Devar Bhabhi Love Story: घड़ी की सुइयां रात के ठीक 1:30 बजे का इशारा कर रही थीं। नोएडा के सेक्टर-62 की एक नामी आईटी कंपनी की कांच की बड़ी सी इमारत के बाहर सन्नाटा पसर चुका था। सिक्योरिटी गार्ड्स की सीटियों की आवाज और कभी-कभार तेजी से गुजरती गाड़ियों का शोर ही उस खामोशी को तोड़ रहा था।
नेहा ने एक बार फिर अपने फोन की स्क्रीन को देखा। कैब की स्क्रीन पर लाल अक्षरों में चमक रहा था-Booking Cancelled by Driver। यह लगातार तीसरी कैब थी जो कैंसिल हुई थी। नेहा ने गहरी सांस ली, माथे पर आए पसीने को पोंछा और बड़बड़ाई, “ये दिल्ली-नोएडा की कैब कंपनियां भी ना… रात के वक्त इनका नखरा और बढ़ जाता है।”
नेहा इस कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर थी। आज क्लाइंट रिलीज के चक्कर में उसकी शिफ्ट खत्म होते-होते आधी रात बीत चुकी थी। उसका पति, अमित, इस वक्त बिजनेस ट्रिप पर जर्मनी में था। घर पर सिर्फ उसकी सास और उसका छोटा देवर, रोहित थे।
रोहित भी उसी कंपनी में, लेकिन बिल्कुल अलग विंग और अलग शिफ्ट में काम करता था। वह एक जिंदादिल, हंसमुख और शरारती मिजाज का यूआई/यूएक्स डिजाइनर था। भाभी और देवर के बीच का रिश्ता हमेशा से नोक-झोंक और गहरी दोस्ती का रहा था।

नेहा अभी सोच ही रही थी कि किसे फोन करे, तभी एक चमचमाती हुई रॉयल एनफील्ड बुलेट उसके ठीक सामने आकर रुकी। राइडर ने अपना ब्लैक हेलमेट हटाया। वह रोहित था। उसकी आंखों में वही चिरपरिचित शरारत थी।
“अरे भाभी जी! इतनी रात को सड़क पर खड़े होकर चांद को घूर रही हैं या कोई नया प्रोजेक्ट डिजाइन कर रही हैं?” रोहित ने हंसते हुए कहा।
नेहा को जैसे साक्षात फरिश्ता मिल गया हो। उसने राहत की सांस ली, लेकिन अपनी सीनियर वाली टोन बरकार रखते हुए बोली, “रोहित! तुम? तुम इस वक्त यहां क्या कर रहे हो? तुम्हारी शिफ्ट तो शाम को ही खत्म हो जाती है ना?”
“अरे वो दोस्तों के साथ थोड़ा रुक गया था। फिर मां का फोन आया कि हमारी बड़ी बहू का फोन नहीं लग रहा है और कैब भी नहीं मिल रही है। तो बस, आपका यह ‘नाइट इन शाइनिंग आर्मर’ अपनी बुलेट पर सवार होकर चला आया। अब जल्दी बैठिए, मैडम, वरना मां सुबह तक हम दोनों की क्लास लगा देंगी।” रोहित ने अपनी बाइक की पिछली सीट थपथपाई।
“बाइक पर? इस साड़ी में?” नेहा ने अपनी फॉर्मल कॉटन साड़ी को देखा।
“भाभी, इस बुलेट पर आपने मेरे साथ आधी दिल्ली नापी है। अब ज्यादा नखरे मत कीजिए, वैसे भी मौसम खराब हो रहा है,” रोहित ने आसमान की तरफ इशारा किया, जहां काले बादल डेरा जमा रहे थे।
नेहा मुस्कुराई और अपनी साड़ी को संभालते हुए एक तरफ पैर करके बाइक पर बैठ गई। उसने रोहित के कंधे पर हाथ रखा और बोली, “चलो भाई, अब ज्यादा ड्रिफ्ट मत मारना, आराम से चलना।”

Devar Bhabhi Love Story: हाईवे की हवा और दफ्तर के किस्से
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बाइक 80 की रफ्तार से दौड़ रही थी। ठंडी हवाएं नेहा के चेहरे से टकरा रही थीं, जिससे दफ्तर की थकान आधी तो वहीं गायब हो गई।
“वैसे भाभी,” रोहित ने हेलमेट के शीशे को ऊपर करते हुए थोड़ा तेज आवाज में कहा, “आजकल ऑफिस में आपके बड़े चर्चे हैं। वो जो नया ‘क्लाइंट एक्स’ आया है, उसके सामने तो बड़े-बड़े डायरेक्टर्स की भी बोलती बंद हो जाती है। लेकिन सुना है आपने आज मीटिंग में उसकी क्लास लगा दी?”
नेहा ने हंसते हुए रोहित के कंधे पर एक हल्की सी चपत लगाई, “क्लास नहीं लगाई बुद्धू! वह बस बिना लॉजिक के डेडलाइंस मांग रहा था। और तुम्हें तो पता है, जब तक लॉजिक सही न हो, नेहा शर्मा किसी की नहीं सुनती।”
“तभी तो! पूरे फ्लोर पर लोग आपको ‘आयरन लेडी’ कहते हैं। लेकिन उन्हें क्या पता कि घर पर यही आयरन लेडी ‘रोहित, मेरी मैगी बना दो ना प्लीज’, ‘रोहित, जरा रिमोट देना’ कहकर मुझे परेशान करती हैं,” रोहित ने शीशे में नेहा को देखकर आंख मारी।
“अच्छा जी! तो मैं तुम्हें परेशान करती हूं? भूल गए पिछले हफ्ते जब तुम्हारी गाड़ी का चालान कटा था, तो मम्मी से किसने बचाया था? अगर मैं झूठ नहीं बोलती कि तुम मेरे काम से गए थे, तो मम्मी तुम्हारी बुलेट जब्त करवा देतीं!” नेहा ने याद दिलाया।

“अरे, वो तो आपकी महानता है भाभी। आप नहीं होतीं तो इस घर में मेरा सर्वाइवल नामुमकिन था। भाई तो खुद जर्मनी में बैठकर बर्गर खा रहे हैं, यहां मुझे अकेले मम्मी के प्रवचन सुनने पड़ते हैं,” रोहित ने मजाकिया लहजे में रोने का नाटक किया।
दोनों जोर से हंस पड़े। एक्सप्रेसवे के सन्नाटे में उनकी हंसी गूंज रही थी। नेहा को महसूस हुआ कि रोहित भले ही कितना भी बचकाना व्यवहार करे, लेकिन वह उसकी कितनी परवाह करता है। इतनी रात को सिर्फ एक फोन पर वह उसे लेने चला आया, बिना किसी शिकायत के।
रोहित ने अचानक बाइक की रफ्तार थोड़ी कम की। “भाभी, एक बात बोलूं? सच में, भाई बहुत लकी हैं। आप ऑफिस भी संभालती हैं, घर भी, और मेरे जैसे सिरफिरे देवर को भी। कभी थकावट नहीं होती?”
