Hisar Love story | सच्ची प्रेम कहानी
लिव इन रिलेशन

Hisar Love story: हिसार का वो खौफनाक कमरा और लिव-इन रिलेशनशिप का अंत

Hisar Love story : हरियाणा के हिसार की सूर्यनगर पुलिस चौकी में रोज़ की तरह ही सुस्ती छाई हुई थी। पंखा चरमराहट की आवाज़ के साथ घूम रहा था और मुंशी जी डायरी में कुछ नोट कर रहे थे। सुबह के ठीक दस बज रहे थे। अचानक दरवाज़े पर एक साया आकर रुका। 28 साल का गौरव, जिसके चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही कोई डर, बस एक अजीब सा शून्य था। उसकी आँखों में पिछले कई घंटों की नींद गायब थी और हाथों में एक हल्की सी कपकपी थी।

“जनाब, मैंने पूजा का खून कर दिया है। वह किसी और युवक के संपर्क में थी,” गौरव ने बेहद शांत और सपाट आवाज़ में कहा।

मुंशी ने पेन रोककर ऊपर देखा। चौकी के प्रभारी भी अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए। पहले तो लगा कि कोई सिरफिरा है, लेकिन गौरव के कपड़ों पर लगे खून के सूखे धब्बे और उसकी पथराई आँखें सच बयां कर रही थीं।

“कहाँ है लाश?” प्रभारी ने कड़कती आवाज़ में पूछा।

“शिवनगर… मेरे किराए के कमरे पर। चलिए, मैं खुद ले चलता हूँ,” गौरव ने बिना पलक झपकाए जवाब दिया।

कुछ ही मिनटों में पुलिस की गाड़ी सायरन बजाती हुई शिवनगर की तंग गलियों की तरफ दौड़ रही थी। गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा गौरव खिड़की से बाहर देख रहा था, जैसे उसे अपने किए पर कोई पछतावा न हो, बल्कि एक अजीब सा सुकून हो कि उसने अपनी ‘अमानत’ को किसी और का होने से बचा लिया था।

Hisar Love story | सच्ची प्रेम कहानी
Hisar Love story | वह कमरा जहां मर्डर हुआ

Hisar Love story : खून से सना कमरा

जब पुलिस टीम गौरव के साथ उस किराए के मकान में पहुँची, तो वहाँ सन्नाटा पसरा हुआ था। कमरा छोटा था, जहाँ गृहस्थी का सामान बिखरा पड़ा था। एक कोने में रखे बेड पर 32 साल की पूजा की लाश पड़ी थी। कमरा चीख-चीख कर गवाही दे रहा था कि यहाँ कुछ घंटे पहले एक भयानक संघर्ष हुआ था।

चारों तरफ खून के छींटे थे। फोरेंसिक टीम को तुरंत बुलाया गया। पुलिस ने मौका-ए-वारदात को सील कर दिया। शुरुआती मुआयने में ही साफ हो गया कि हमला बेहद बर्बरता और गुस्से में किया गया था। पूजा के गले, पेट और पीठ पर चाकू के एक के बाद एक कई वार किए गए थे। हमलावर का मकसद सिर्फ मारना नहीं, बल्कि अपने अंदर के उस गुस्से को शांत करना था जो शायद महीनों से उबल रहा था।

पड़ोसी धीरे-धीरे जुटने लगे थे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि दो महीने पहले ही यहाँ रहने आया यह जोड़ा इस मोड़ पर पहुँच जाएगा। लोग कानाफूसी कर रहे थे, “लिव-इन में रहते थे… सुना है औरत की पहले भी दो शादियां हो चुकी थीं।”

सच्चाई की परतें अब खुलनी शुरू होने वाली थीं।

Hisar Love story | सच्ची प्रेम कहानी
Hisar Love story | पूजा का फाइल फोटो

Hisar Love story: पूजा के अतीत के पन्ने

पूजा की जिंदगी कभी आसान नहीं रही थी। वह उन महिलाओं में से थी जिसने जिंदगी के थपेड़ों को बहुत करीब से झेला था। जब वह बमुश्किल बीस साल की रही होगी, उसकी पहली शादी हुई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, दो बेटे भी हुए, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। बीमारी या किसी हादसे में उसके पहले पति की मौत हो गई।

