Haryana Love Fraud हरियाणा के भिवानी जिले में एक ऐसा गिरोह सक्रिय था, जिसने सोशल मीडिया की दोस्ती को अपना हथियार बनाकर लोगों को भावनात्मक और आर्थिक रूप से लूटने का धंधा शुरू कर दिया था। इस गिरोह का सरगना था चरखी-दादरी जिले के जैवली गांव का 35 वर्षीय संदीप। संदीप शादीशुदा था, लेकिन उसके मन में पैसों की भूख इतनी गहरी थी कि उसने नैतिकता को किनारे रखकर एक खतरनाक खेल शुरू किया।
संदीप का सबसे करीबी साथी था गांव का ही राहुल, जो अभी तक कुंवारा था। दोनों की पढ़ाई ज्यादा नहीं हुई थी। स्कूल के बाद संदीप ने पढ़ाई छोड़ दी और राहुल भी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था। दोनों ही शॉर्टकट में अमीरी के सपने देखते थे। संदीप सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहता था। फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वह लगातार नए लोगों से जुड़ता रहता था।
कुछ महीने पहले संदीप की फेसबुक के जरिए मित्ताथल की 28 वर्षीय प्रिया से दोस्ती हुई। दोनों में रोजाना चैट होती थी। बातों-बातों में संदीप ने प्रिया को अपना प्लान बताया। प्रिया, जो खुद शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे भी थे, इस प्रस्ताव पर राजी हो गई। तय हुआ कि जो भी कमाई होगी, उसे तीनों में बराबर बांटा जाएगा।
Haryana Love Fraud दोस्ती से गैंग तक का सफर
लगभग दो महीने पहले संदीप और राहुल ने मिलकर एक ठोस प्लान बनाया। संदीप का काम था ऐसे लोगों की तलाश करना जो महिलाओं के प्रति ज्यादा दिलचस्पी रखते हों। राहुल को सुरक्षित जगह की व्यवस्था करनी थी, जबकि प्रिया का काम था सोशल मीडिया पर दोस्ती करके शिकार को जाल में फंसाना। प्लान इतना साधारण था कि शुरू में इसे कोई गंभीर अपराध नहीं समझा जा सकता था, लेकिन इसका नतीजा बेहद खतरनाक होने वाला था।
इस बीच राहुल की सोशल मीडिया पर भिवानी की 32 वर्षीय सीमा से दोस्ती हो गई। सीमा राजस्थान में शादीशुदा थी। उसके दो बच्चे थे, लेकिन वह अपने पति और बच्चों से अलग रहती थी। जब राहुल ने सीमा को गिरोह के प्लान के बारे में बताया, तो वह भी बिना ज्यादा सोचे-समझे इस गैंग में शामिल हो गई। अब सीमा का काम था—जब जरूरत पड़ती, तो वह कमरा उपलब्ध करवा देती।
इस तरह चार लोगों का यह गिरोह तैयार हो गया:
– संदीप (35 वर्ष, जैवली, सरगना)
– राहुल (24 वर्ष, कुंवारा)
– प्रिया (28 वर्ष, मित्ताथल, दो बच्चे)
– सीमा (32 वर्ष, भिवानी, दो बच्चे)
Haryana Love Fraud पहला सफल शिकार: झज्जर का व्यक्ति
गिरोह ने अपना पहला टारगेट झज्जर जिले के एक व्यक्ति को बनाया। संदीप पहले से ही इस व्यक्ति को जानता था। प्रिया ने व्हाट्सएप पर उससे दोस्ती की, बातें बढ़ाईं और धीरे-धीरे उसे भावनात्मक रूप से बांध लिया। तय समय पर प्रिया ने उसे मिलने के लिए बुलाया। एक सुनसान जगह पर मिलने के बाद बाकी सदस्यों ने उसे नग्न अवस्था में वीडियो बना लिया और ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।
पीड़ित डर गया। उसने विरोध करने की जगह चुपचाप 3 लाख रुपये गिरोह को दे दिए। यह पहली सफलता थी। गिरोह के हौसले आसमान पर पहुंच गए। उन्हें लगा कि यह खेल बहुत आसान है और पैसा भी बहुत जल्दी बन रहा है।
Haryana Love Fraud हिसार के ठेकेदार के साथ पूरा ड्रामा
अब गिरोह का अगला बड़ा शिकार था हिसार का एक ठेकेदार, देवेंद्र। देवेंद्र ने 16 अक्टूबर को अपने व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज प्राप्त किया। मैसेज करने वाली ने अपना नाम प्रिया बताया। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत शुरू हुई। बातें दोस्ती में बदल गईं और फिर भावनात्मक लगाव में।
22 अक्टूबर को देवेंद्र को चरखी-दादरी जाना था, लेकिन प्रिया ने उसे भिवानी मिलने के लिए राजी कर लिया। देवेंद्र भिवानी बस स्टैंड पहुंचा। प्रिया ने अपनी स्कूटी उसके वाहन के आगे लगाई और उसे हनुमान ढाणी स्थित एक मकान पर ले गई। यह मकान सीमा ने ही उपलब्ध करवाया था।
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मकान में पहुंचते ही प्रिया ने पहले देवेंद्र की शर्ट उतरवाने को कहा। फिर वह खुद बाथरूम में चली गई। बाहर आने पर उसने भी अपने कपड़े उतार दिए। ठीक इसी समय अचानक दो युवक- संदीप और राहुल कमरे में घुस आए। उन्होंने देवेंद्र की पैंट उतरवाकर उसकी मारपीट की और पूरा घटनाक्रम मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो बनने के बाद ब्लैकमेलिंग शुरू हुई। गिरोह ने वीडियो वायरल करने और झूठा मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दी। शुरू में उन्होंने 10 लाख रुपये मांगे, लेकिन बाद में 5 लाख में समझौता किया। देवेंद्र से तुरंत 99 हजार रुपये गूगल-पे से डलवाए गए। साथ ही दो-दो लाख रुपये के दो चेक भी ले लिए गए।
Haryana Love Fraud लालच ने किया गिरीफ्तारी का कारण
पहले मिले पैसों से गिरोह का लालच और बढ़ गया। उन्होंने 24 अक्टूबर को दोबारा देवेंद्र को फोन किया और बाकी पैसों की मांग की। देवेंद्र कुछ दिन टालता रहा, लेकिन जब दबाव बहुत बढ़ गया तो उसने हिम्मत जुटाई और भिवानी के थाना शहर में शिकायत दर्ज करवा दी।
चूंकि देवेंद्र के पास प्रिया का नंबर था और गूगल-पे ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड भी था, इसलिए पुलिस को जांच में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। 19 दिसंबर को औपचारिक रूप से FIR दर्ज हुई। भिवानी सीआईए स्टाफ-2 के इंचार्ज विशेष कुमार और जैन चौक पुलिस चौकी के इंचार्ज मनीष कुमार की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।
19 दिसंबर को ही गिरोह के चारों सदस्यों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में संदीप और राहुल को 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला, जबकि महिला सदस्यों, सीमा और प्रिया को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
Haryana Love Fraud और भी कई शिकार हो सकते हैं
DSP मुख्यालय महेश कुमार ने बताया कि गिरोह ने पूछताछ में अभी सिर्फ दो शिकारों से 8 लाख रुपये ऐंठने की बात कबूली है। लेकिन पुलिस को शक है कि इनके जाल में कई और लोग भी फंसे होंगे। जो लोग शर्मिंदगी और सामाजिक दबाव की वजह से चुप रहे और चुपचाप पैसे दे दिए, वे आगे नहीं आए।
गिरोह के पास 4-5 और लोगों को टारगेट करने की प्लानिंग चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पुलिस का मानना है कि गहन पूछताछ से और भी कई खुलासे हो सकते हैं।
अंत में एक सबक
यह कहानी सिर्फ चार लोगों की नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर होने वाली अंधी दोस्ती और लालच की है। एक छोटी सी चैट से शुरू हुई बातें कैसे एक खतरनाक गिरोह में बदल गईं, और कैसे निर्दोष लोग भावनाओं के बहकावे में आकर लाखों रुपये गंवा बैठे। Haryana Love Fraud