Obsessive Love Crime:बुलंदशहर के खुर्जा स्थित शिवलोक कॉलोनी में उस रात सन्नाटा कुछ ज्यादा ही गहरा था। आवारा कुत्तों की रुक-रुककर उठने वाली भौंकने की आवाजें और हवा में तैरती बर्तनों की ढलाई वाली फैक्ट्रियों की चिमनियों की गंध- सब कुछ हमेशा जैसा ही था। सिवाय उस किराए के कमरे के, जिसकी बंद कुंडी के पीछे एक रिश्ते का खौफनाक अंत लिखा जा रहा था। Obsessive Love Crime
कमरे के फर्श पर फैला लाल खून अभी सूखा नहीं था। 38 साल की बेबी की बेजान देह पड़ी थी और पास ही बैठा था 42 साल का प्रेमी अजीत। उसकी आंखें पथरा चुकी थीं, हाथों में खून से सना चाकू थमा हुआ था और होठों पर एक अजीब सी, विक्षिप्त कर देने वाली खामोशी थी। वह गुस्से में बेधड़क बड़बड़ा रहा था- “अब करेगी शादी… अब करेगी किसी और से शादी…?”
पुलिस जब दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो अजीत न भागा, न चिल्लाया, बस वहीं लाश के पास बुत बना बैठा रहा। उसके चेहरे पर न तो पकड़े जाने का कोई डर था और न ही अपने किए का रत्ती भर मलाल।
लेकिन यह कहानी सिर्फ उस खौफनाक वारदात की नहीं है। यह कहानी है उस ‘प्यार’ की, जो असल में कभी प्यार था ही नहीं। यह कहानी है धोखे, झूठे वादों, एकतरफा जिद और उस खूनी वारदात की, जिसने वक्त के साथ एक हंसते-खेलते परिवार की चिता जला दी और चार मासूम बच्चों की जिंदगी में ऐसा अंधेरा भर दिया जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी : बेबी का फाइल फोटो
कहानी की शुरुआत तीन साल पहले होती है। दिल्ली के प्रेमनगर की रहने वाली बेबी की जिंदगी एक बेहद साधारण और सीधी लकीर पर चल रही थी। 15 साल पहले उसकी शादी बुलंदशहर के पंकज से हुई थी। पंकज खुर्जा में बर्तनों की एक छोटी सी दुकान/फैक्ट्री में काम करता था- मेहनती, सीधा-साधा इंसान, जिसकी दुनिया सुबह काम से शुरू होकर रात को चार बच्चों की मुस्कान पर खत्म होती थी। 8 से 13 साल के चार मासूम बच्चों- दो बेटों और दो बेटियों- की देखभाल में बेबी का दिन कैसे बीत जाता, पता ही नहीं चलता था।
दूसरी तरफ, शिवलोक कॉलोनी में ही महज 200 मीटर की दूरी पर रहता था अजीत ठेकेदार। मूल रूप से नेहरूपुर गांव का रहने वाला अजीत, खुर्जा की बर्तन फैक्ट्री में मजदूरी व ठेकेदारी करता था। उसकी अपनी जिंदगी ताश के पत्तों की तरह बिखरी हुई थी। अजीत की पत्नी उसे छोड़कर हमेशा के लिए जा चुकी थी। इकलौता बेटा भी बाप का साया छोड़कर मां के साथ चला गया था।
अजीत के पास चार दीवारों का एक किराए का कमरा था और एक भयावह तन्हाई।
फैक्ट्री से लौटकर जब वह अपने अकेले कमरे का ताला खोलता, तो उसे अपने ही कदमों की आहट से डर लगता। इसी अकेलेपन ने उसके भीतर एक अजीब सी सनक को जन्म दिया। वह कॉलोनी में अक्सर बेबी को आते-जाते देखता था। चार बच्चों की मां होने के बावजूद बेबी के चेहरे पर एक सादगी थी, जो अजीत के खालीपन को काटने लगती थी।
