Devar Bhabhi Love story
रियल लव स्टोरी

उत्तर प्रदेश: 13 साल छोटे देवर को दिल दे बैठी भाभी, दोनों ने उठाया ऐसा कदम, कांप गई मासूम की रूह

Devar Bhabhi Love story इश्क जब अपनी सीमाओं को लांघकर ऐसी राह पर निकल पड़ता है जहां समाज के बनाए नियम-कायदे दीवार बनकर खड़े हो जाएं, तो उसका अंजाम अक्सर रूह कपा देने वाला होता है। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का शांत और गुमनाम सा गांव ‘हबीबनगर’।

यूं तो यह गांव रोज की तरह अपनी रफ्तार से चल रहा था, लेकिन शुक्रवार की एक धुंधली सुबह इस गांव के इतिहास में एक ऐसा पन्ना जोड़ने वाली थी, जिसे याद कर आने वाले बरसों तक लोगों की आंखें नम हो जाएंगी और दिल दहल उठेंगे। Devar Bhabhi Love story

यह कहानी है 35 साल की सीमा और उससे 13 साल छोटे उसके देवर, 22 साल के रामरूप की। एक तरफ समाज की नजरों में देवर और भाभी का पवित्र रिश्ता, तो दूसरी तरफ तन्हाई, मजबूरी और जज्बातों के भंवर में उलझा एक अटूट बंधन, जिसने आखिर में दोनों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया।

Devar Bhabhi Love story
Devar Bhabhi Love story

Devar Bhabhi Love story: 12 साल पुराना रिश्ता और अयोध्या का सन्नाटा

कहते हैं कि जब जिंदगी में जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता है, तो इंसान अपनों से दूर होने लगता है। सीमा की शादी 12 साल पहले हबीबनगर के रहने वाले देशराज से बड़ी धूमधाम से हुई थी। वक्त बीता और सीमा तीन प्यारे बच्चों—आयुष, दिव्यांश और लक्ष्य की मां बनी। हंसता-खेलता परिवार था, लेकिन गरीबी और रोजी-रोटी की तलाश ने इस आशियाने की नींव हिला दी।

देशराज पहले हरदोई में ही ठेकेदारी का काम करता था, जिससे उसका गुजारा ठीक-ठाक चल जाता था। लेकिन सपनों को नई उड़ान देने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उसने डेढ़ साल पहले अयोध्या का रुख कर लिया। काम अच्छा चलने लगा, लेकिन इस तरक्की की कीमत चुकाई सीमा की तन्हाई ने।

देशराज महीनों घर नहीं आ पाता था। 500 मीटर की दूरी पर बने दूसरे घर में ससुर राजाराम, सास और छोटा भाई रामरूप रहते थे। सीमा अपने तीन बच्चों के साथ अकेले उस बड़े से मकान में रहती, जहां शाम ढलते ही सन्नाटा चीखने लगता था।

Devar Bhabhi Love story
Devar Bhabhi Love story

Devar Bhabhi Love story: 13 साल का फासला और पनपता अहसास

22 साल का रामरूप—उम्र में सीमा से 13 साल छोटा। अभी दाढ़ी की सही से रेखा भी नहीं उभरी थी और आंखों में दुनिया देखने के सपने थे। रामरूप भी अपने बड़े भाई देशराज के साथ ही अयोध्या में काम करता था, लेकिन उसका गांव आना-जाना लगा रहता था।

जब भी रामरूप गांव आता, वह सीमा के घर के चक्कर जरूर लगाता। शुरुआत में यह सिर्फ भाभी के प्रति एक आदर और बच्चों के प्रति चाचा का स्नेह था। लेकिन धीरे-धीरे, अकेलापन और एक-दूसरे का सहारा बनने की चाहत ने इस रिश्ते के मायने बदलने शुरू कर दिए।

अयोध्या की थकाऊ रातों के बाद जब रामरूप गांव आता, तो सीमा की आंखों में छाई तन्हाई उसे साफ दिखती। वहीं सीमा के लिए, रामरूप का घर में आना मानो तपते रेगिस्तान में बारिश की पहली बूंद जैसा होता।

सीमा (चाय का कप बढ़ाते हुए): “रामरूप, अयोध्या में भैया का मन तो लग जाता है न? कभी हमारा भी हाल पूछ लिया करो, हफ्तों फोन नहीं आता उनका।“

रामरूप (सीमा की तरफ देखते हुए): “भाभी, भैया तो काम में उलझे रहते हैं… पर मैं हूं न। आपको जब भी किसी चीज की जरूरत हो, आप मुझे बताया करो। मैं आ जाया करूंगा।“

वे बातें जो कभी सिर्फ घर-परिवार तक सीमित थीं, धीरे-धीरे जज्बातों के उस मोड़ पर पहुंच गईं जहां उम्र का 13 साल का अंतर मिटने लगा। गांव की चौपालों पर फुसफुसाहटें शुरू हो चुकी थीं। लोग दबी जुबान से भाभी-देवर के इस करीब आने पर बातें बनाने लगे थे, लेकिन घर के बड़े-बुजुर्ग इन बातों से अनजान या शायद बेखबर बने रहे।

