Fazilka Love Story: बाली उम्र की कच्ची मोहब्बत, प्रपोज-डे पर खतरनाक वैलेनटाइन सरप्राइज

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Fazilka Love Story: पंजाब का जिला फाजिल्का पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है। इसी जिले का एक शहर है अबोहर। यह शहर राजस्थान और पाकिस्तान की सीमा से लगता है। अबोहर की गोशाला में एक धूप भरी दोपहर थी। गायों की मधुर आवाजें, घास की खुशबू और दूर कहीं से आती भजन की धुन। सचिन रोज की तरह अपनी स्पेयर पार्ट्स की दुकान से थककर गोशाला के पास बैठा चाय पी रहा था। उसकी उम्र महज 22 साल थी, लेकिन चेहरे पर मेहनत की लकीरें पहले से ही उभर आई थीं। बारहवीं के बाद आईटीआई किया था, अब मैकेनिक का काम करता था, दिनभर तेल-ग्रीस से सने हाथ, शाम को थकान।

तभी उसकी नजर एक लड़की पर पड़ी। सफेद सलवार-कमीज में, बाल खुले, हाथ में घास का गट्ठर लिए वह गायों को खिलाने आई थी। नाम था आरती। नाबालिग, महज 17 साल की, चेहरे पर मासूमियत और आंखों में सपनों की चमक। उसके पिता गोशाला में ही सेवा करते थे, परिवार यूपी से आया हुआ था, लेकिन अब अबोहर में बस गए थे।

सचिन ने पहली बार उसे देखा तो दिल में कुछ हलचल हुई। वह चुपचाप देखता रहा। अगले दिन फिर आया, फिर देखा। धीरे-धीरे बातें शुरू हुईं। पहले “नमस्ते”, फिर “कैसी हो?”, फिर छोटी-छोटी मदद। सचिन गायों के लिए पानी भर देता, आरती मुस्कुरा देती। गोशाला की उन दीवारों के बीच, जहां दुनिया की भागदौड़ नहीं पहुंचती थी, दोनों की दोस्ती पनपने लगी।

Fazilka Love Story: AI फोटो

Fazilka Love Story: कुछ ही महीनों में दोस्ती प्यार मे बदली

कुछ महीनों में दोस्ती प्रेम में बदल गई। सचिन को आरती की हर बात पसंद आने लगी- उसकी हंसी, उसके सपने, उसके छोटे-छोटे शरारती अंदाज। आरती भी सचिन की सादगी और मेहनत से प्रभावित थी। वह कहती, “तुम इतने अच्छे हो सचिन, कभी किसी को दुख नहीं दोगे न?” सचिन हंसकर कहता, “तुम्हें कभी दुख नहीं दूंगा, ये वादा है।”

दोनों मिलने लगे। कभी गोशाला के पीछे वाले पेड़ के नीचे, कभी शाम को पार्क में। सचिन ने आरती को पहली बार हाथ पकड़ा था एक शाम, जब सूरज ढल रहा था। आरती का चेहरा लाल हो गया था, लेकिन उसने हाथ नहीं छुड़ाया। सचिन ने कहा था, “आरती, मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं। बस थोड़ा इंतजार कर लो, मैं अपनी जिंदगी संवार लूंगा।” आरती ने शरमाते हुए सिर हिलाया, “हां सचिन, मैं भी यही चाहती हूं।”

उन दिनों में प्यार की मिठास हर पल में घुली हुई थी। सचिन आरती के लिए छोटी-छोटी चीजें लाता- कभी चूड़ियां, कभी आइसक्रीम। आरती उसे अपनी डायरी दिखाती, जिसमें उसने सचिन के नाम से कविताएं लिखी थीं। दोनों सपने देखते- एक छोटा-सा घर, जहां सिर्फ वे दोनों होंगे, बच्चे होंगे, और खुशियां होंगी। सचिन कहता, “तुम मेरी जिंदगी हो आरती। तुम्हारे बिना कुछ नहीं।”

Fazilka Love Story: मृतका आरती । फाइल फोटो।

Fazilka Love Story: दिमाग में समझ, दिल में चुभन

लेकिन समय बदलता है। करीब दो महीने पहले आरती ने सचिन से कहा, “सचिन, हमें थोड़ा सोचना होगा। मेरे परिवार वाले… और मैं अभी पढ़ाई कर रही हूं।” सचिन समझा, लेकिन दिल में एक चुभन सी हुई। फिर एक दिन आरती ने फोन पर कहा, “सचिन, मैं किसी और से बात करती हूं। वो अच्छा लड़का है।” उसने सोशल मीडिया पर उस लड़के की तस्वीरें दिखाईं। सचिन का दिल टूट गया। वह चुप रहा, लेकिन अंदर ही अंदर आग भड़कने लगी।

वह सोचता रहता- क्यों? मैंने क्या गलती की? आरती ने कहा था कि वह सिर्फ मेरी है। धोखा… ये शब्द उसके दिमाग में गूंजता रहा। नफरत प्यार की जगह लेने लगी। वह रातों को सो नहीं पाता। सपने में आरती किसी और के साथ हंसती दिखती, और वह चीख उठता।

फिर उसने फैसला किया। बदला लेना था। प्रपोज-डे आ रहा है। वह दिन, जब प्यार का इजहार होता है। सचिन ने सोचा, सरप्राइज दूंगा। लेकिन ये सरप्राइज मौत का होगा। उसने बाजार से कुल्हाड़ी खरीदी, 300 रुपये की। बैग में छुपाई। आरती को मैसेज किया, “आज शाम मिलना है। बहुत बड़ा सरप्राइज है।”

Fazilka Love Story: आरोपी सचिन।

Fazilka Love Story: प्रपोज- डे पर मौत का सरप्राइज

आरती खुश हो गई। वह आई। सचिन ने दुकान मालिक की स्कूटी ली, उसे पार्क के पास से पिक किया। पहले एक होटल गए, रूम नहीं मिला। फिर मलोट रोड के पंजाब होटल पहुंचे। शाम करीब पांच बजे। 2000 रुपये में कमरा लिया।

कमरे में पहुंचते ही सचिन ने कहा, “आंखें बंद करो, सरप्राइज है।” आरती ने हंसकर आंखों पर पट्टी बंधवा ली। सचिन ने कहा, “कपड़े उतारो, चेन पहनानी है।” आरती शरमाई, लेकिन प्यार में यकीन करके मान गई। फिर सचिन ने कहा, “गर्दन झुकाओ, चेन पहनाऊंगा।” जैसे ही आरती ने गर्दन झुकाई, सचिन ने कुल्हाड़ी निकाली। तीन बार वार किए। आरती तेज चीख निकली और फिर खामोशी।

सचिन खून से सनी कुल्हाड़ी बैग में डालकर भागा। स्कूटी दुकान पर लगाई, बस पकड़ी, गांव चला गया। रास्ते में छोटे भाई राहुल को फोन किया, “मैंने आरती को मार दिया।” राहुल रो पड़ा, “तूने अपनी और हमारी जिंदगी खराब कर दी!” सचिन ने फोन काट दिया।

अब हवालात में बैठा सचिन सोचता है। प्यार था, सपने थे, वादे थे। लेकिन नफरत ने सब कुछ खत्म कर दिया। वह कहता है, “गलती हो गई। लेकिन पछतावा नहीं है। वो धोखा दिया था।” फिर भी आंखों में खालीपन है। जिंदगी में सब कुछ खो दिया।

यह कहानी प्यार की शुरू होती है गोशाला की उस मुलाकात से, जहां दो दिल मिले थे। लेकिन प्यार जब जुनून बन जाता है, जब स्वामित्व की भावना हावी हो जाती है, तो वह प्यार नहीं, नफरत बन जाता है। सचिन और आरती की लव स्टोरी एक दर्दनाक अंत पर ठहर गई- जहां प्यार की जगह बदले ने ले ली, और दोनों की जिंदगियां हमेशा के लिए बदल गईं। Fazilka Love Story

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