अजीत ने धीरे-धीरे बेबी का पीछा करना शुरू किया। कभी रास्ते में टकराने का बहाना ढूंढता, तो कभी काम के बहाने पंकज के घर के चक्कर लगाता।
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी बेबी का फाइल फोटो
Obsessive Love Crime: ‘प्यार’ का भ्रम और डेढ़ साल का अफेयर
अजीत ने धीरे-धीरे बेबी का भरोसा जीतना शुरू किया। कभी बच्चों के लिए टॉफियां ले आता, तो कभी पंकज की अनुपस्थिति में घर की छोटी-मोटी मदद कर देता। एक अकेली महिला, जिसके पति का ज्यादातर समय दुकान और काम में बीतता था, धीरे-धीरे अजीत को एक हमदर्द के रूप में देखने लगी।
तन्हाई से जूझ रहे अजीत को जब बेबी की हमदर्दी मिली, तो उसने उसे ‘प्यार’ समझ लिया। और बेबी, जो अपने रोजमर्रा के ढर्रे से ऊब चुकी थी, अजीत की बातों के मायाजाल में फंसती चली गई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और देखते ही देखते यह जान-पहचान डेढ़ साल लंबे एक गुप्त अफेयर में बदल गई। Obsessive Love Crime
बेबी अक्सर दोपहर के वक्त, जब बच्चे स्कूल में होते और पति काम पर, अजीत के कमरे पर जाने लगी। अजीत उसके लिए चाय बनाता, उसकी तारीफें करता और उसे अहसास दिलाता कि वह उसकी जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीज है।
“बेबी, तुम इस छोटे से मकान और चार बच्चों की जिम्मेदारी में घुट रही हो,” अजीत एक दिन उसका हाथ थामकर बोला था। “मेरे पास आओ। हम दोनों अपनी एक नई दुनिया बसाएंगे।”
लेकिन बेबी अपने चार मासूम बच्चों और 15 साल पुराने घर को तोड़ने की नीयत नहीं रखती थी। अजीत के लिए यह महज़ एक अफेयर नहीं था, यह उसकी जिद बन चुका था। वह तन्हाई के उस अंधेरे में दोबारा नहीं लौटना चाहता था, जहाँ से बेबी ने उसे निकाला था।
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी
Obsessive Love Crime: मोहभंग और दूरियों की दीवार
समय बीतने के साथ अजीत का प्यार एक खौफनाक कब्जे की भावना (Possessiveness) में बदलने लगा। वह बेबी पर दिन-रात दबाव बनाने लगा कि वह अपने पति पंकज को छोड़ दे, अपने चारों बच्चों को लावारिस छोड़ दे और उसके साथ भागकर शादी कर ले।
“तुम पागल हो गए हो क्या, अजीत?” एक दिन अजीत के कमरे में बेबी उस पर बिफर पड़ी। “मेरे चार छोटे-छोटे बच्चे हैं! 8 साल का सबसे छोटा बेटा है… उन्हें छोड़कर मैं तुम्हारे साथ शादी कर लूँ? मेरा पति सीधा इंसान है, उसने मेरा क्या बिगाड़ा है?”
“मुझे किसी की परवाह नहीं है, बेबी!” अजीत ने चीखकर कहा। “तुम्हारे पति के पास सब है… मेरे पास क्या है? सिर्फ तुम! अब तुम मुझे बीच राह में छोड़कर नहीं जा सकतीं!”
उस दिन बेबी की आंखें खुल गईं। उसे समझ आ गया कि जिस इंसान को वह अपना हमदर्द समझ रही थी, वह एक सिरफिरा और खतरनाक इंसान बन चुका था। उस दिन के बाद से बेबी ने अजीत से दूरियां बनानी शुरू कर दीं। उसने अजीत के फोन कॉल्स को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।
लेकिन अजीत का दिमाग अब पूरी तरह से काबू से बाहर हो चुका था। वह रात-रात भर जागकर शराब पीता और बदला लेने की योजना बनाने लगा। ‘अगर यह मेरी नहीं हो सकती, तो किसी की नहीं हो सकती’- यह घिनौना ख्याल उसके दिमाग पर हावी हो गया।
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी : बेबी का पति पंकज
Obsessive Love Crime: मंगलवार, 11 अगस्त 2026 की खूनी चाल
11 अगस्त 2026 (मंगलवार) की शाम ढल रही थी। पंकज हमेशा की तरह दुकान पर काम कर रहा था। घर पर चारों बच्चे अपनी मां के साथ मौजूद थे।
अचानक शाम को बेबी के फोन पर अजीत का कॉल आया। बेबी जाने के लिए तैयार होने लगी। उसकी बड़ी बेटी ने मां को तैयार होते देखकर मासूमियत से पूछा, “मम्मी, इतनी शाम को कहाँ जा रही हो? पापा भी काम पर गए हैं।”
बेबी ने बेटी के सिर पर हाथ फेरा और कहा, “बस बेटा, अभी थोड़ी देर में सामान लेकर आती हूँ।”
सुरक्षा के लिहाज से बेबी ने अपने बड़े बेटे को भी अपने साथ ले लिया। लेकिन अजीत बहुत चालाक था। वह चुंगी के पास गली में खड़ा इंतजार कर रहा था। जैसे ही उसने बेबी के साथ उसके बेटे को देखा, उसने चाल चली। उसने बच्चे को कोई बहाना बनाकर चुंगी के पास से ही वापस घर भेज दिया। Obsessive Love Crime
बड़ा बेटा घर लौट आया और उसने अपनी बहनों को बताया, “अजीत अंकल ने मुझे चुंगी से वापस भेज दिया और मम्मी को अपने साथ ले गए।”
उधर, किराए के कमरे के अंदर पहुंचते ही अजीत का व्यवहार बदल गया। कमरे में देशी शराब की बदबू फैली हुई थी। अजीत ने दरवाजा बंद करके कुंडी लगा दी।
Obsessive Love Crime: 17 वार और वो हैवानी मंजर
“तुम मानोगी नहीं न? मुझसे शादी नहीं करोगी?” अजीत की आवाज में वहशीपन था।
“अजीत, मुझे जाने दो! मेरे बच्चे घर पर अकेले हैं,” बेबी ने गिड़गिड़ाते हुए कहा। “हमारा अब कोई रिश्ता नहीं है!”
“कोई रिश्ता नहीं है?” अजीत चिल्लाया और उसने टेबल पर रखा बड़ा धारदार चाकू उठा लिया।
बेबी चीख पड़ी, लेकिन बंद कमरे से आवाज बाहर नहीं जा सकी। अजीत ने बिना दया दिखाए चाकू से वार करना शुरू कर दिया। पहला वार सीधे सीने पर पड़ा। बेबी फर्श पर गिर पड़ी।
लेकिन अजीत का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने बेसुध पड़ी बेबी पर चाकू से दनादन 17 वार किए!
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, अजीत ने सबसे ज्यादा वार बेबी की छाती पर बाईं तरफ किए थे, जिससे उसका दिल (Heart) बुरी तरह डैमेज हो गया। हैवानियत यहीं खत्म नहीं हुई; उसने बेबी के सिर पर चाकू मारा और उसके दोनों कान तक काट डाले।
17वें वार के बाद बेबी के शरीर ने हलचल बंद कर दी। फर्श पर खून की नदियां बह निकली थीं। वार करने के बाद भी अजीत को कोई पछतावा नहीं था। वह भागने के बजाय 1 घंटे तक लाश के पास ही बैठा रहा। खून से सने चाकू को हाथ में लिए वह बड़बड़ाता रहा—“अब करेगी शादी…?”
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी : बेबी की बहन परवीन जानकारी देते हुए
Obsessive Love Crime: पति की बेबसी और पुलिस की दस्तक
रात के 9:30 बज रहे थे। पति पंकज काम निपटाकर घर पहुंचा। उसने देखा कि घर में बच्चे अकेले हैं और पत्नी गायब है।
“तुम्हारी मम्मी कहाँ है?” पंकज ने हैरान होकर पूछा।
बच्चों ने बताया कि मम्मी सामान लेने बाहर गई हैं। पंकज ने तुरंत बेबी के मोबाइल पर फोन लगाया। एक बार, दो बार… पंकज ने एक के बाद एक 35 से 40 बार अपनी पत्नी के नंबर पर कॉल किया, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। आखिरकार 10:30 बजे के करीब मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। पंकज अनहोनी की आशंका से परेशान होकर कॉलोनी में खोजने लगा।
उधर, पड़ोसियों ने अजीत के कमरे से आ रही चिल्लाने की आवाजें और फिर खामोशी महसूस की तो उन्हें शक हुआ। किसी की हिम्मत अंदर जाने की नहीं हुई, इसलिए उन्होंने तुरंत खुर्जा कोतवाली पुलिस को सूचना दी। Obsessive Love Crime
पुलिस की गाड़ी जब शिवलोक कॉलोनी पहुंची, तो पुलिसकर्मियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देखकर अनुभवी सिपाहियों की भी रूह कांप गई।
फर्श पर खून ही खून फैला था। बेबी का बेजान, क्षत-विक्षत शरीर पड़ा था और पास में ही अजीत हाथ में चाकू लिए बैठा था। उसके चेहरे पर पुलिस को देखकर भी शिकन तक नहीं आई। पुलिस तुरंत बेबी को अस्पताल लेकर भागी, लेकिन रास्ते में ही अत्यधिक खून बह जाने और दिल डैमेज हो जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रात के करीब 12 बजे पुलिस की एक गाड़ी पंकज के घर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने कहा, “साहब ने थाने बुलाया है, हमारे साथ चलिए।” पंकज बेखबर था कि उसकी दुनिया उजड़ चुकी है। थाने पहुँचकर जब उसे अस्पताल ले जाया गया और पत्नी की लाश दिखाई गई, तो वह चीख-चीखकर रो पड़ा।
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी : विलाप करते परिजन।
Obsessive Love Crime: हाईवे पर आक्रोश और बच्चियों का दर्द
बुधवार, 12 अगस्त की शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद जब बेबी का शव परिजनों को सौंपा गया, तो माहौल बेहद गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। शव की हालत देखकर चारों मासूम बच्चे चीख-चीखकर रोने लगे।
बेबी की दोनों बेटियों का गुस्सा और दर्द सीमाएं तोड़ रहा था। बिलखती हुई छोटी बेटी ने रोते हुए कहा:
“मेरी मम्मी के सिर पर चाकू मारा, उनके दोनों कान काट दिए हैं… उस आदमी को भी ऐसे ही मारो! उसके भी चाकू मारो, उसके हाथ-पैर-कान काटो! जैसे मेरी मां तड़प-तड़पकर मरी है, वह भी मरा हुआ चाहिए! उसे फांसी होनी चाहिए!”