Devar Bhabhi Love story
Devar Bhabhi Love story : जांच करते हुए पुलिस टीम।

Devar Bhabhi Love story: 7 दिन की वो मुलाकात और बढ़ता तनाव

घटना से ठीक 7 दिन पहले, रामरूप अयोध्या से वापस हबीबनगर आया। इन 7 दिनों में सीमा के चेहरे की खोई हुई रौनक लौट आई थी। लेकिन यह खुशी एक अनजाने डर के साये में लिपटी हुई थी। दोनों जानते थे कि यह रिश्ता उस मोड़ पर खड़ा है जहां से आगे सिर्फ तबाही और बदनामी का रास्ता जाता है।

गुरुवार की रात… गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। ससुर राजाराम और सास अपने 500 मीटर दूर वाले घर में सो रहे थे। रामरूप भी रात में अपने माता-पिता के पास ही था। लेकिन जैसे ही घड़ी की सुइयों ने आधी रात का इशारा किया, रामरूप के कदम अपने आप सीमा के घर की तरफ उठ गए।

वह चुपचाप अंधेरे को चीरता हुआ सीमा के दरवाजे पर पहुंचा। दरवाजा खुला और रामरूप अंदर दाखिल हो गया। Devar Bhabhi Love story

लेकिन उस रात हवा में कुछ अजीब सा भारीपन था। बाहर की दुनिया की बदनामी का डर और इस नामुमकिन प्यार का खौफ दोनों के दिलों पर हावी था।

सीमा (आंसुओं से भरी आंखों से): “रामरूप, अब यह सब सहना मेरे बस में नहीं है। गांव वाले तरह–तरह की बातें करते हैं। जब देशराज को इस बात का पता चलेगा, तो क्या होगा? हम कहां जाएंगे?”

रामरूप (उसका हाथ थामते हुए): “भाभी, मैं आपसे दूर नहीं रह सकता। पर मैं भैया को धोखा देने के अहसास से भी रोज मरता हूं। इस समाज में हमारे इस रिश्ते के लिए कोई जगह नहीं है।“

आसपास के लोगों की मानें तो उस काली रात दोनों के बीच काफी देर तक बहस और चीख-पुकार हुई। एक तरफ प्यार का वो जूनून था जो छूट नहीं रहा था, और दूसरी तरफ लोक-लाज का वो डर जो जीने नहीं दे रहा था।

Devar Bhabhi Love story
Devar Bhabhi Love story : मृतक युवक के पिता

Devar Bhabhi Love story: खौफनाक फैसला और मासूम की पुकार

रात के आखिरी पहर में, जब पूरी दुनिया सो रही थी, दोनों ने एक ऐसा खौफनाक फैसला लिया जिसने दो जिंदगियों को एक पल में समाप्त कर दिया। मारपीट और कशमकश के बीच, उन्होंने एक ही फंदे को अपनी आखिरी पनाह मान लिया। बंद कमरे के अंदर, दो रूहें इस दुनिया के नियमों को तोड़कर हमेशा-हमेशा के लिए एक हो गईं।

शुक्रवार की सुबह हुई। चिड़ियां चहचहा रही थीं, लेकिन सीमा के घर का दरवाजा अंदर से बंद था।

8 साल का मासूम दिव्यांश, जो रोज सुबह अपनी मां की गोद में आंखें खोलता था, नींद से उठा। उसने देखा कि मम्मी कमरे में नहीं हैं। वह ढूंढते हुए अंदर वाले कमरे की तरफ गया।

जो मंजर उस 8 साल के बच्चे ने देखा, उसकी कल्पना मात्र से किसी की भी रूह कांप जाए। सामने उसकी मां सीमा और उसके प्यारे चाचा रामरूप एक ही फंदे से लटके हुए थे। कमरे में कोई हलचल नहीं थी, बस दोनों के बेजान जिस्म हवा में झूल रहे थे।

दिव्यांश (रोते और कांपते हुए): “मम्मी! मम्मी उठो न! चाचा… आप मम्मी को क्या कर रहे हो? मम्मी बात क्यों नहीं कर रही हो?”

मासूम दिव्यांश बदहवास हालत में रोता हुआ घर से बाहर भागा। उसके छोटे-छोटे कदम 500 मीटर दूर बने अपने दादा राजाराम के घर की तरफ दौड़े।

दिव्यांश (ससुर राजाराम के गले लगकर बिलखते हुए): “दादा… दादा चलो न! मम्मी और चाचा कमरे में लटके हुए हैं! मम्मी बोल नहीं रही है दादा!”

यह भी पढ़ें-

Bathinda Love Story

Bathinda Love Story: जिस्म की भूख मिटाने को पत्नी ने पति के साथ किया खौफनाक काम, बॉयफ्रेंड को भी साथ मिलाया

Devar Bhabhi Love story: दरवाजे पर दस्तक और फॉरेंसिक की तफ़तीश

मासूम पोते की बात सुनते ही ससुर राजाराम और सास के पैरों तले जमीन खिसक गई। राजाराम बदहवास हालत में दौड़ते हुए सीमा के घर पहुंचे। आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। बंद दरवाजे को पीट-पीटकर पुकारा गया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बिलग्राम कोतवाल विजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा। अंदर का मंजर देखकर वहां मौजूद हर इंसान की आंखें नम हो गईं। 35 साल की सीमा और 22 साल का रामरूप अब इस दुनिया में नहीं थे।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। फिंगरप्रिंट्स लिए गए, घटनास्थल की तस्वीरें खींची गईं और हर उस साक्ष्य को जुटाया गया जो उस खौफनाक रात की दास्तान बयां कर सके। पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद दोनों शवों को नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

Devar Bhabhi Love story: बिखर गया आशियाना

घटना की खबर जैसे ही अयोध्या पहुंची, देशराज पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस पत्नी के लिए और जिस भाई के साथ मिलकर वह दिन-रात पसीना बहा रहा था, वे दोनों ही उसे छोड़कर एक साथ चले गए थे। जब देशराज हरदोई पहुंचा, तो उसके पास कहने के लिए शब्द नहीं थे—सिर्फ खामोशी और आंखों से बहते आंसू थे।

रामरूप की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार एक ही बात दोहरा रही थी:

“आसपास के लोग कह रहे हैं कि रात में दोनों में झगड़ा हुआ था… हमें तो कुछ नहीं पता था। बहू हमारे साथ नहीं रहती थी… एक ही रात में मेरा बेटा भी चला गया और बहू भी।“

वहीं, सीमा के तीन मासूम बच्चे—आयुष, दिव्यांश और लक्ष्य—अचानक अनाथ से हो गए। 8 साल का दिव्यांश अब भी सदमे में था, उसकी आंखों के सामने से मां और चाचा का वो मंजर हट नहीं रहा था।

Devar Bhabhi Love story: एक अधूरी दास्तान का दर्दनाक अंत

हबीबनगर गांव में आज भी सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस जांच कर रही है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, और गांव वाले अपने-अपने तरीके से कयास लगा रहे हैं।

लेकिन इन सबके बीच, सवाल यह उठता है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है? क्या वह अकेलापन जो देशराज के दूर जाने से सीमा की जिंदगी में आया? क्या वह 22 साल का रामरूप जो भावनाओं के भंवर पर काबू न रख सका? या फिर हमारा यह समाज, जहां जज्बातों को समझने के बजाय सिर्फ बदनामी का डर दिखाया जाता है?

सीमा और रामरूप तो अपने पीछे ढेर सारे सवाल और 3 मासूम बच्चों की उजड़ी हुई दुनिया छोड़कर चले गए। उनकी यह कहानी इस बात की गवाही देती है कि जब मोहब्बत समाज के दायरे से बाहर निकलती है और तन्हाई हावी होती है, तो उसका अंत अक्सर ऐसा ही दर्दनाक और खामोश कर देने वाला होता है। Devar Bhabhi Love story

यह भी पढ़ें-

Romantic Stories in hindi

Romantic Stories in hindi: हरियाणवी देवर की बाहों में पिघली मॉर्डन भाभी, अनोखी शर्त से कैसे टूटा घमंड

Love Tips in hindi

लड़की हमेशा रहेगी आपके पास: एक-दूसरे को समझने और जीवनभर साथ निभाने के 60 गोल्डन रुल्स

रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, रियल लव स्टोरी और प्यार का पंचनामा पढ़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को फॉलो/लाइक करें।
यदि आप अपने मोबाइल पर रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, सच्ची प्रेम कहानी चाहते हैं तो हमारे व्हाटसएप चैनल को फॉलो करें।

क्या आपके दिल में भी कोई लव स्टोरी छुपी है?

👉 यहाँ क्लिक करके अपनी कहानी भेजें

💖 Love Calculator 💖

अपने और अपने पार्टनर के नाम से लव परसेंटेज चेक करें!



Mahesh kant Shiva
महेश कांत शिवा (Xlaila Editor) पिछले 15 वर्षों से डिजिटल मीडिया से जुडे़ हैं। अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं देने के बाद, वर्तमान में वह एक बड़े मीडिया घराने में बतौर चीफ सब एडिटर (डिजिटल) कार्यरत हैं। खबरों के साथ-साथ दिल को छू लेने वाली कहानियों और जज्बातों को पन्नों पर उतारना उनका पैशन है, और अपने ब्लॉग xlaila पर कहानियों को जीवंत करना उनका हुनर है।
https://xlaila.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *