Gurugram Love Story: कंपनी मालकिन- मैनेजर के बीच हॉट रोमांस, गुरुग्राम की कॉर्पोरेट लव स्टोरी

Gurugram Love Story: कंपनी मालकिन-मैनेजर के बीच हॉट रोमांस, गुरुग्राम की कॉर्पोरेट लव स्टोरी

Gurugram Love Story: गुरुग्राम की चमचमाती साइबर सिटी में स्थित एक प्राइवेट कंपनी अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स और हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स के लिए जानी जाती थी। कांच की ऊंची इमारतों के बीच बना उसका हेड ऑफिस रात में भी रोशनी से जगमगाता रहता था।

कंपनी की डायरेक्टर थीं निकिता, तेज दिमाग, आत्मविश्वासी और अपने काम को लेकर बेहद सख्त। 33 साल की निकिता ने अपने दम पर कॉर्पोरेट दुनिया में एक मजबूत पहचान बनाई थी। उनके फैसले सटीक होते, उनकी प्रेजेंटेशन प्रभावशाली होती और उनकी मौजूदगी भर से टीम सतर्क हो जाती।

मूल रुप से यूपी का रहने वाला 30 वर्षीय अंशुल वर्मा कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर काम करता था। शांत स्वभाव, गहरी सोच और काम के प्रति समर्पण ने उसे निकिता की खास टीम का हिस्सा बना दिया था। वह ज्यादा बोलता नहीं था, लेकिन जब भी बोलता, उसकी बात में वजन होता। निकिता को अंशुल की यही बात पसंद थी वह भरोसेमंद था।

दोनों के बीच शुरुआत में रिश्ता पूरी तरह पेशेवर था। मीटिंग रूम में तीखी बहसें, प्रोजेक्ट साइट पर घंटों की प्लानिंग और देर रात तक चलने वाली स्ट्रेटेजी कॉल्स, उनकी बातचीत काम तक सीमित रहती।

लेकिन धीरे-धीरे, काम की गंभीरता के बीच कुछ हल्की मुस्कुराहटें जगह बनाने लगीं। कभी किसी प्रेजेंटेशन के बाद कॉफी मशीन के पास दो मिनट की बातचीत, तो कभी देर रात मेल भेजते समय एक छोटा-सा “Good job”।

Gurugram Love Story: एक-दूसरे की मौजूदगी से अजीब-सी ऊर्जा

एक दिन कंपनी को गुरुग्राम में ही एक बड़े स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिली। यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता था। डेडलाइन कम थी और जिम्मेदारी बड़ी।

निकिता ने खुद साइट सुपरविजन का फैसला किया और अंशुल को अपने साथ रखा। कई दिनों तक दोनों सुबह से रात तक साइट पर जुटे रहे। थकान थी, लेकिन एक-दूसरे की मौजूदगी से अजीब-सी ऊर्जा भी थी।

एक शाम, जब लगातार बैठकों और निरीक्षण के बाद वे होटल लौटे, बाहर हल्की बारिश हो रही थी। शहर की रोशनी पानी की बूंदों में चमक रही थी। निकिता ने अंशुल को मैसेज किया- “कुछ जरूरी फाइनल डिटेल्स डिस्कस करनी हैं, मेरे कमरे में आ जाओ।” अंशुल फाइल लेकर उनके कमरे में पहुंचा। कमरे में हल्की खुशबू थी और खिड़की के बाहर बारिश की बूंदें कांच पर लय बना रही थीं।

उन्होंने रूम सर्विस से डिनर मंगवाया। काम की बातें शुरू हुईं, लेकिन माहौल में कुछ बदला-बदला सा था। निकिता ने वाइन की बोतल खोली और दो गिलास भर दिए। बातचीत धीरे-धीरे प्रोजेक्ट से हटकर जिंदगी की ओर मुड़ गई।

निकिता ने पहली बार अपने निजी संघर्षों का जिक्र किया-कैसे करियर की दौड़ में उन्होंने बहुत कुछ पीछे छोड़ दिया। अंशुल ने भी माना कि लगातार काम के दबाव में कभी-कभी इंसान खुद को खो देता है।

Gurugram Love Story: प्रतीकात्मक फोटो।
Gurugram Love Story: प्रतीकात्मक फोटो।

Gurugram Love Story: दो दिलों की धड़कन की आहट

कुछ पल के लिए खामोशी छा गई। सिर्फ बारिश की आवाज थी और दो धड़कनों की आहट। निकिता ने उसकी ओर देखा- उस नजर में पहली बार डायरेक्टर की सख्ती नहीं, बल्कि एक औरत की नर्मी थी। निकिता ने धीरे से अंशुल के हाथ पर अपना हाथ रखा। वह स्पर्श हल्का था, लेकिन उसके भीतर गहरी हलचल पैदा कर गया।

“क्या खुशबू है ये?” अंशुल ने पूछा। निकिता मुस्कुराई, गर्दन थोड़ी तिरछी की। “सूंघकर देखो।” अंशुल करीब आया, उसकी सांस निकिता की गर्दन पर लगी। एक पल… और उनके होंठ मिल गए।

