Haryana News हरियाणा के यमुनानगर पुलिस ने तीन महीने पहले हुए एक ऐसे ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया है, जिसमें एक युवक की लाश सुनसान सड़क पर पड़ी मिली थी। हत्यारे मर्डर करने से पहले अपने अपने मोबाइल स्वीच ऑफ करके अपने घर रख गए, ताकि लोकेश ट्रेसिंग से बचा सके। (Haryana News)हुआ भी ऐसा ही, पुलिस को मर्डर केस का खुलासा करने में तीन महीने से ज्यादा का समय लग गया।
कोई क्लू पुलिस को नहीं मिल रहा था, जिससे हत्यारों तक पहुंचा जा सके। एसपी यमुनानगर के आदेश पर वारदात के खुलासे के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
यमुनानगर (Haryana News) के गांव बकाला निवासी 25 वर्षीय प्रिंस बेहद ही मेहनती युवक था। पांच साल पहले उसकी शादी प्रीति से हुई थी। शादी के बाद दोनों को दो बेटी हुई, एक की उम्र करीब तीन साल की और दूसरी करीब एक साल की है।
प्रिंस पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। वह रोजाना सुबह बाइक पर काम के लिए निकलता और रात को सात- आठ बजे फैक्ट्री से अपने गांव लौटता था। 14 मई 2025 की शाम करीब 6 बजे प्रिंस ने अपने पिता मलकीत को फोन करके बताया कि बाइक में कुछ खराबी है, जिसे ठीक कराने के कारण उसे घर लौटने में देर हो जाएगी।
रात करीब 9 बजे मलकीत ने प्रिंस को मोबाइल पर फोन लगाया तो कोई जवाब नहीं मिला। बार- बार फोन लगाए जाने पर भी प्रिंस की ओर से कोई जवाब नहीं मिल रहा था। मलकीत सिंह परेशान हो गए, आखिर क्या वजह हो सकती है, प्रिंस जवाब क्यों नहीं दे रहा।
Haryana News पुलिस ने दी घरवालों को सूचना
कुछ समय बाद मलकीत ने फिर ट्राइ किया तो इस बार थाना साढौरा के एक पुलिस कर्मी ने कॉल रिसिव की और बताया कि मारकंडा पट्टी के पास एक लाश मिली है, यह फोन लाश के पास से ही मिला है और हां पास में एक बाइक भी पड़ी है। जिसके बाद पुलिस ने प्रिंस के परिजनों को मौके पर बुलाकर लाश की पहचान कराई। प्रिंस के परिजनों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो प्रिंस का चेहरा खून से लथपथ था, उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किए थे। लाश का पोस्टमार्टम कराया गया तो पीठ पर चाकू के निशान भी पाए गए।
यह एक दिल दहला देने वाली वारदात थी। प्रिंस की पत्नी प्रीति की आंखों से पति की मौत के आंसू सूख चुके थे। अब वह एक विधवा की तरह जीवन यापन कर रही थी, लेकिन प्रिंस के पिता मलकीत को अब भी यकीन नहीं हो रहा था कि उसके बेटे की हादसे में मौत हुई है। क्योंकि जिस तरह से शव मिला था, वह एक हादसा ही माना जा रहा था। मलकीत के मन में बार- बार आ रहा था कि उसके बेटे का मर्डर ही हुआ है।
अपने मन की इस टीस को बाहर निकालने के लिए मलकीत सिंह अपने परिजनों के साथ बार-बार थाने जाता और हत्यारोपियों के बारे में पुलिस से सवाल करता। पुलिस भी जांच चलने की बात कहकर मलकीत सिंह को तस्सली दे रही थी।
Haryana पुलिस के सामने सवाल था कि जब डेडबॉडी मिली और उसके बाद पुलिस ने जो जांच की तो कोई भी ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे किसी पर शक जाहिर किया जा सके। जिस जगह प्रिंस का शव मिला, उस जगह जितने भी मोबाइल एक्टीवेट थे, उन सभी से भी पूछताछ कर ली गई। किसी का भी नाम सामने नहीं आया।

Haryana News : पिता की आंख से टपके आंसू
हत्याकांड को हुए कई दिन गुजर चुके थे। मलकीत फिर से थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि, उसे अपने बेटे प्रिंस की पत्नी प्रीति पर शक है।
मलकीत का कहना था कि “प्रिंस की मौत के बाद उसके बेटे के बहू विधवा जरुर हुई, लेकिन किसी तरह से नजर नहीं आ रही है। साहब… मुझे इंसाफ दिलाइए…” मलकीत की आंखों से आंसू टपकने लगे।
पुलिस ने केस की जांच को आगे बढ़ाया तो एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती चली गई। केस का जो खुलासा हुआ, वह हर किसी को अचंभित करने वाला था।
प्रिंस के गांव बकाला के ही रहने वाला हैप्पी टैक्सी ड्राइवर था। हैप्पी, प्रिंस का दोस्त था, इस नाते उसका हैप्पी के घर आना- जाना था। शाम के वक्त दोनों दोस्त एक साथ बैठकर गपशप भी करते थे। कभी कभार हैप्पी प्रिंस के पीछे भी उसके घर चला जाता था और भाभी होने के नाते प्रिंस की पत्नी प्रीति से हंसी मजाक भी करता।
एक दिन घर पर कोई नहीं था। हैप्पी प्रिंस के घर पहुंचा तो प्रीति ने उसके लिए चाय लेकर आई। इस दौरान हैप्पी ने मजाक करते हुए कहा… “भाभी आप जबरदस्त चीज हो…।“ यह कहते ही उसने प्रीति का हाथ पकड़ लिया और एक झटके से बोल दिया… “आई लव यू प्रीति।“ एक बार को प्रीति को यह मजाक ही लगा, लेकिन जब उसने हैप्पी की आंखों में आंखे डाली तो उसे एक अजीब सा सकून मिलने का अहसास हुआ। एक ऐसा सुख जो प्रीति को आनंद की ओर ले जा रहा था।
Haryana News : मेरी यह प्यास कब बुझेगी ?
इसके बाद तो प्रिंस के काम पर जाने के बाद हैप्पी उसके घर पहुंच जाता, प्रीति को भी उसके आने का इंतजार रहने लगा। एक रोज भरी दोपहरी में हैप्पी प्रीति के पास पहुंचा और बोला… “प्रीति अब तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रहा जाता।“ वह प्रीति के करीब आया और उसे बाहों में भरते हुए कहा… “प्रीति मन में तड़प उठ रही है, मेरी यह प्यास कब बुझेगी।“ असल में, प्रीति भी अंदर ही अंदर तड़प रही थी। वह तो बस यह इंतजार कर रही थी कि कब हैप्पी अपने मुंह उसे यह बात कहे। देखते ही देखते दोनों एक दूसरे के करीब आए और एक दूसरे में समा गए।
उधर, न तो हैप्पी न और न ही प्रीति ने प्रिंस को यह अहसास नहीं होने दिया कि, उनके बीच में अफेयर चल रहा है। प्रिंस के सामने तो हैप्पी एक सीधे-साधे दोस्त की तरह ही प्रीति से बात करता था।
हैप्पी और प्रीति में शुरू हुई प्रेम कहानी इस कदर आगे बढ़ चुकी थी कि वह अब घर पर मुलाकात नहीं करते थे, ताकि किसी को शक न हो। चूंकि हैप्पी टैक्सी ड्राइवर था तो वह प्रीति को लेकर गांव से बाहर जाने लगा। प्रीति भी घरवालों से कोई ना कोई बहाना बनाकर चली जाती थी। दोनों दिन में ही अपनी रात रंगीन करने लगे।
हैप्पी के बार-बार घर आने और सीधे प्रीति से ही बात करने को लेकर मलकीत को कुछ शक तो हुआ कि दाल में कुछ काला, लेकिन बिना सबूत के वह कुछ नहीं बोला।
प्रिंस और प्रीति की शादी को भले ही पांच साल हो थे, लेकिन वह प्रिंस द्वारा दिए जा रहे सुख से नाखुश नजर आ रही थी। उसे तो हैप्पी की बाहों में मिलने वाला सुख ही अब सबसे ज्यादा पसंद आ रहा था। एक दिन मुलाकात के दौरान, प्रीति ने हैप्पी से धीमे स्वर में कहा… “तेरे बिना अब रहा नहीं जाता। लेकिन प्रिंस… जब तक वो है, तब तक हम कभी साथ नहीं हो पाएंगे।”
हैप्पी ने ठंडी सांस ली और बोला- “तो फिर रास्ते में बस एक दीवार है… और वो दीवार गिरानी पड़ेगी।”
“लेकिन इस काम के लिए मुझे तुम्हारे साथ की जरुरत पड़ेगी, इस दीवार को गिराने के लिए मुझे तुम्हारे साथ की जरुरत है… कहीं तुम बाद में मुकर ना जाओं” हैप्पी ने सवाल किया।
“मैं कसम खाती हूं, जिंदगीभर तुम्हारा साथ दूंगी” प्रीति ने जवाब दिया। कुछ देर रुकने के बाद वह फिर बोली, “जहां भी रहेंगे, साथ रहेंगे, चाहे वो तुम्हारा घर हो या फिर जेल।“
“तो फिर बनाता हूं प्लान, यह काम अकेले नहीं होगा, किसी को साथ लगाना होगा।“ हैप्पी ने प्रीति को बाहों में भरते हुए कहा।

Haryana News : ऐसे बनाया प्लान
प्रीति की तरफ से इशारा मिलने के बाद हैप्पी ने उन दोनों के बीच बनी दीवार (प्रिंस) को गिराने का प्लान बनाया। इस प्लान में हैप्पी ने अपने एक दोस्त दिव्यांशु उर्फ गोली को भी शामिल कर लिया। हालांकि दिव्यांशु ने शुरू में इसका विरोध किया, लेकिन दोस्ती का वास्ता दिए जाने के बाद वह भी हैप्पी के प्लान में शामिल हो गया।
14 मई की शाम पांच- साढ़े पांच बजे के करीब प्रिंस अपनी फैक्ट्री से बाहर निकला और पिता को फोन कर बताया कि “आज वह थोड़ा लेट आएगा, बाइक में कुछ खराबी है, उसे ठीक करवाते हुए आउंगा।“ हिमाचल प्रदेश की सीमा से निकल कर प्रिंस ने हरियाणा की सीमा में प्रवेश किया। वह कुछ ही दूरी पर पहुंचा था कि रास्ते में हिमालयन होटल पर खड़े हैप्पी और दिव्यांशु ने उसे रोक लिया।
“हमारी बाइक खराब हो गई है, गांव जाने वाले किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे, अब तुम आ गए हो… गांव तक तो छोड़ ही दोगे भाई…” हैप्पी बोला।
प्रिंस मुस्कराकर बोलो, “चलो बैठ जाओ”
तीनों बाइक से गांव की ओर बढ़े। रास्ते में कराल घाट के सुनसान इलाके में हैप्पी ने अपने बैग से लोहे की रॉड निकाली और पीछे से प्रिंस के सिर पर तेज वार कर दिया।
प्रिंस लड़खड़ाकर बोला, “हैप्पी.. तू ही, क्यों ?”
