Untold Love Story : मैं उन्नीस साल की हूँ और दिल्ली में रहती हूं, मेरा नाम दीपिका है। उम्र के इस पड़ाव पर (Untold Love Story) लोग अक्सर पहली मोहब्बत, पहले रिश्ते और दोस्तों की मस्ती में डूबे रहते हैं। (Untold Love Story) मेरी सहेलियाँ भी कॉलेज के लड़कों के साथ डेटिंग करती हैं, हाथों में हाथ डाले कैंटीन में बैठती हैं, भविष्य की बातें करती हैं।
लेकिन मैं?
Untold Love मेरे लिए मोहब्बत का चेहरा अलग है। मुझे अपनी उम्र के लड़के कभी आकर्षित नहीं कर पाए। मेरे दिल का खिंचाव हमेशा उन औरतों की ओर जाता रहा है, जो मुझसे उम्र में कहीं बड़ी हैं। क्यों- यह मैं भी नहीं जानती।
Untold Love Story वह पहली शाम
उस शाम पुरानी दिल्ली स्टेशन का प्लेटफ़ॉर्म ठंडी हवा से सराबोर था। मुझे जालंधन की ट्रेन पकड़नी थी। ट्रेन लेट थी और लोग बेचैन होकर ट्रेन का इंतज़ार कर रहे थे। मैं किताब हाथ में लिए बैठी थी, तभी एक मधुर आवाज़ सुनाई दी –
“आज तो लगता है, हमें यहीं बूढ़े हो जाना है।”
मैंने सिर उठाया। सामने एक एक पुरुष खड़ा था। उम्र चालीस के आसपास होगी। चेहरे पर आत्मविश्वास, आँखों में चमक और मुस्कान में गजब की गर्मजोशी।
मैं हँसी –
“सच कह रहे हैं आप, ट्रेन आने का नाम ही नहीं ले रही।”
बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। उसने बताया कि उसे किताबें पढ़ना पसंद है। मैंने अपनी पसंद की कुछ कहानियाँ बताईं। बातों में ऐसा डूब गए कि वक्त का पता ही नहीं चला। मैंने पास वाले स्टॉल से दो कप चाय मँगवाई और चाय का एक कप उसके हाथ में थमा दिया।
उसने चाय लेते हुए मेरी आँखों में देखा –
“आज की सबसे अच्छी बात यही है कि तुमसे मुलाक़ात हुई।”
मेरा दिल धड़क उठा।

Untold Love Story : अनजाने रास्ते
ट्रेन आई तो हम साथ साथ ही ट्रेन में सवार हो गए। दोनों अगल- बगल वाली सीट पर बैठ गए। सीट पर बैठते ही उसने कहा –
“तुमसे बातें करके अच्छा लगा। तुम अलग हो, बाकी लड़कियों जैसी नहीं।”
मैंने मुस्कुराकर जवाब दिया –
“शायद इसलिए कि मुझे भी तुम्हारे जैसी बातें करने वाली कोई चाहिए थी।”
बातों ही बातों में न जाने कब सफर कट गया और जालंधर सिटी आ गया। उसने झिझकते हुए कहा –
“अगर चाहो तो मेरे घर चलो। अकेले लौटना मुश्किल होगा।”
उसके स्वर में अपनापन था, मानो हम पुराने दोस्त हों। मैं उसकी ओर खिंचती चली गई।
घर पहुंचते ही उसने मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक बनाई। कमरा हल्की रोशनी और खुशबू से भरा था। किताबों की अलमारियाँ, पेंटिंग्स और एक सुकून भरा माहौल।
हम सोफ़े पर बैठे थे। कुछ ही देर में हमारी बातचीत नज़दीकियों में बदल गई। उसके स्पर्श में एक गहराई थी, एक अपनापन, जैसे उसने मुझे पहली बार मेरे असली रूप में देखा हो। उस रात हमने एक-दूसरे को महसूस किया, और मैं खुद को पूरी तरह उसके हवाले कर बैठी।
Untold Love Story : सच का पल
