Meerut Lady Constable Love Story: मेरठ की सर्द रातें अक्सर रहस्यों से भरी होती हैं, जहां शहर की हलचल के बीच प्यार की कहानियां चुपके से पनपती हैं। लेकिन संध्या भारद्वाज और अंकित चौहान की लव स्टोरी ऐसी है, जो न सिर्फ दिलों को छूती है, बल्कि परिवार, समाज और सिस्टम की दीवारों को तोड़ने की हिम्मत दिखाती है।
संध्या, एक बहादुर महिला सिपाही, और अंकित, एक हिस्ट्रीशीटर, जिनकी मुलाकात 12 साल पहले हुई थी। यह कहानी अपहरण की एक FIR से शुरू हुई, लेकिन असल में यह प्यार की एक गहरी दास्तान है, जहां संध्या ने कहा, “दुल्हन तो सिर्फ अंकित की बनूंगी।” आइए, इस कहानी को शुरू से जानते हैं…
Meerut Lady Constable Love Story: पहली मुलाकात: बुआ के घर की वो मासूम सी शामें
साल 2015-16 की बात है। मेरठ के बहसूमा इलाके में अकबरपुर सादात गांव में रहने वाली संध्या भारद्वाज तब 9वीं क्लास में पढ़ रही थी। उसका परिवार साधारण था, पिता सुभाष शर्मा, भाई प्रिंस, हर्षित और एक छोटी बहन।
संध्या की पढ़ाई मनफूल कन्या इंटर कॉलेज, बहसूमा में चल रही थी। लेकिन बेहतर पढ़ाई के लिए वह अपने गांव से 6 किलोमीटर दूर, अपनी बुआ के गांव ढकौल चली गई। बुआ का घर संध्या के लिए एक नया आशियाना बन गया, जहां वह आराम से पढ़ाई कर सकती थी।
ढकौल गांव में ही रहता था अंकित चौहान, जो उस वक्त 10वीं क्लास में पढ़ रहा था। अंकित का बुआ के घर आना-जाना लगा रहता था। शायद कोई काम से, या बस यूं ही। एक दिन, बुआ के घर पर संध्या की नजर अंकित से मिली।
वह मजबूत कद-काठी का लड़का था, गांव की गलियों में घूमता, लेकिन उसकी आंखों में एक अलग सी चमक थी। संध्या, लंबे बालों वाली, शांत और पढ़ाकू लड़की, पहले तो उसे नजरअंदाज करती रही। लेकिन धीरे-धीरे बातें होने लगीं। “क्या पढ़ रही हो?” अंकित ने एक दिन पूछा। “9वीं क्लास, साइंस और मैथ्स,” संध्या ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।
यह मुलाकातें घर तक सीमित नहीं रहीं। घर के बाहर, गांव की सड़कों पर, दोनों मिलने लगे। पहले दोस्ती थी, स्कूल की बातें, गांव की कहानियां, हंसी-मजाक। अंकित ने पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन संध्या की महत्वाकांक्षा उसे प्रभावित करती थी।
संध्या को अंकित की सादगी और हिम्मत पसंद आई। बुआ के घर वाले जानते थे कि दोनों दोस्त हैं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दोस्ती प्यार में बदल रही है। दिन बीतते गए, और संध्या के दिल में अंकित के लिए एक खास जगह बन गई। वह सोचती, “यह लड़का अलग है, मेरे सपनों को समझता है।”

Meerut Lady Constable Love Story: प्यार की गहराई: पढ़ाई, नौकरी और क्राइम की छाया
समय गुजरता गया। संध्या ने अपनी पढ़ाई पूरी की। उसने ASPG कॉलेज, मवाना से बीकॉप किया। वह हमेशा से कुछ बड़ा करना चाहती थी। पहले टीचर बनने का सपना था, लेकिन B.Ed नहीं किया। फिर उसने पुलिस की तैयारी शुरू की। 2020 में UP पुलिस की भर्ती परीक्षा पास की, लेकिन दौड़ में पीछे रह गई। फिर रेलवे का एग्जाम दिया, पास किया, लेकिन हाइट की वजह से सिलेक्शन नहीं हुआ।
दिल्ली पुलिस का एग्जाम भी क्रैक किया, लेकिन फिर वही समस्या। आखिरकार, 2021 में UP पुलिस में सिलेक्शन हो गया। संध्या को साइबर क्राइम थाने में तैनाती मिली। वह अब एक गर्वीली सिपाही थी, वर्दी पहनकर ड्यूटी पर जाती, अपराधियों से लड़ती।
लेकिन अंकित का रास्ता अलग था। पढ़ाई छोड़ने के बाद उसके पैर क्राइम की दुनिया में जम गए। एक-एक करके उसके खिलाफ 11 केस दर्ज हो गए, मवाना थाने में 9, किला परीक्षितगढ़ थाने में 2। मई 2025 में उसने शराब के ठेके पर लूट की, जिसमें ठेका मालिक की हत्या हो गई।
पुलिस मुठभेड़ में अंकित के पैर में गोली लगी, और उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड में वह हिस्ट्रीशीटर बन गया, मेरठ के गोलू गैंग से जुड़ा। लेकिन इन सबके बीच, संध्या और अंकित का प्यार नहीं बदला। वे चुपके से मिलते रहे, फोन पर बातें करते। संध्या जानती थी कि अंकित का अतीत डार्क है, लेकिन उसका दिल कहता था, “प्यार सिस्टम से बड़ा है।”
संध्या के परिवार ने उसकी शादी तय कर दी, अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से। 5 फरवरी को सगाई हुई, दहेज का सामान भेजा गया, जिसमें एक लाख रुपये कैश भी शामिल था। संध्या ने घर पर अंकित का नाम लिया, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। “एक सिपाही को छोड़कर हिस्ट्रीशीटर से शादी? नहीं होने देंगे,” उन्होंने कहा। संध्या दुखी हुई, लेकिन अंकित से वादा किया, “मैं सिर्फ तुम्हारी बनूंगी।” दोनों ने भागने की प्लानिंग की।

Meerut Lady Constable Love Story: शादी का दिन: बगावत की रात
7 फरवरी 2026 की रात थी। अकबरपुर सादात गांव में संध्या का घर सजा हुआ था। DPM स्कूल के पास प्रधान फार्म हाउस में शादी की तैयारी थी। घर में ढोलक पर महिलाएं बधाई गीत गा रही थीं। परिवार थक चुका था, लेकिन खुशी थी। रात 2 बजे, घर के बाहर एक बाइक रुकी। अंकित आया था। उसने संध्या को फोन किया। संध्या बाहर आई, परिवार के लोग भी। गहमागहमी हुई। अंकित चिल्लाया, “जब मैंने कहा था कि संध्या की शादी मुझसे होगी, तो क्यों कहीं और तय कर रहे हो?”
संध्या बाइक पर बैठ गई, और दोनों भाग गए। परिवार स्तब्ध रह गया। पिता सुभाष शर्मा की तबीयत बिगड़ गई, उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। उन्होंने थाने में FIR दर्ज कराई, अंकित पर अपहरण का आरोप। पुलिस ने मेरठ बॉर्डर पर घेराबंदी की। मामला महिला सिपाही का था, तो हंगामा मच गया।
संध्या और अंकित कोर्ट मैरिज करना चाहते थे। संध्या ने मां को फोन पर कहा, “परेशान मत हो, मैं शादी ही कर रही हूं, लेकिन अपनी पसंद से।” लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदले। संध्या की मां पीछे-पीछे कोर्ट पहुंच गईं, बदनामी का हवाला दिया। “शादी का तरीका गलत है, करवा देंगे लेकिन भागकर नहीं।” संध्या मान गई, लेकिन पुलिस की घेराबंदी से अंकित भाग गया।
Meerut Lady Constable Love Story: लव स्टोरी का खुलासा: थाने में सुनाई दास्तान
मवाना थाने में SHO पूनम जादौन को संध्या ने अपनी लव स्टोरी सुनाई। “2015-16 में बुआ के घर मिले, दोस्ती हुई, मिलना-जुलना बढ़ा।” अंकित जेल से कुछ दिन पहले छूटा था। सीओ पंकज लवानिया ने बताया, अंकित हिस्ट्रीशीटर है, गोलू गैंग का सदस्य।
9 फरवरी को संध्या ने कोर्ट में बयान दिया: “मैं अपनी मर्जी से गई थी। कोर्ट मैरिज करना चाहते थे, लेकिन मां आ गईं।” 10 फरवरी को अंकित ने सरेंडर किया, जेल भेजा गया।

परिवार का दर्द: पिता की बातें
पिता सुभाष शर्मा कहते हैं, “संध्या सबसे बड़ी है। टीचर बनना चाहती थी, लेकिन पुलिस बनी। शादी की खरीदारी की, खुश थी। निश्चित तौर पर धमकी से गई होगी।” वर पक्ष से बात हुई, लेकिन अब चुप्पी है। दहेज भेजा गया था।
प्यार की जीत: बगावत का अंत?
यह लव स्टोरी सिस्टम से बगावत की है। संध्या ने परिवार, नौकरी, सब कुछ दांव पर लगाया। अंकित का क्रिमिनल बैकग्राउंड, लेकिन प्यार नहीं रुका। मेरठ की गलियों में यह कहानी चर्चा का विषय बनी। क्या वे साथ रहेंगे? समय बताएगा, लेकिन प्यार की यह दास्तान याद रहेगी, जहां एक सिपाही ने कहा, “दुल्हन तो सिर्फ अंकित की बनूंगी।” Meerut Lady Constable Love Story
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