Haryana News: दोस्त ने पीठ में छुरा घोपा
इससे पहले प्रिंस और कुछ बोल पाता, हैप्पी ने लोहे की रॉड से फिर से वार करने शुरू कर दिए। तीन- चार बार सिर में हुए हमले से बेसुध हो गया, जिससे बाइक पर बेकाबू होकर सड़क पर गिर गई। तीनों बाइक के साथ गिर गए। हैप्पी और दिव्यांशु झट से उठे। दोनों को शक था कि शायद प्रिंस मरा नहीं है, इसलिए उन्होंने उसकी पीठ में चाकू से कई वार किए।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों गांव बकाला लौट आए। किसी को शक न हो इसलिए में रास्ते में मिलने वाले लोगों से सामान्य व्यवहार किया।
उसी रात साढौरा थाना पुलिस ने प्रिंस का शव बरामद कर लिया। परिजनों ने अगले दिन अंतिम संस्कार कर दिया। प्रिंस के अचानक से इस तरह दुनिया से चला जाने का सबसे ज्यादा दुख उसके पिता मलकीत को हो रहा था। उसने ही डीएसपी से कहा था कि, प्रिंस और प्रीति के बीच अक्सर झगड़ा रहता था। प्रिंस को लेकर प्रीति का बर्ताव भी ठीक नहीं था।
कईे लेवल की जांच करने के बाद जब पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला तो डीएसपी हरविंदर सिंह के आदेश पर एसआईटी प्रिंस के घर पहुंच गई। पुलिस को अपने ही घर पर देखकर प्रीति सकपका गई। पुलिस ने उसे साथ चलने के लिए कहा तो वह बहाने बनाने लगी। लेकिन जब महिला पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वह साथ चलने के तैयार हुई।

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थाने लाकर प्रीति से पूछताछ की गई तो उसने कुछ नहीं बताया, लेकिन जब महिला पुलिस के दो- चार थप्पड़ गाल पर पड़े तो एक के बाद एक सभी बातें उगलती चली गई।
“मैं और हैप्पी एक दूसरे से प्यार करते हैं… मैं हैप्पी से शादी करना चाहती थी, लेकिन प्रिंस रास्ते की दीवार बनकर खड़ा था।“
“हां… मैंने ही हैप्पी और दिव्यांशु का कहा था। प्रिंस की मौजूदगी मेरी राह का कांटा थी।“ प्रीति ने पुलिस को बताया।
प्रीति द्वरा प्रिंस की हत्या किए जाने की बात स्वीकार करने के बाद पुलिस ने हैप्पी और दिव्यांशु को भी गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी यमुनानगर हरविंदर सिंह ने बताया कि, हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले हैप्पी और दिव्यांशु ने बेहद शातिराना अंदाज में प्लान तैयार किया था। वह पकड़े ना जा सके, इसके लिए दोनों अपने- अपने मोबाइल स्वीच ऑफ करके और घर पर रख दिए, ताकि लोकेशन ट्रेस ना की जा सके।
इसके बाद दोनों हिमालयन होटल पर पहुंचे और प्रिंस के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही प्रिंस आया तो अपनी बाइक खराब होने का बहाना बनाकर उसकी बाइक पर सवार हो गए और सुनसान रास्ते में पहले लोहे की रॉड से सिर पर हमला और फिर पीठ पर चाकुओं से वार कर हत्या कर दी और आराम से अपने अपने घर आ गए। तीनों ने अपने गुनाह को कबूल कर लिया है।
मृतक प्रिंस अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। प्रिंस की हत्या के बाद जहां उसकी दो नन्हीं बेटियों के सिर से पिता का साया छीन गया है, वहीं बूढ़े माँ-बाप का सहारा भी छीन गया है। Haryana News

