Mohali Love Story: पंजाब के मोहाली जिले में स्थित जीरकपुर का दशमेश नगर इलाका अमूमन अपनी शांत सुबहों के लिए जाना जाता था। दशमेश नगर के मकान नंबर 88 की पहली मंजिल पर रहने वाले 54 वर्षीय राजीव ऋषि राज के लिए जिंदगी समय की उस सुई की तरह थी, जो बिना किसी पड़ाव के बस टिक-टिक करती आगे बढ़ती जा रही थी।
पेशे से एक निजी कंपनी में बीतता था। मगर इन कागजों और तकनीकी गणनाओं के पीछे एक ऐसा इंसान छुपा था जो बीते पंद्रह सालों से अपनी रूह की तन्हाई से लड़ रहा था। Mohali Love Story
साल 2007 में अपनी पहली पत्नी को खो देने के बाद राजीव ने अपनी पूरी दुनिया को समेटकर दिल के किसी सुनसान कोने में बंद कर लिया था। दिन ढलते ही जब वे ऑफिस से लौटते, तो घर की चार दीवारियां उनसे सवाल पूछतीं। फरवरी 2022 में जब वे जीरकपुर शिफ्ट हुए, तो उन्हें लगा था कि जगह बदलने से शायद मन का बोझ हल्का हो जाएगा, मगर खालीपन का कोई शहर नहीं होता; वह हर जगह इंसान के साथ चला आता है। Mohali Love Story
उसी दौरान उनकी जिंदगी की नीरस दिनचर्या में पूनम का प्रवेश हुआ। 35 वर्षीया पूनम, जो जीरकपुर के ही एक छोटे से इलाके में रहती थी, राजीव के घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने आई। साधारण सी सूती साड़ी, चेहरे पर मासूम सादगी, मगर आँखों में एक गहरा, अनकहा दर्द। पूनम हर सुबह वक्त पर आती, घर की सफाई करती, चाय बनाती और चुपचाप अपना काम निपटाकर चली जाती। Mohali Love Story
शुरुआत में राजीव और पूनम के बीच बात सिर्फ काम तक सीमित थी—“साहब, चाय रख दी है“ या “राजीव जी, आज सब्जी क्या बनानी है?” मगर समय के साथ, दोनों ने एक-दूसरे की आँखों में छिपी खामोशी को पढ़ना शुरू कर दिया था।

Mohali Love Story: चाय की भाप में घुलती हमदर्दी
मार्च की एक हल्की गुलाबी शाम को राजीव अपने स्टडी रूम में लैपटॉप पर काम कर रहे थे। सिरदर्द से परेशान होकर उन्होंने अपनी कनपटी पकड़ ली। पूनम रसोई में बर्तन साफ कर रही थी। उसने राजीव को इस हाल में देखा तो बिना कुछ कहे एक कप गर्म अदरक की चाय बनाकर टेबल पर रख दी।
“साहब, चाय पी लीजिए। दिनभर काम का तनाव रहता है, थोड़ा आराम मिल जाएगा,” पूनम ने धीमी और संकोच भरी आवाज में कहा।
राजीव ने सिर उठाया और पूनम की तरफ देखा। वर्षों बाद किसी ने उनसे इतनी आत्मीयता से चाय पीने को कहा था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कप उठाया और एक घूँट लिया।
“शुक्रिया पूनम… सच कहूँ तो आज इस चाय की बहुत सख्त जरूरत थी,” राजीव ने कहा। फिर कुछ सोचकर बोले, “तुम भी तो दिनभर मेहनत करती हो। कभी अपने बारे में नहीं बतातीं? तुम्हारे घर में सब कैसे हैं?”
यह पहला मौका था जब राजीव ने पूनम की जिंदगी में झांकने की कोशिश की थी। पूनम की पलकें झुक गईं। उसकी आँखों के किनारे अचानक नम हो गए। उसने एक गहरी सांस ली और अपने अतीत की खिड़की खोल दी।
“राजीव जी, मेरी किस्मत में शायद सुकून लिखा ही नहीं था। मेरे पति वेद प्रकाश के साथ मेरा रिश्ता बस नाम का रह गया है। आए दिन का झगड़ा, ताने और मानसिक प्रताड़ना… उसने मेरी रूह को तोड़ दिया है। अब मैं उसके साथ नहीं रहना चाहती। अपनी इज्जत और स्वाभिमान की खातिर मैंने अलग रहने का फैसला किया, ताकि मेहनत–मजदूरी करके चैन की रोटी खा सकूँ।“
पूनम की बातों में कोई शिकायत नहीं थी, बस एक थके हुए इंसान की बेबसी थी। राजीव ने ध्यान से उसकी बात सुनी। एक 54 साल का अनुभवी इंसान, जिसने जिंदगी के कई रूप देखे थे, पूनम के इस दर्द को गहराई से समझ पा रहा था। उस दिन के बाद, उनके बीच का औपचारिक पर्दा हट गया। पूनम को एक ऐसा श्रोता मिला जो उसकी बातें बिना जज किए सुनता था, और राजीव को एक ऐसा साथी मिला जिसने उनके सूने मकान में जिंदगी की गर्माहट भर दी थी।

Mohali Love Story: उम्र के फासले और अहसासों का खिलना
दिन हफ्ते में और हफ्ते महीनों में बदलने लगे। 19 साल का उम्र का अंतर राजीव और पूनम के रिश्तों के बीच कभी दीवार बनकर नहीं खड़ा हुआ। राजीव के लिए पूनम सिर्फ एक काम करने वाली महिला नहीं रह गई थी; वह उनके ढलती उम्र के सफर में उम्मीद की एक नई किरण बन चुकी थी। वहीं पूनम के लिए राजीव एक ऐसे बरगद के पेड़ की तरह थे, जिसकी छांव में आकर उसका सालों का मानसिक तनाव और डर गायब हो जाता था।
मई का महीना आते-आते, राजीव के कदम शाम को दफ्तर से घर लौटने के लिए उतावले होने लगे थे। अब घर सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं था, वहां कोई था जो उनका इंतजार करता था। जब राजीव घर लौटते, पूनम उनके लिए ताजा खाना बनाती। दोनों साथ बैठकर खाना खाते, दिनभर की छोटी-मोटी बातें शेयर करते और कभी-कभी टीवी पर पुराने गाने सुनते। Mohali Love Story
एक शाम, बालकनी में खड़े होकर ठंडी हवा का लुत्फ उठाते हुए राजीव ने पूनम की तरफ देखा। ढलते सूरज की नारंगी रोशनी पूनम के चेहरे पर पड़ रही थी। राजीव ने धीरे से उसका हाथ अपने हाथों में थाम लिया। पूनम चौंकी, लेकिन उसने अपना हाथ नहीं खींचा।
“पूनम,” राजीव की आवाज में एक गजब की मिठास और संजीदगी थी। “जिंदगी के इस पड़ाव पर मुझे लगता था कि मेरे लिए प्यार और साथ के सारे दरवाजे बंद हो चुके हैं। लेकिन तुम्हारे आने से मुझे दोबारा जीने की चाह मिली है। मैं जानता हूँ कि हमारी उम्र में, हमारे बैकग्राउंड में फर्क है… लेकिन क्या तुम अपनी बची हुई जिंदगी मेरे साथ बिताना चाहोगी? एक हमसफर बनकर?”
पूनम की आँखों से आंसू छलक पड़े। उसने राजीव के कंधे पर अपना सिर रख दिया।
“मुझे जिंदगी से और कुछ नहीं चाहिए राजीव जी… बस आपका यह आदर और यह साथ मिल जाए, तो मेरी जिंदगी सफल हो जाएगी।”
“सच्चा प्यार उम्र की सीमाओं, सामाजिक बंधनों और औकात की बेड़ियों को नहीं देखता। वह तो बस दो तन्हा रूहों का एक–दूसरे में पनाह पा लेना है।“

Mohali Love Story: जुलाई की वो बारिश और सादगी भरा परिणय
जुलाई 2022 की शुरुआत में मोहाली में झमाझम बारिश हो रही थी। मौसम में एक अजब सी रूहानी खुशबू फैली हुई थी। इसी महीने में राजीव और पूनम ने अपनी मोहब्बत को एक नाम देने का फैसला किया। किसी बड़े होटल या आडंबर की जगह, उन्होंने दशमेश नगर के उसी घर में एक सादा सा विवाह रचाया।