सुबह हुई तो मैंने धीमे स्वर में कहा –
“दरअसल… मैं सिर्फ़ 19 साल की हूँ।”
वह चौंक पड़ा।
“क्या? मुझे लगा तुम कम से कम 26 साल की होगी।”
मैंने उसकी आँखों में देखा।
“नहीं… मैं सच कह रही हूं।”
उसने लंबी साँस ली और बोला –
“तुम बहुत परिपक्व लगती हो। लेकिन मैं चाहता हूँ कि तुम समझो… मुझे सिर्फ़ अनौपचारिक रिश्ता चाहिए। मैं किसी बंधन में नहीं बंध सकता।”
उसकी बात मेरे दिल को चुभी, लेकिन उसकी ईमानदारी में भी एक सच्चाई थी। इसके बाद हम कई बार दिल्ली में ही मिले। रेस्टोरेंट गए और होटल में जाकर संबंध भी बनाए। मगर धीरे-धीरे मुलाक़ातें कम हो गईं।
मैं टूट-सी गई थी, फिर भी दिल में उसकी याद रह गई।
कुछ हफ़्ते बाद, मैं दोस्तों के साथ एक पार्टी गई। म्यूज़िक की धुन, चमकती रोशनियाँ और शोरगुल के बीच मेरी नज़र अचानक एक लड़के पर ठहर गई।
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वह काले रंग की ड्रेस में था। उम्र पैंतालीस के आसपास होगी, मगर दिखता तो तीस से भी कम था। उसके हावभाव में आत्मविश्वास था और मुस्कान में नशा था।
मैंने हिम्मत जुटाई और पूछा – “क्या आप मेरे साथ डांस करेंगे?”
वह हंसा और बोला, “क्यों नहीं।”
हम दोनों डांस फ्लोर पर उतर गए। म्यूजिक की ताल पर उसके क़दम मेरे क़दमों से मिलते गए। उसकी सांसों की गर्मी मेरे चेहरे को छू रही थी।
डांस के बीच उसने फुसफुसाकर कहा, “मेरी उम्र का अंदाज़ा लगाओ।”
मैंने मुस्कुराकर कहा, “शायद तीस-पैंतीस।”
वह हँसा और बोला, बिल्कुल गलत, मैं 45 साल का हूं।”
मैंने हैरानी से कहा, “आप तो बिल्कुल वैसी नहीं लगतीं।”
वह बोला, “क्योंकि मैं ज़िंदगी को खुलकर जीता हूँ।”
उसकी आँखों में एक शरारत थी। उस पल मुझे लगा जैसे वक्त थम गया हो।

Untold Love : मन का सच
हम दोनों देर रात तक बातें करते रहे। जाते-जाते उसने कहा, “अगले हफ़्ते यहीं मिलते हैं।”
तब से हम लगातार फोन कॉल और वॉट्सएप चेटिंग से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर मैसेज में उसकी मुस्कान झलकती है, हर शब्द में उसका अपनापन।
कभी-कभी मैं सोचती हूँ, क्यों मेरा दिल हमेशा बड़ी उम्र की मर्दो की ओर ही क्यों खिंचता है। शायद इसलिए कि उनमें आत्मविश्वास है, परिपक्वता है, और वह अपनापन है जो मुझे अपनी उम्र के लोगों में नहीं मिलता।
मुझे किसी स्थायी रिश्ते की तलाश नहीं है, लेकिन जब मैं उनके साथ होती हूँ तो लगता है, जैसे मैं सचमुच पूरी हूँ।
Untold Love Story अनकही मोहब्बत
आज भी मैं उस व्यक्ति के मैसेज का इंतज़ार करती हूँ। अगला हफ़्ता शायद मेरी ज़िंदगी में एक नया मोड़ लेकर आए।
पता नहीं यह मोहब्बत है या सिर्फ़ एक अनकहा खिंचाव। मगर इतना जानती हूँ कि जब मैं उसकी आँखों में देखती हूँ, तो मुझे अपना पूरा संसार नज़र आता है।
उम्र सिर्फ़ एक संख्या है, लेकिन एहसास… एहसास हमेशा सच्चा होता है। Untold Love Story