नेहा कुछ पल के लिए शांत हो गई। उसने रोहित के कंधे पर अपनी पकड़ थोड़ी मजबूत की। “थकावट तो होती है रोहित। लेकिन जब घर पर तुम जैसा भाई और दोस्त हो, जो घर में कदम रखते ही कोई न कोई जोक सुनाकर हंसा दे, तो सारी थकान भूल जाती हूं। अमित अक्सर काम में बिजी रहते हैं, ऐसे में तुम ही तो हो जो मम्मी और मुझे बोर नहीं होने देते।”
रोहित के चेहरे पर एक गंभीर और प्यारी सी मुस्कान आ गई। उसने कहा, “भाभी, आप सिर्फ मेरी भाभी नहीं हैं, मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं।”

Devar Bhabhi Love Story: सस्पेंस की शुरुआत-सन्नाटा और धोखा
बातचीत का सिलसिला चल ही रहा था कि अचानक एक्सप्रेसवे से कटकर जब वे सेक्टर के अंदर जाने वाली अंदरूनी सड़क पर मुड़े, तो बुलेट ने अजीब सी आवाज करना शुरू कर दिया।
फट… फट… फड़फड़…
“रोहित, यह क्या आवाज है?” नेहा ने घबराकर पूछा।
“अरे कुछ नहीं भाभी, यह मेरी बुलेट का रोब है,” रोहित ने बात को टालना चाहा, लेकिन तभी बाइक ने एक बड़ा सा झटका खाया और पूरी तरह बंद हो गई।
आसपास का नजारा अचानक बदल चुका था। यह एक निर्माणाधीन इलाका था। दोनों तरफ बड़े-बड़े खाली प्लॉट थे, जहां ऊंची घास उगी हुई थी। स्ट्रीट लाइट्स में से कुछ खराब थीं और कुछ टिमटिमा रही थीं। दूर-दूर तक न तो कोई इंसान दिख रहा था और न ही कोई दूसरी गाड़ी।
रोहित ने बाइक को स्टैंड पर लगाया और कई बार किक मारी, लेकिन बुलेट टस से मस नहीं हुई।
“क्या हुआ रोहित? चालू क्यों नहीं हो रही?” नेहा बाइक से नीचे उतरते हुए बोली। उसके चेहरे का रंग अब उड़ने लगा था। दिल्ली-एनसीआर की रातें और ऐसी सुनसान जगह- डरावनी कहानियों की कमी नहीं थी यहां।
रोहित ने अपनी जेब से फोन निकाला और उसकी फ्लैशलाइट जलाकर बाइक के इंजन को देखने लगा। “भाभी, मुझे लगता है इसका स्पार्क प्लग शॉर्ट हो गया है। या फिर शायद पेट्रोल पाइप में कोई दिक्कत है।”
“तो ठीक करो ना इसे जल्दी! देखो, कितना अंधेरा है यहां। और समय देखो, रात के दो बज रहे हैं,” नेहा ने अपने चारों तरफ देखते हुए कहा। हवा में एक अजीब सी सरसराहट थी, जो डर को बढ़ा रही थी।

Devar Bhabhi Love Story: बढ़ी मुसीबत
रोहित ने दोबारा कोशिश की, लेकिन बाइक चालू नहीं हुई। उसने गहरी सांस ली और नेहा की तरफ देखा, “भाभी… यह यहां ठीक नहीं होगी। इसके लिए मैकेनिक की जरूरत पड़ेगी।”
“क्या?!” नेहा की आंखें फटी की फटी रह गईं। “तो अब हम क्या करेंगे? किसी को फोन करो… अमित को… नहीं, अमित तो देश से बाहर हैं। मम्मी को फोन करो!”
“मम्मी को फोन करके क्या होगा भाभी? वह बेचारी वैसे ही ब्लड प्रेशर की मरीज हैं, इतनी रात को डर जाएंगी। रुकिए, मैं उबर या ओला चेक करता हूं,” रोहित ने फोन की स्क्रीन देखी और उसका चेहरा उतर गया। “शिट! यहां कोई कैब उपलब्ध नहीं दिखा रहा है। नेटवर्क भी बहुत कमजोर है।”
नेहा का दिल तेजी से धड़कने लगा। उसने अपनी जिंदगी में कई बड़ी बिजनेस डील्स हैंडल की थीं, लेकिन इस तरह आधी रात को एक सुनसान सड़क पर फंस जाना उसकी कल्पना से परे था। उसके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं।
रोहित ने नेहा के चेहरे पर डर साफ देख लिया। वह जानता था कि इस वक्त अगर वह भी पैनिक हो गया, तो स्थिति और खराब हो जाएगी। उसने तुरंत अपना मजाकिया अंदाज वापस ओढ़ लिया।
“अरे भाभी! आप तो ऐसे डर रही हैं जैसे सामने कोई भूत खड़ा हो। शांत हो जाइए, आपके साथ ऑफिस की ‘आयरन लेडी’ नहीं, बल्कि ‘रोहित द वॉरियर’ खड़ा है!” रोहित ने सीना तानकर कहा।
नेहा ने उसे घूरकर देखा, “रोहित! यह मजाक का समय नहीं है। मुझे डर लग रहा है।”
रोहित नेहा के करीब आया। उसने बेहद शालीनता और अपनेपन से नेहा के हाथ को छुआ। उसका हाथ बर्फ की तरह ठंडा हो रहा था। रोहित ने धीमे से कहा, “भाभी, मैं हूं ना। जब तक आपका यह देवर आपके साथ है, कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता। भरोसा है ना मुझपर?”