पति पंकज और परिजनों का आरोप था कि पुलिस आरोपी अजीत को छिपा रही है और उस पर कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही। गुस्से से आगबबूला परिजनों ने शव को दिल्ली-अलीगढ़ हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। Obsessive Love Crime
“पुलिस कह रही है कि आरोपी गिरफ्तार है, लेकिन हमें उस पर भरोसा नहीं! आरोपी का तुरंत एनकाउंटर किया जाए, तभी हम अंतिम संस्कार करेंगे!”- पंकज हाईवे पर रोते हुए चिल्ला रहा था।
दिल्ली-अलीगढ़ हाईवे पर लगभग 1 घंटे तक गाड़ियों का चक्का जाम रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 4 थानों की पुलिस फोर्स और सीओ शोभित कुमार मौके पर पहुंचे।
सीओ ने परिजनों को निष्पक्ष जांच, त्वरित चार्जशीट और अदालत से कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद परिजन माने और हाईवे से शव हटाया गया। बुधवार शाम 5 बजे पंकज ने नम आंखों से अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार कर दिया।
Obsessive Love Crime : रियल लव स्टोरी : बेबी का फाइल फोटो
Obsessive Love Crime: उजड़ा संसार और अधूरे सवाल
इस खौफनाक वारदात के पीछे सिर्फ एक महिला की जान नहीं गई, बल्कि एक हंसता-खेलता परिवार हमेशा के लिए तबाह हो गया:
वे चार मासूम बच्चे: 8 से 13 साल के दो बेटे और दो बेटियां, जिनकी मां को बेरहमी से छीन लिया गया। अब उनकी आंखों में मां की वो आखिरी बात गूंजती है- “बस बेटा, अभी आती हूँ।”
पति पंकज: जो दिन-रात पसीना बहाकर बच्चों का भविष्य बनाने में लगा था, अब अकेलेपन, बदनामी और चार-चार बच्चों के पालन-पोषण के दोहरे बोझ तले दब गया है।
सनकी हत्यारा अजीत: जो अपनी तन्हाई मिटाने के चक्कर में हैवान बन बैठा और अब अपनी बाकी जिंदगी सलाखों के पीछे सड़ेगा।
बुलंदशहर के खुर्जा की यह खूनी दास्तान इस बात का कड़वा सबक है कि जब अनैतिक रिश्तों में ‘प्यार’ की जगह ‘सनक’, ‘अधिकार’ और ‘कब्जे की भावना’ ले लेती है, तो उसका अंत किसी कातिल के चाकू की धार पर ही जाकर होता है- जहाँ पीछे सिर्फ खून, चीखें और कभी न भरने वाले जख्म रह जाते हैं। Obsessive Love Crime
रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, रियल लव स्टोरी और प्यार का पंचनामा पढ़ने के लिए हमारे फेसबुकपेज को फॉलो/लाइक करें।
यदि आप अपने मोबाइल पर रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, सच्ची प्रेम कहानी चाहते हैं तो हमारे व्हाटसएपचैनल को फॉलो करें।
महेश कांत (Xlaila Editor) पिछले 15 वर्षों से डिजिटल मीडिया से जुडे़ हैं। अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं देने के बाद, वर्तमान में वह एक बड़े मीडिया घराने में बतौर चीफ सब एडिटर (डिजिटल) कार्यरत हैं। खबरों के साथ-साथ दिल को छू लेने वाली कहानियों और जज्बातों को पन्नों पर उतारना उनका पैशन है, और अपने ब्लॉग xlaila पर कहानियों को जीवंत करना उनका हुनर है।
True Love Story: साल 2018 की कड़कड़ाती सर्दियों का महीना था। आयरलैंड की राजधानी डबलिन (Dublin) कोहरे की सफेद चादर में लिपटी हुई थी। डार्ट (DART) ट्रेन स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ थी, जो अपने-अपने कामों के लिए घरों से निकल रहे थे। इसी भीड़ के बीच 23 साल का एक भारतीय युवक, अपने […]
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की दोपहर उस दिन थोड़ी अलग थी। अगस्त का महीना था, बादलों की ओट से छनकर आती धूप में हल्की सी उमस थी। शहर की व्यस्त सड़कों से दूर, माहीपुरा की एक तंग गली में बने दोमंजिला मकान की बालकनी में बैठी नीलम अपने फोन की स्क्रीन को एकटक निहार रही […]
True Love Story: इस पूरी कहानी की शुरुआत आज से करीब एक साल पहले, जुलाई 2025 में हरियाणा के गुरुग्राम में हुई थी। यह देश का वो साइबर सिटी है जहां हर साल हजारों युवा अपनी आंखों में बड़े-बड़े सपने लेकर आते हैं। इन्हीं युवाओं में शामिल थे- श्रेष्ठ मलिक और इनशराह अय्यूबी। दोनों का […]