Pyar ka panchnama: साल 2019 की एक खुशनुमा शाम थी। पंजाब के नवांशहर की रहने वाली नवजोत (बदला हुआ नाम) अपने कमरे में बैठी मोबाइल स्क्रीन स्क्रॉल कर रही थी। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक शांत और साधारण जिंदगी जी रही थी। तभी उसकी फेसबुक मैसेंजर प्रोफाइल पर एक नोटिफिकेशन चमका। एक फ्रेंड रिक्वेस्ट थी- नाम था ‘जतिंदर कुमार’।
जतिंदर की प्रोफाइल पर लगी तस्वीरों में विदेश की चकाचौंध, लंबी गाड़ियां और एक एनआरआई (NRI) का रूतबा साफ झलक रहा था। नवजोत ने आमतौर पर अजनबियों की रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की थी, लेकिन जतिंदर की प्रोफाइल में कुछ ऐसा ठहराव था कि उसने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली।
शुरुआत मैसेंजर पर औपचारिक ‘हैलो-हाय’ से हुई। जतिंदर ने बताया कि वह मूल रूप से पंजाब का ही है, लेकिन सालों से विदेश में सैटल है और वहाँ अच्छा-खासा काम करता है। धीरे-धीरे मैसेंजर की चैट व्हाट्सएप मैसेजेस में बदल गई। सात समंदर पार बैठे जतिंदर की बातें नवजोत के सूने जीवन में एक नई बहार की तरह आने लगीं।
जब पंजाब में रात होती, तो विदेश में सुबह होती थी। जतिंदर ठीक समय पर नवजोत को वीडियो कॉल करता। उसकी मीठी बातें, नवजोत के परिवार के प्रति चिंता दिखाना और एक संस्कारी पंजाबी मुंडे की तरह बात करना नवजोत के दिल को छू गया।
दोनों ने अपने फोन नंबर शेयर किए। देखते ही देखते, वह दोस्ती कब एक गहरे एकतरफा भरोसे और प्यार में बदल गई, नवजोत को खुद पता नहीं चला। जतिंदर उसे अक्सर कहता, “नवजोत, मैं एक दिन भारत आऊँगा और तुम्हें ब्याह कर अपने साथ सात समंदर पार ले जाऊँगा। तुम्हारी सादगी ने मेरा दिल जीत लिया है।”

Pyar ka panchnama: साल 2021- धरती पर कदम और बड़े-बड़े सपने
दो साल तक फोन की स्क्रीन पर चलने वाला यह इश्क साल 2021 में एक हकीकत का रूप लेने लगा। जतिंदर कुमार ने नवजोत को फोन पर खुशखबरी दी, “मैं भारत आ रहा हूँ, सिर्फ तुमसे मिलने।”
जब जतिंदर नवांशहर आया, तो नवजोत की खुशी का ठिकाना नहीं था। वह कद-काठी में वैसा ही था जैसा वीडियो कॉल पर दिखता था, लेकिन उसका रूतबा और बात करने का तरीका किसी अमीर एनआरआई जैसा था। उसने नवजोत को नवांशहर के एक महंगे रेस्टोरेंट में बुलाया।
पहली मुलाकात में ही जतिंदर ने नवजोत के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। उसने कहा, “मैंने अपने माता-पिता से तुम्हारे बारे में बात कर ली है। वे बहुत जल्द हमारे घर शगुन लेकर आएँगे। मैं तुम्हें विदेश की सबसे खूबसूरत वादियों में रखूँगा। तुम्हें वहाँ किसी चीज़ की कमी नहीं होगी।”
नवजोत मध्यमवर्गीय परिवार से थी। उसके लिए जतिंदर का प्यार किसी परियों की कहानी जैसा था। उसने जतिंदर की आँखों में छिपे उस शिकारी को नहीं देखा, जो केवल मीठी बातों का जाल बुन रहा था। जतिंदर ने भारत में रहने के दौरान नवजोत को पूरी तरह अपने विश्वास में ले लिया। वह उसके परिवार से भी मिला और खुद को एक आदर्श दामाद के रूप में पेश किया। नवजोत का जतिंदर पर अंधविश्वास इस हद तक बढ़ चुका था कि वह उसके कहे बिना एक कदम भी नहीं उठाती थी।

Pyar ka panchnama: साल 2022- लुधियाना का वो कमरा और पहला आघात
साल 2022 की शुरुआत में जतिंदर दोबारा भारत आया। इस बार उसकी बातों में एक अजीब सी जल्दीबाजी थी। एक दिन उसने नवजोत को फोन किया और कहा, “मुझे लुधियाना में कुछ जरूरी काम है। मैं चाहता हूँ कि तुम मेरे साथ चलो। शादी के बाद तो हमें साथ ही रहना है, तो अभी से थोड़ा समय साथ बिताते हैं।”
नवजोत ने शुरुआत में हिचकिचाहट दिखाई, लेकिन जतिंदर ने उसे शादी की दुहाई देकर बहला-फुसला लिया। वह नवांशहर से बस पकड़कर लुधियाना पहुँची। जतिंदर उसे जालंधर बाईपास स्थित सब्जी मंडी के पीछे एक सुनसान गली में बने किराए के कमरे पर लेकर गया। वह कमरा काफी साधारण था, लेकिन जतिंदर ने बहाना बनाया कि वह किसी दोस्त का कमरा है और प्राइवेसी के लिए उसने इसे चुना है।
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कमरे के भीतर जाते ही जतिंदर का व्यवहार बदलने लगा। उसने नवजोत के करीब आने की कोशिश की। नवजोत ने उसे पीछे धकेलते हुए कहा, “जतिंदर, यह गलत है। हमारी शादी होने वाली है, हम कुछ समय का इंतजार कर सकते हैं।”
लेकिन जतिंदर के सिर पर हवस सवार थी। उसने शादी का झांसा देते हुए कहा, “जब तुम्हें मेरी पत्नी बनना ही है, तो कैसा डर? क्या तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं है?” नवजोत के मना करने और विरोध करने के बावजूद, जतिंदर ने उस किराए के कमरे में पहली बार उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। नवजोत रोती रही, लेकिन जतिंदर ने उसे गले लगाकर चुप करा दिया और कसम खाई कि वह बहुत जल्द कोर्ट मैरिज कर लेंगे। उस दिन नवजोत के आत्मसम्मान पर पहला बड़ा आघात लगा था, लेकिन प्यार के अंधेपन में उसने इसे अपनी किस्मत मान लिया।

Pyar ka panchnama: सात समंदर पार का नरक- विदेश का बुलावा
लुधियाना में इस वारदात को अंजाम देने के कुछ ही दिनों बाद जतिंदर यह कहकर वापस विदेश चला गया कि वह वहाँ जाकर शादी के पेपर तैयार करवा रहा है। विदेश पहुँचकर उसने नवजोत पर दबाव बनाना शुरू किया, “तुम विजिटर वीजा या स्टूडेंट वीजा किसी भी तरह से यहाँ आ जाओ, हम यहीं पर शादी कर लेंगे। भारत में बहुत तामझाम होता है।”
अपने बॉयफ्रेंड पर आंख मूँदकर भरोसा करने वाली नवजोत ने दिन-रात एक करके विदेश का वीजा अरेंज किया। उसके परिवार ने अपनी जमा-पूंजी लगा दी ताकि उनकी बेटी का घर बस सके। जब नवजोत विदेश पहुँची, तो उसे लगा कि अब उसके दुखों का अंत हो जाएगा। लेकिन वहाँ उसका सामना एक नए नरक से हुआ।
जतिंदर उसे एक छोटे से अपार्टमेंट में लेकर गया। वहाँ जाने के बाद उसने शादी की बात को टालना शुरू कर दिया। जब भी नवजोत कहती कि चलो गुरुद्वारे या कोर्ट में चलकर शादी कर लेते हैं, जतिंदर कोई न कोई कानूनी अड़चन या पेपरवर्क का बहाना बना देता।
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करीब एक साल तक नवजोत उस विदेशी धरती पर जतिंदर के साथ रही। इस दौरान जतिंदर लगातार शादी का झांसा देकर, उसे डरा-धमकाकर उसके साथ रेप करता रहा। वह जब भी विरोध करती, जतिंदर धमकी देता, “अगर ज्यादा शोर मचाया, तो तुम्हारा वीजा कैंसिल करवाकर तुम्हें भारत डिपोर्ट करवा दूँगा। फिर तुम्हारी बदनामी होगी।” नवजोत उस अनजानी धरती पर अकेली, बेसहारा और खामोश आंसू बहाने पर मजबूर थी। उसका बॉयफ्रेंड अब उसका मसीहा नहीं, बल्कि उसका सबसे बड़ा शोषक बन चुका था।

Pyar ka panchnama: साल 2023- धोखे का पर्दाफाश और थानों के चक्कर
साल 2023 के मध्य में नवजोत टूटकर वापस भारत लौट आई। उसका शरीर और मन दोनों थक चुके थे। इसके बाद 14 नवंबर 2023 को जतिंदर कुमार भी वापस भारत आया। जब नवजोत को पता चला कि जतिंदर आया है, तो उसने अपने माता-पिता को पूरा सच बताने का फैसला किया। रोते हुए जब उसने अपनी आपबीती सुनाई, तो उसके बुजुर्ग माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई।
नवजोत का परिवार जतिंदर के घर पहुँचा। उन्होंने जतिंदर और उसके परिवार पर शादी करने का दबाव बनाया। लेकिन इस बार जतिंदर के चेहरे पर कोई मुखौटा नहीं था। वह अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया। उसने नवजोत के पिता के सामने साफ कह दिया, “कौन सी शादी? कैसा वादा? मेरी हैसियत देखो और अपनी बेटी की हैसियत देखो। मैंने कोई शादी का वादा नहीं किया था। जो करना है कर लो।”
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आरोपी के इस भयानक धोखे से आहत होकर नवजोत ने इंसाफ की जंग शुरू की। वह नवांशहर के पुलिस स्टेशन पहुँची। वहाँ उसने लिखित शिकायत दी। लेकिन जतिंदर के रसूख और एनआरआई होने के कारण पुलिस ने टालमटोल शुरू कर दी। नवांशहर पुलिस ने कहा कि पहली वारदात लुधियाना में हुई थी, इसलिए मामला वहाँ का बनता है।
नवजोत अपने बूढ़े पिता का हाथ थामकर लुधियाना के चक्कर काटने लगी। वह कमिश्नर दफ्तर से लेकर थानों की सीढ़ियां चढ़ती रही। सलेम टाबरी थाने के चक्कर काटते-काटते उसके पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन पुलिस ने रसूखदार आरोपी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। हर बार उसे एक नया आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता था।
Pyar ka panchnama: हाईकोर्ट की चौखट और इंसाफ का हथौड़ा
जब पुलिस प्रशासन और व्यवस्था से नवजोत का भरोसा पूरी तरह उठ गया, तो उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने तय किया कि वह इस धोखेबाज़ को सलाखों के पीछे पहुँचाकर ही दम लेगी। उसने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया और एक क्रिमिनल रिट पिटीशन (याचिका) दायर की।
याचिका में नवजोत के वकील ने 2019 से लेकर 2023 तक के सभी सबूत, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट, लुधियाना के उस किराए के कमरे की लोकेशन और विदेश के टिकट्स अदालत के सामने रखे। वकील ने दलील दी कि किस तरह एक युवती को शादी का झांसा देकर लगातार चार साल तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखा। अदालत ने माना कि यह सीधे-सीधे कानून की धारा 376 (रेप) का मामला है और पुलिस की लापरवाही अक्षम्य है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए लुधियाना पुलिस को तुरंत इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने और एफआईआर दर्ज करने के कड़े निर्देश जारी किए।

Pyar ka panchnama: सलेम टाबरी थाना और कानून का शिकंजा
हाईकोर्ट का हंटर चलते ही लुधियाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। जो पुलिस अधिकारी महीनों से नवजोत को तारीखें दे रहे थे, वे आनन-फानन में फाइलें तैयार करने लगे। लुधियाना के थाना सलेम टाबरी में आरोपी बॉयफ्रेंड जतिंदर कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई।
थाना सलेम टाबरी के एसएचओ (SHO) हर्षवीर सिंह ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “माननीय हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों और आदेशों के बाद हमने आरोपी जतिंदर कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए इसकी पूरी तफ्तीश एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है ताकि पीड़िता को बिना किसी संकोच के अपनी बात रखने का मौका मिले।”
एसएचओ ने आगे बताया कि पुलिस की टीमें आरोपी जतिंदर कुमार की धरपकड़ के लिए उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। उसका पासपोर्ट ज़ब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है ताकि वह दोबारा विदेश न भाग सके। पुलिस का दावा है कि आरोपी को बहुत जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। Pyar ka panchnama
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Pyar ka panchnama: नवजोत की अधूरी लेकिन साहसी जंग
नवांशहर की गलियों से लेकर लुधियाना के थानों और चंडीगढ़ की हाईकोर्ट तक का सफर नवजोत के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। फेसबुक की एक फ्रेंड रिक्वेस्ट ने उसकी हंसती-खेलती जिंदगी को एक कानूनी लड़ाई के मैदान में बदल दिया था।
आज जतिंदर कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कानून का शिकंजा उस पर कसना तय है। नवजोत का यह ‘प्यार का पंचनामा’ समाज की हर उस लड़की के लिए एक सबक है जो सोशल मीडिया के झूठे चेहरों और एनआरआई दूल्हों के बड़े-बड़े सपनों के जाल में फंस जाती है।
नवजोत ने समाज के तानों की परवाह न करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और यह साबित कर दिया कि चाहे कोई कितना भी अमीर या रसूखदार क्यों न हो, कानून के हाथ उसकी गर्दन तक पहुँच ही जाते हैं। इंसाफ की यह जंग अभी जारी है, लेकिन नवजोत की हिम्मत ने पंजाब की कई अन्य बेटियों को अपने हक के लिए लड़ने का हौसला दे दिया है। Pyar ka panchnama
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