रोहित की आवाज में एक ऐसा भरोसा और गहरा सम्मान था कि नेहा का दिल धीरे-धीरे शांत होने लगा। उसने सिर हिलाया, “हां, भरोसा है।”

Devar Bhabhi Love Story: नज़दीकियां और एक नया अहसास
तभी अचानक आसमान में तेज बिजली कड़की। कड़कड़ाहट… और देखते ही देखते रिमझिम बारिश शुरू हो गई।
“ओह गॉड! अब यह बारिश भी होनी थी!” नेहा ने अपने सिर पर साड़ी का पल्लू रखते हुए कहा।
“भाभी, वहां देखिए! उस प्लॉट के कोने में एक छोटा सा शेड है। चलिए वहां चलते हैं, वरना भीग जाएंगे,” रोहित ने इशारा किया।
दोनों तेजी से दौड़कर उस लोहे के शेड के नीचे पहुंचे। शेड बहुत छोटा था, मुश्किल से दो लोग वहां सीधे खड़े हो सकते थे। बारिश तेज होने लगी थी, और हवा के थपेड़ों के साथ पानी की बौछारें अंदर तक आ रही थीं।
ठंड और डर के मारे नेहा कांपने लगी। शेड छोटा होने के कारण दोनों को एक-दूसरे के बेहद करीब खड़ा होना पड़ा। इतनी करीब कि नेहा रोहित के दिल की धड़कनें सुन सकती थी और रोहित नेहा की सांसों की गर्माहट महसूस कर रहा था।
रोहित ने तुरंत अपनी शर्ट के ऊपर पहनी हुई डेनिम जैकेट उतारी।
“यह क्या कर रहे हो रोहित? तुम भीग जाओगे,” नेहा ने मना किया।

Devar Bhabhi Love Story
“भाभी, अगर आपको सर्दी लग गई, तो भाई जर्मनी से आकर सबसे पहले मेरी सुताई करेंगे। और वैसे भी, हीरो हमेशा हेरोइन को जैकेट देता है ना? आप मेरी बेस्ट फ्रेंड हैं, इतना हक तो बनता है,” रोहित ने मुस्कुराते हुए जैकेट नेहा के कंधों पर डाल दी।
जैकेट में रोहित के परफ्यूम की भीनी-भीनी खुशबू और उसके शरीर की गर्माहट थी। जैसे ही नेहा ने वह जैकेट पहनी, उसे एक अजीब सा सुकून और सुरक्षा का अहसास हुआ। उसने रोहित की तरफ देखा। बारिश की बूंदें रोहित के बालों से छनकर उसके चेहरे पर गिर रही थीं। वह सचमुच कितना समझदार और केयरिंग हो गया था। नेहा को याद आया जब उसकी शादी हुई थी, तब रोहित कॉलेज के पहले साल में था-एकदम अल्हड़। लेकिन आज, वह एक जिम्मेदार पुरुष की तरह उसके सामने खड़ा था, उसकी ढाल बनकर।
“रोहित…” नेहा ने धीमे से कहा।
“जी भाभी?”
“थैंक यू।”
“अरे यार भाभी, आपने फिर थैंक यू बोला? देखिए, हमारे देवर-भाभी के रूल बुक के पेज नंबर 5 पर साफ लिखा है-‘नो सॉरी, नो थैंक यू’। बदले में आपको मुझे कल सुबह बढ़िया से पराठे बनाकर खिलाने होंगे।”
नेहा हंस पड़ी। इस सस्पेंस और डर के माहौल में भी रोहित ने अपनी बातों से रंग भर दिया था।
“तुम कभी नहीं सुधरोगे ना?” नेहा ने कहा।
“सुधर गया तो फिर मेरा स्वैग खत्म हो जाएगा भाभी,” रोहित ने अपनी जुल्फें झटकते हुए कहा, जिससे पानी की कुछ बूंदें नेहा के चेहरे पर जा गिरीं।
“उफ! रोहित!” नेहा ने उसे डांटने का नाटक किया, लेकिन उसकी आंखों में स्नेह साफ झलक रहा था। दोनों एक-दूसरे की आंखों में देख रहे थे। उस पल में, शब्दों की जरूरत नहीं थी। वह प्यार, वह सम्मान, वह अटूट विश्वास जो उन दोनों के बीच था, वह उस बारिश की खुशबू की तरह हवा में घुल गया था। यह एक पवित्र, गहरा और बिना किसी शर्त का रिश्ता था।

Devar Bhabhi Love Story: सस्पेंस का अंत और घर की राह
लगभग आधे घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद, मौसम थोड़ा शांत हुआ। बारिश की रफ्तार कम होकर बूंदाबांदी में बदल गई।
तभी दूर से एक गाड़ी की हेडलाइट की रोशनी आती हुई दिखाई दी। नेहा चौंक गई, “रोहित, देखो कोई आ रहा है।”
रोहित ने शेड से बाहर निकलकर देखा। वह एक पुलिस की पेट्रोलिंग पीसीआर वैन थी। रोहित ने तुरंत हाथ हिलाकर उन्हें रोका।
पुलिस की गाड़ी रुकी और उसमें से दो कांस्टेबल नीचे उतरे। “इतनी रात को यहां सुनसान रास्ते पर क्या कर रहे हो तुम लोग?” एक पुलिसवाले ने कड़क आवाज में पूछा।
रोहित ने तुरंत आगे बढ़कर अपना और नेहा का ऑफिस आईडी कार्ड दिखाया। “सर, हम दोनों एक ही कंपनी में काम करते हैं। ये मेरी भाभी हैं। ऑफिस से लौटते वक्त हमारी बाइक खराब हो गई और फिर बारिश शुरू हो गई।”
पुलिसवालों ने आईडी कार्ड देखा और नेहा के चेहरे पर घबराहट और शालीनता देखकर उनका रवैया नरम हो गया। “अच्छा-अच्छा, समझ गए। आजकल की कंपनियों में भी ना… इतनी रात तक काम करवाते हैं। चलो, बैठो गाड़ी में। हम तुम्हें मेन रोड तक छोड़ देते हैं, वहां से तुम्हें ऑटो या कोई दूसरी गाड़ी मिल जाएगी। बाइक को यहीं लॉक करके छोड़ दो, सुबह मैकेनिक लाकर ले जाना।”
Devar Bhabhi Love Story: कैसे गिरी मर्यादा की दीवार: मेरठ के देवर-भाभी की अनकही दास्तान
Devar Bhabhi Love Story
नेहा और रोहित ने राहत की सांस ली। रोहित ने बुलेट को चेन से लॉक किया और दोनों पुलिस की गाड़ी की पिछली सीट पर बैठ गए।
गाड़ी जब हाईवे की तरफ बढ़ रही थी, तो नेहा ने रोहित की तरफ देखा। रोहित थक चुका था, लेकिन उसके चेहरे पर अभी भी वही बेफिक्र मुस्कान थी।
नेहा ने आहिस्ता से रोहित का हाथ थपथपाया और फुसफुसाई, “तुम सच में मेरे ‘नाइट इन शाइनिंग आर्मर’ हो, रोहित।”
रोहित ने धीरे से जवाब दिया, “और आप मेरी फेवरेट भाभी। भाई को मत बताना, वरना वो जेलस हो जाएंगे!”
दोनों एक बार फिर दबी जुबान में हंस पड़े। वह डरावनी रात हमेशा के लिए उनके दिल में एक खूबसूरत, रोमांटिक और कभी न भूलने वाली याद बनकर दर्ज हो चुकी थी- एक ऐसी रात जिसने देवर-भाभी के इस प्यारे से रिश्ते को और भी ज्यादा गहरा और मजबूत बना दिया था। Devar Bhabhi Love Story
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