राजीव ने पूनम के लिए एक सुंदर लाल रंग की बनारसी साड़ी खरीदी थी। जब पूनम तैयार होकर कमरे में आई, तो राजीव टकटकी बांधे उसे देखते रह गए। 35 साल की पूनम के चेहरे पर आज गुलामी या डर का कोई साया नहीं था; वहां सिर्फ एक दुल्हन की शर्मीली मुस्कान और स्वाभिमान का नूर था।
राजीव ने पूनम की मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहनाया। दोनों ने एक-दूसरे को कसम दी कि वे जिंदगी की हर धूप-छांव में एक-दूसरे की ढाल बनकर रहेंगे। हालांकि, यह शादी अदालती कागजों पर रजिस्टर्ड नहीं हो सकी थी, लेकिन उनके दिलों के रजिस्टर पर यह रिश्ता हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो चुका था।

Mohali Love Story: गृहस्थी की मिठास और रोमांटिक पल
शादी के बाद राजीव और पूनम की दुनिया पूरी तरह बदल गई। राजीव अपनी कंपनी से अक्सर काम का बोझ कम कर लेते ताकि पूनम के साथ ज्यादा वक्त बिता सकें। पूनम अब उस घर की काम करने वाली नहीं, बल्कि मालकिन और राजीव की अर्धांगिनी थी।
अगस्त के महीने की एक सुहानी रात को जीरकपुर में तेज बारिश हो रही थी। ठंडी हवाएं खिड़कियों से टकरा रही थीं। राजीव ने लिविंग रूम में धीमी आवाज में गजल लगा रखी थी—‘तुमको देखा तो यह ख्याल आया…’
पूनम रसोई से गर्म दूध का गिलास लेकर आई और टेबल पर रख दिया। राजीव ने मुस्कुराते हुए पूनम की कलाई पकड़ी और उसे खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया। पूनम लजा गई और उसने राजीव के सीने पर अपना हाथ रख दिया।
“राजीव जी… कोई देख लेगा,” उसने मंद मुस्कान के साथ कहा।
“देखने दो,” राजीव ने उसके माथे को सहलाते हुए उसके गालों पर धीरे से अपने होंठ रख दिए। “इस घर में अब सिर्फ हमारी मोहब्बत की हुकूमत है पूनम। तुमने मुझे नया जीवन दिया है।”
राजीव ने अपनी उंगलियां पूनम के बिखरे बालों में उलझा दीं। दोनों की सांसें एक-दूसरे में घुलने लगीं। पूनम ने राजीव के गले में अपनी बांहें डाल दीं और अपना सिर उनके दिल की धड़कनों पर रख दिया। वह रात सिर्फ दो शरीरों के मिलन की नहीं, बल्कि सालों से तड़प रही दो आत्माओं के एक हो जाने की गवाह बनी।
उन्होंने अपने प्यार के छोटे से आशियाने में अनगिनत खूबसूरत पल सहेजे। कभी साथ मिलकर रसोई में खाना पकाना, तो कभी रविवार की सुबह देर तक एक-दूसरे के हाथों में हाथ डाले बातें करना—उनकी जिंदगी किसी हसीन सपने की तरह गुजर रही थी।

Mohali Love Story: अतीत की काली छाया का आगमन
लेकिन प्यार की इस हसीन राह में एक अनजाना तूफान पल रहा था। राजीव को यह तो मालूम था कि पूनम अपने पहले पति वेद प्रकाश से अलग हो चुकी है, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि कानूनी तौर पर औपचारिक तलाक न होना उनके खुशहाल जीवन पर काली छाया बनकर मंडराएगा।
वेद प्रकाश को जब यह पता चला कि पूनम ने 54 वर्षीय राजीव के साथ नया जीवन शुरू कर लिया है और वह बहुत खुश है, तो उसकी ईर्ष्या और पुरुषवादी अहंकार जाग उठा। वह पूनम को वापस पाने के लिए दबाव बनाने लगा। जब पूनम ने साफ इनकार कर दिया, तो वेद प्रकाश राजीव के घर के करीब ही किराए का कमरा लेकर रहने लगा। वह रोज दूर से उन दोनों के घर पर नजर रखता, ताने मारता और पूनम को परेशान करने के रास्ते ढूंढता।
राजीव ने पूनम को कई बार समझाया, “पूनम, तुम फिक्र मत करो। हम जल्द ही वकील से बात करके कानूनी तौर पर सब ठीक कर लेंगे। मैं तुम्हें किसी भी हाल में खोना नहीं चाहता।”