दो छोटे बच्चों के साथ अकेली रह गई पूजा पर समाज और परिवार का दबाव बढ़ने लगा। बच्चों के भविष्य और खुद के सहारे के लिए उसने समाज की रीत के अनुसार अपने देवर से दूसरी शादी कर ली। इस दूसरी शादी से उसे एक बेटी हुई। लेकिन जिंदगी यहाँ भी शांत नहीं हुई। दूसरे पति के साथ रिश्ते में कड़वाहट आने लगी। रोज़ के झगड़े, मानसिक प्रताड़ना और आपसी समझ की कमी ने उस रिश्ते को भी खोखला कर दिया।

तीन बच्चों की माँ बन चुकी पूजा अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी। वह एक ऐसे सहारे की तलाश में थी जो उसे बिना किसी शर्त के स्वीकार करे, जो उसे वो सम्मान और प्यार दे जिसकी वह हकदार थी। और इसी मोड़ पर उसकी जिंदगी में गौरव की एंट्री हुई।

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Hisar Love story | विलाप करते परिजन

Hisar Love story: पाँच साल का सफर और ई-रिक्शा की रफ्तार

गौरव उम्र में पूजा से चार साल छोटा था। वह हिसार की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाता था। जब पूजा अपने बिखरे हुए रिश्तों से परेशान थी, तब गौरव ने उसे एक नया नजरिया दिया। गौरव की बातों में एक अपनापन था, एक ऐसा झुकाव था जिसने पूजा को सब कुछ भूलकर उसके साथ आगे बढ़ने का हौसला दिया।

दोनों ने समाज के तानों और रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए साथ रहने का फैसला किया। वे पिछले पाँच सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। शुरुआत के साल किसी सपने जैसे थे। गौरव दिन भर ई-रिक्शा चलाकर जो भी कमाता, पूजा के हाथों में रख देता। पूजा को लगा था कि दो असफल शादियों के बाद आखिरकार उसे उसका सुरक्षित ठिकाना मिल गया है।

लेकिन, वक्त के साथ इस रिश्ते का रंग बदलने लगा। दो महीने पहले ही वे शिव कॉलोनी में इस नए किराए के मकान में आए थे। बाहर से देखने वालों को लगता था कि एक साधारण ई-रिक्शा चालक और उसकी पत्नी (समाज की नज़र में) अपनी छोटी सी दुनिया में खुश हैं, लेकिन अंदर ही अंदर अविश्वास का एक घुन इस रिश्ते को खोखला कर रहा था।

Hisar Love story: शक का ज़हर और रात के 3 बजे का कोहराम

पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद गौरव से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने उस खौफनाक रात की दास्तान बयां की।

“साहब, मैं उससे बहुत प्यार करता था। उसके लिए मैंने क्या नहीं किया? लेकिन पिछले 5-6 महीनों से वह बदल गई थी,” गौरव ने अपनी उंगलियों को आपस में फंसाते हुए कहा।

“क्या बदला था उसमें?” इंस्पेक्टर ने पूछा।

“वह फोन पर घंटो किसी और से बात करती थी। जब मैं कमरे में आता, तो फोन छुपा लेती। मुझे पता चल गया था कि वह किसी और युवक के संपर्क में है। मैंने उसे कई बार समझाया, मना किया, लेकिन वह नहीं मानी। मेरा ई-रिक्शा चलाना, मेरी कमाई… सब उसे कम लगने लगी थी,” गौरव के स्वर में नफरत साफ महसूस की जा सकती थी।

घटना वाली रात, यानी बुधवार और गुरुवार के बीच की रात, दोनों के बीच इसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। रात के करीब 3 बजे, जब पूरी दुनिया सो रही थी, उस कमरे में चीख-पुकार मची हुई थी।

“तुम मुझ पर शक करना बंद करो गौरव! मैं अपनी मर्जी की मालिक हूँ,” पूजा ने गुस्से में कहा होगा।

यह सुन गौरव का आपा खो गया। उसे लगा कि जिसके लिए उसने समाज से बगावत की, वही उसे धोखा दे रही है। रसोई में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उसके हाथ में आ गया। गुस्सा, जलन और कब्जे की भावना (possessiveness) उसके दिमाग पर इस कदर हावी हो गई कि उसे पूजा का रोना, गिड़गिड़ाना कुछ सुनाई नहीं दिया। उसने एक के बाद एक कई वार पूजा के शरीर पर कर दिए। जब पूजा की सांसें थम गईं, तो वह वहीं फर्श पर बैठ गया और सुबह होने का इंतज़ार करने लगा।

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Hisar Love story | आरोपी को लेकर जाती पुलिस

Hisar Love story: माँ के आरोप और छिपा हुआ सच

कहानी में एक नया मोड़ तब आया जब पूजा की माँ संगीता अस्पताल और फिर पुलिस स्टेशन पहुँची। अपनी बेटी की लाश देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन उनके आंसुओं में गौरव के लिए बेइंतहा गुस्सा था।

संगीता ने पुलिस के सामने एक ऐसा बयान दिया जिसने मामले को एक नया एंगल दे दिया। उन्होंने गौरव के सीधे-सादे ई-रिक्शा चालक होने के मुखौटे को उतार फेंका।

“साहब, यह गौरव मेरी बेटी को प्रताड़ित करता था। वह पूजा से गलत काम करवाता था!” संगीता ने रोते हुए आरोप लगाया।

“गलत काम? किस तरह के काम?” पुलिस ने पूछा।

“गौरव कई गैर-कानूनी धंधों में शामिल है। ई-रिक्शा तो बस एक दिखावा है। उसने पूजा का इस्तेमाल करके कुछ ही दिनों में शिवनगर में एक नया मकान खड़ा कर लिया, एक प्लॉट भी खरीद लिया। वह मेरी बेटी को ब्लैकमेल करता था और जब पूजा ने इन सब का विरोध करना शुरू किया, जब उसने किसी और की मदद से इस दलदल से बाहर निकलने की कोशिश की, तो इस कसाई ने मेरी बेटी को रास्ते से हटा दिया! वह किसी और लड़के से सिर्फ मदद मांग रही थी, कोई धोखा नहीं दे रही थी,” माँ ने चीखते हुए कहा।

अब पुलिस के सामने दो अलग-अलग कहानियां थीं। एक कहानी गौरव की थी, जो इसे ‘प्यार में मिले धोखे और गुस्से’ का नाम दे रहा था। दूसरी कहानी एक माँ की थी, जो इसे ‘अवैध धंधों, शोषण और सोची-समझी साजिश’ का हिस्सा बता रही थी।

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Hisar Love story |

Hisar Love story: कानून का शिकंजा और अधूरे सवाल

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू को बरामद कर लिया था। फोरेंसिक टीम ने कमरे से उंगलियों के निशान और अन्य सबूत इकट्ठा कर लिए थे। गौरव को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था और पूजा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया गया।

यह कहानी केवल एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है, बल्कि समाज के उस पहलू को भी उजागर करती है जहाँ एक महिला अपने जीवन में स्थिरता की तलाश में भटकती रहती है। पहली शादी से दो बेटे और दूसरी से एक बेटी- उन तीन बच्चों का क्या होगा जिन्होंने अपनी माँ को हमेशा संघर्ष करते देखा और अब वह हमेशा के लिए उनसे छिन गई?

क्या गौरव वाकई सिर्फ एक शकी बॉयफ्रेंड था जिसने गुस्से में मर्डर किया? या फिर वह एक शातिर अपराधी था जो पूजा का इस्तेमाल अपने अवैध धंधों के लिए कर रहा था और भेद खुलने के डर से उसने पूजा की ज़ुबान हमेशा के लिए बंद कर दी?

हिसार की उस तंग गली के उस कमरे में बिखरा हुआ खून इन सारे सवालों के जवाब अपने अंदर समेटे हुए था, जिनकी तलाश अब पुलिस और कानून को करनी थी। लेकिन एक बात साफ थी- एक और जिंदगी, जो प्यार और सुरक्षा की तलाश में निकली थी, वो कानून की फाइलों में सिर्फ एक ‘केस नंबर’ बनकर रह गई थी। Hisar Love story

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Xlaila Editor
महेश कांत (Xlaila Editor) पिछले 15 वर्षों से डिजिटल मीडिया से जुडे़ हैं। अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं देने के बाद, वर्तमान में वह एक बड़े मीडिया घराने में बतौर चीफ सब एडिटर (डिजिटल) कार्यरत हैं। खबरों के साथ-साथ दिल को छू लेने वाली कहानियों और जज्बातों को पन्नों पर उतारना उनका पैशन है, और अपने ब्लॉग xlaila पर कहानियों को जीवंत करना उनका हुनर है।
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