोबारा फ़ोन नहीं किया। हम दोनों ही 25 साल की उम्र में बहुत नादान थे। हमें लगा था कि ईगो प्यार से बड़ा होता है।”
दोनों के बीच कुछ देर खामोशी रही। लेकिन यह खामोशी भारी नहीं थी, यह 30 साल पुराने ज़ख्मों पर एक-दूसरे की स्वीकार्यता का मरहम लगा रही थी।

Romantic Love: पुरानी दिल्ली की गलियाँ और ठहरता समय
री-यूनियन खत्म हो गया, सब अपने-अपने घरों को लौट गए। लेकिन अमित और काव्या का यह सफर यहीं खत्म नहीं होना था। अगले ही दिन अमित ने काव्या को फ़ोन किया।
“काव्या… क्या आज शाम हम पुरानी दिल्ली चल सकते हैं? पराठे वाली गली, और वह पुरानी किताबों की दुकान? जैसे हम कॉलेज के दिनों में जाया करते थे?”
काव्या ने थोड़ी देर सोचा। फिर मुस्कुराकर बोलीं, “चलो। लेकिन इस बार पराठे तुम खिलाओगे!”
शाम को चांदनी चौक की तंग गलियों में, जहाँ लोगों का हुजूम था और मसालों की खुशबू हवा में तैर रही थी, 50 प्लस के ये दो लोग बच्चों की तरह घूम रहे थे।
अमित का कैमरा फिर से चालू था, लेकिन आज उनके लेंस का फोकस किसी जंगल या पहाड़ पर नहीं, बल्कि काव्या की मुस्कान पर था।
“अमित! मेरी फ़ोटो मत खींचो, अब मेरी उम्र फ़ोटो खिंचवाने की नहीं रही,” काव्या ने हंसते हुए अपने चेहरे को साड़ी के पल्लू से ढकने की कोशिश की।
“उम्र फ़ोटो की खूबसूरती नहीं तय करती काव्या,” अमित ने एक खूबसूरत फ्रेम कैप्चर करते हुए कहा। “तुम्हारी आँखों में जो ठहराव और समझदारी है, वह 25 साल की काव्या में नहीं थी। तुम आज ज़्यादा खूबसूरत हो।”
काव्या का चेहरा लाल हो गया। 51 साल की उम्र में इस तरह तारीफ सुनकर उनका दिल उसी तरह धड़क उठा जैसे 30 साल पहले धड़कता था। Romantic Love
वे ‘अंसारी रोड’ की एक पुरानी किताबों की दुकान पर गए। काव्या पुरानी उर्दू शायरी की एक किताब ढूँढ रही थीं। जब वे ऊपरी रैक से किताब निकालने लगीं, तो उनका संतुलन थोड़ा बिगड़ा।
अमित ने झट से आगे बढ़कर काव्या की कमर पर हाथ रखकर उन्हें संभाल लिया।
एक पल के लिए दोनों बहुत करीब आ गए। अमित के सांसों की गर्माहट काव्या को महसूस हुई। काव्या ने अमित के कंधे को थाम रखा था। काव्या के बालों की हल्की सी चमेली की खुशबू अमित के ज़ेहन में उतर गई।
कोई जल्दबाजी नहीं थी, कोई हवस नहीं थी—सिर्फ़ दो रूहों का एक-दूसरे में सिमट जाना था।
“संभलकर,” अमित ने फुसफुसाते हुए कहा।
“तुम जो हो संभालने के लिए,” काव्या के मुंह से अनजाने में ही निकल गया।
दोनों की नज़रें मिलीं और दोनों खिलखिलाकर हंस पड़े। उस पल में, ३० साल का फ़ासला पूरी तरह मिट चुका था।

Romantic Love: लोधी गार्डन की शाम और इज़हार-ए-मोहब्बत
दिसंबर की शुरुआत थी। लोधी गार्डन के बड़े-बड़े पेड़ों के पीछे सूरज ढल रहा था, और आसमान में नारंगी व बैंगनी रंगों की आतिशबाज़ी हो रही थी।
अमित और काव्या एक ऊंचे टीले पर घास पर बैठे थे। काव्या ने अपने लिए एक शॉल ओढ़ रखी थी।
“अमित,” काव्या ने शांति को तोड़ते हुए कहा। “दिल्ली में तुम्हारा काम तो पूरा हो गया। अब आगे का क्या प्लान है? फिर किसी नए सफ़र पर?”
अमित ने काव्या की तरफ देखा। उन्होंने एक गहरी सांस ली, जैसे बहुत समय से रोके हुए किसी फैसले को आज ज़बान देनी हो।
“काव्या,” अमित ने काव्या की शॉल के ऊपर से उनके हाथ को अपने हाथों में ले लिया। अमित के बड़े, सख्त हाथ काव्या के कोमल हाथों को सुरक्षा का अहसास करा रहे थे।
“मैं 30 सालों से भाग रहा हूँ काव्या,” अमित ने कहा। “मैंने दुनिया के ७० देश घूमे हैं, सैकड़ों पहाड़ चढ़े हैं, हज़ारों नदियाँ देखी हैं। लेकिन सच जानती हो? मुझे कहीं भी ‘घर’ जैसी शांति नहीं मिली। मुझे लगता था कि मैं फ़ोटोग्राफ़ी के प्यार में हूँ, पर सच यह था कि मैं तुमसे भाग रहा था।”
काव्या खामोश रहीं, पर उनके हाथ ने अमित की पकड़ को थोड़ा और कस लिया।
“अब मैं थक गया हूँ काव्या,” अमित की आँखों में नमी थी। “अब मैं किसी नए शहर का नक्शा नहीं ढूँढना चाहता। मैं अपनी बची हुई ज़िंदगी तुम्हारे साथ बिताना चाहता हूँ। क्या तुम… क्या तुम मुझे अपनी ज़िंदगी का दूसरा मौका दोगी?”
काव्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं। उनकी पलकों से एक आंसू टूटकर गिरा और अमित के हाथ पर जा टपका। Romantic Love
“अमित…” काव्या ने रुँधे हुए गले से कहा। “हम 25 साल के लड़के-लड़की नहीं हैं। हमारे अपने ढर्रे हैं, अपनी आदतें हैं। इस उम्र में प्यार करना इतना आसान नहीं होता।”
“कौन कहता है कि हम २५ साल के हैं?” अमित ने मुस्कुराकर कहा। “हम 50 के हैं! और 50 के प्यार की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें हमें एक-दूसरे को बदलने की ज़रूरत नहीं है। हम जैसे हैं, एक-दूसरे को वैसे ही स्वीकार करेंगे। मुझे तुम्हारी कोई शर्त नहीं बदलनी, बस तुम्हारा हाथ थामकर शाम की चाय पीनी है।”
काव्या ने अमित को देखा। अमित के चेहरे पर कोई बनावट नहीं थी, सिर्फ़ एक बच्चे जैसी मासूमियत और समर्पण था।
काव्या ने मुस्कुराते हुए अपना सिर अमित के कंधे पर रख दिया। अमित ने अपनी बांहें काव्या के चारों तरफ लपेट लीं। ठंडी हवा चल रही थी, लेकिन दोनों के बीच एक अनूठी गर्माहट थी।
“मुझे मंज़ूर है अमित,” काव्या ने धीमी आवाज़ में कहा। “वन्स मोर… हमारी ज़िंदगी का यह नाटक अभी खत्म नहीं हुआ है। दूसरी पारी अभी बाकी है।”

Romantic Love: एक नई शुरुआत
तीन महीने बाद।
शिमला के पास एक छोटे से गाँव में, पहाड़ों से घिरे एक लकड़ी के खूबसूरत कॉटेज के बाहर एक तख्ती लगी थी—”काव्या और अमित का आशियाना”।
बालकनी में दो कुर्सियाँ लगी थीं। सामने ढलते हुए सूरज की लालिमा फैली हुई थी।
काव्या अपनी किताब पढ़ रही थीं और अमित अपने कैमरे में दिन भर खींची गई फ़ोटो देख रहे थे।
“अमित,” काव्या ने किताब बंद करते हुए कहा। “जरा देखो तो, यह चाय ठंडी हो रही है।”
अमित ने अपना कैमरा मेज़ पर रखा, काव्या के पास आए, और उनके कप में चाय उड़ेलते हुए बोले, “चाय ठंडी हो सकती है मैडम, लेकिन हमारी यह कहानी अब कभी ठंडी नहीं होगी।”
काव्या ने हंसकर अमित के गाल को हल्के से छू लिया। अमित ने झुककर काव्या के माथे पर एक लंबा, गहरा और रूहानी चुंबन (Kiss) अंकित कर दिया।
यह कोई तूफानी जवानी का रोमांस नहीं था। यह दो नदियों का समंदर में मिलने जैसा था—शांत, गहरा, और अनंत। 30 साल बाद ही सही, लेकिन प्यार ने अपना रास्ता ढूँढ ही लिया था।
जिंदगी के इस मोड़ पर, झुर्रियों से भरे हाथों ने जब एक-दूसरे को थामा, तो दुनिया की हर अधूरी कहानी पूरी हो गई। Romantic Love Story
यह भी पढ़ें-

डिजिटल गलियारों से ससुराल की चौखट तक: पति ने कराया प्रेमी से विवाह, एक जंग मोहब्बत की
रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, रियल लव स्टोरी और प्यार का पंचनामा पढ़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को फॉलो/लाइक करें।
यदि आप अपने मोबाइल पर रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, सच्ची प्रेम कहानी चाहते हैं तो हमारे व्हाटसएप चैनल को फॉलो करें।
💖 Love Calculator 💖
अपने और अपने पार्टनर के नाम से लव परसेंटेज चेक करें!