पूनम राजीव के सीने से लगकर रो पड़ती, “राजीव जी, मुझे सिर्फ आपसे दूर होने का डर लगता है। मैंने पहली बार जिंदगी में जीना सीखा है, इसे कोई मुझसे न छीने।”
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Mohali Love Story: भाग्य का निर्मम प्रहार
समय अपनी क्रूर गति से बढ़ रहा था। वह मंगलवार की सुबह थी, घड़ी में लगभग 9:15 बजे थे। जीरकपुर का आसमान बादलों से घिरा हुआ था। राजीव ऑफिस जाने की तैयारी कर रहे थे और पूनम उनके लिए नाश्ता लगा रही थी। घर में एक अजीब सा खुशनुमा माहौल था।
अचानक दरवाजे पर जोर-जोर से दस्तक हुई। राजीव ने दरवाजा खोला। सामने वेद प्रकाश खड़ा था, और उसके साथ पूनम का सगा भाई बबलू भी था। वेद प्रकाश की आँखों में पागलपन और जुनून साफ देखा जा सकता था।
“पूनम कहां है? उसे मेरे साथ अभी वापस चलना होगा!” वेद प्रकाश चिल्लाया और धक्का देकर अंदर घुस आया।
पूनम रसोई से बाहर आई। उसने मजबूती से कहा, “वेद प्रकाश, मेरा तुमसे अब कोई नाता नहीं है। मैं राजीव जी की पत्नी हूँ और यहीं रहूँगी। तुम चले जाओ यहाँ से!”
इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बात गाली-गलौज तक पहुँच गई। राजीव ने आगे बढ़कर पूनम के आगे अपना हाथ फैलाया और बचाव करने की कोशिश की, “वेद प्रकाश जी, शांत हो जाइए। इस तरह घर में घुसकर तमाशा करना ठीक नहीं है।”
क्रोध में अंधे हो चुके वेद प्रकाश ने राजीव को धक्का दिया और जोरदार थप्पड़ मार दिया। राजीव लड़खड़ाकर नीचे गिर पड़े। अपने पति पर हमला होते देख पूनम चीख उठी और राजीव को बचाने के लिए बीच में कूद पड़ी। उसने वेद प्रकाश को पीछे धकेलने की कोशिश की।
इसी बीच, गुस्से से बौखलाए वेद प्रकाश ने अपने साथ लाए बैग से एक धारदार चाकू निकाला। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने पूनम के सीने के बाईं तरफ पूरी ताकत से वार कर दिया।
“नहीं!” राजीव की चीख पूरे मकान में गूंज गई।
वेद प्रकाश ने रुके बिना दो-तीन और ताबड़तोड़ वार किए। पूनम के लाल जोड़े की तरह उसका शरीर खून से लथपथ हो गया। वह राजीव का नाम पुकारते हुए फर्श पर गिर पड़ी। कुछ ही पलों में संगमरमर का वो सफेद फर्श खून से भर गया। राजीव और पूनम के भाई बबलू ने हिम्मत करके आरोपी वेद प्रकाश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह खून से सना चाकू और बैग लहराता हुआ मौके से फरार हो गया।

Mohali Love Story: प्रेम जो अमर हो गया
जीरकपुर थाना पुलिस की गाड़ियां जब दशमेश नगर के मकान नंबर 88 के बाहर रुकीं, तो पूरा इलाका सन्न था। पहली मंजिल के उस कमरे में 54 साल का राजीव अपनी 35 साल की पत्नी पूनम के बेजान और लथपथ शरीर को गोद में लिए बेसुध बैठा था। उसके हाथ पूनम के खून से रंगे थे और आँखें पथरा चुकी थीं।
पुलिस अब फरार आरोपी वेद प्रकाश की सरगर्मी से तलाश में जुटी है।
राजीव और पूनम की शादी भले ही कानून के कागजों पर दर्ज न हो सकी हो, और भले ही एक सिरफिरे के जुनून ने उनके जिस्मानी सफर को वहीं खत्म कर दिया हो—लेकिन मोहाली की हवाओं में राजीव और पूनम की यह अधूरी, मगर बेपनाह मोहब्बत की दास्तान हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गई। एक ऐसी कहानी जहाँ उम्र का 19 साल का फासला भी दो सच्चे दिलों के एक होने की राह में छोटा पड़ गया था। Mohali Love Story कहानी पुलिास सूत्रों से मिली जानकारी और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है।
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