निकिता ने अंशुल के कॉलर पकड़े, उसे और करीब खींचा। “अंशुल… मैं नहीं रोक पा रही,” उसने फुसफुसाया। अंशुल ने जवाब में उसके होंठ फिर से चूमे, जीभ से खेलते हुए। निकिता की सांसें तेज हो गईं। वे बेड की ओर बढ़े, कपड़े धीरे-धीरे गिरते गए।

निकिता की साड़ी फर्श पर गिर गई। उसकी स्मूद स्किन, कर्व्स, ब्रेस्ट-  सब अंशुल को पागल कर रहे थे। अंशुल ने उसके कंधों को चूमा, फिर गर्दन, फिर नीचे। निकिता की कराहें कमरे में गूंजीं। “अंशुल… ओह… हां…” उसने सिर पीछे किया।

अंशुल ने उसे बेड पर लिटाया। कमरे में एक रोमांटिक तूफान उठा। निकिता ने पोजीशन बदली, ऊपर आई। उसके खुले बाल अंशुल के चेहरे पर गिरे। “तुम… कितनी हॉट हो,” अंशुल ने कराहते हुए कहा। निकिता ने झुककर उसे किस किया।  दोनों एक साथ थरथरा उठे, चीखते हुए। निकिता अंशुल की छाती पर गिर पड़ी, दोनों की सांसें तेज।

वे एक-दूसरे की बाहों में लेटे रहे। निकिता ने कहा, “ये… सिर्फ एक रात नहीं थी।” अंशुल ने उसकी आंखों में देखा- वहां तन्हाई के साथ-साथ एक नई चमक थी।

Gurugram Love Story: प्रतीकात्मक फोटो।
Gurugram Love Story: प्रतीकात्मक फोटो।

Gurugram Love Story: प्रेग्नेट हो गई कंपनी मालकिन

सुबह का सूरज उगा तो सब कुछ सामान्य लगने की कोशिश कर रहा था। निकिता पहले की तरह सधे हुए अंदाज में तैयार थीं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा- “आज की मीटिंग बहुत अहम है, फोकस्ड रहना।” अंशुल समझ गया कि पिछली रात को शब्दों में नहीं दोहराया जाएगा।

दिन बीतते गए, लेकिन वह रात उनके बीच एक अनकही परत की तरह मौजूद रही। ऑफिस में सब सामान्य था, लेकिन नजरें मिलतीं तो एक क्षण के लिए दोनों की सांसें ठहर जातीं।

कुछ हफ्तों बाद निकिता ने अंशुल को अपने केबिन में बुलाया। उनकी आवाज में पहले जैसी दृढ़ता नहीं थी। उन्होंने धीमे से कहा, “मुझे तुमसे एक जरूरी बात करनी है… मैं प्रेग्नेंट हूं।”

यह सुनते ही अंशुल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे लगा जैसे गुरुग्राम की सारी ऊंची इमारतें एक पल में उसके ऊपर गिर पड़ी हों। उसने खुद को संभालते हुए पूछा, “क्या तुम्हें पूरा यकीन है?” निकिता ने सिर हिलाया।

आने वाले दिन उनके जीवन के सबसे कठिन दिन थे। अपराधबोध, डर, जिम्मेदारी- हर भावना साथ चल रही थी। अंशुल ने साफ कहा कि सच्चाई की पुष्टि जरूरी है। टेस्ट हुए और परिणाम ने साबित कर दिया कि बच्चा उसी का है।

अब फैसला लेना था। निकिता ने अपने निजी जीवन के बारे में ईमानदारी से सोचना शुरू किया। उन्होंने महसूस किया कि उनका विवाह लंबे समय से केवल औपचारिकता बन चुका था। उन्होंने अलग होने का कठिन निर्णय लिया।

Gurugram Love Story: जिंदगी से सामना

अंशुल ने भी अपनी जिंदगी का सामना किया। उसने समझा कि एक क्षण का आकर्षण कितनी बड़ी जिम्मेदारी बन सकता है। लेकिन उसने भागने के बजाय साथ खड़े होने का फैसला किया।

समय बीता, और एक नए जीवन ने दुनिया में कदम रखा। जब अंशुल ने पहली बार अपने बेटे को गोद में लिया, उसे एहसास हुआ कि यह कहानी सिर्फ रोमांस की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भी है। निकिता की आंखों में आंसू थे, लेकिन उनमें डर नहीं, बल्कि दृढ़ता थी।

उनका रिश्ता अब पहले जैसा आवेगपूर्ण नहीं था। वह परिपक्व हो चुका था। उन्होंने सीखा कि प्यार सिर्फ आकर्षण नहीं, बल्कि जवाबदेही और सम्मान है।

इस कहानी से सीख यह है कि ऑफिस रोमांस बेहद संवेदनशील विषय होता है। शक्ति और पद का संतुलन रिश्ते को जटिल बना सकता है। एक पल की भावनात्मक कमजोरी जीवन की दिशा बदल सकती है।

इसलिए हर रिश्ते में ईमानदारी और जिम्मेदारी जरूरी है। अगर गलती हो भी जाए, तो उससे भागने के बजाय उसका सामना करना ही इंसान की असली ताकत है। प्यार तब तक अधूरा है, जब तक उसमें सच और जिम्मेदारी शामिल न हों। Gurugram Love Story

Live-in Love Tragedy: हरियाणा की डांसर, स्टेज पर लड़के से हुआ प्यार, रियल लिव इन स्टोरी

Sarv Rog Nivaran Puajn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *