Pyar ka Panchnama: जालंधर की पुरानी तंग गलियों से लेकर हैदराबाद के जगमगाते आईटी हब तक फैले इस खौफनाक ताने-बाने की कहानी जब सतह पर आई, तो इसने पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
यह कहानी सिर्फ धोखाधड़ी या अवैध संबंधों की नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी गहरी साज़िश की दास्तान है, जहाँ शादी जैसे पवित्र रिश्ते को ढाल बनाकर दो हंसते-खेलते परिवारों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
करीब ग्यारह साल पहले, जालंधर का माहौल विशाल शर्मा के लिए किसी खूबसूरत सपने जैसा था। विशाल एक बेहद ही सीधे-सादे और कर्मठ स्वभाव का युवा था। उसे सतपाल कौर नाम की लड़की से बेपनाह मोहब्बत हो गई थी। Pyar ka Panchnama
सतपाल का परिवार जालंधर और करतारपुर इलाके के रसूखदार सिख परिवारों में गिना जाता था। उनके पास हाईवे पर बेशकीमती व्यावसायिक संपत्तियां थीं, दानामंडी के पास कई दुकानें थीं, जिन्हें बड़े-बड़े किराएदारों को दिया गया था।
दूसरी ओर विशाल, एक साधारण ब्राह्मण परिवार से आता था। जब दोनों ने शादी करने का फैसला किया, तो धर्म और सामाजिक स्थिति की दीवारें बीच में आ खड़ी हुईं। सतपाल के परिवार ने इस रिश्ते को सिरे से खारिज कर दिया।
लेकिन प्यार के जुनून में चूर विशाल ने दुनिया की परवाह नहीं की। 11 साल पहले, सतपाल कौर अपना घर छोड़कर विशाल के साथ भाग आई और दोनों ने शादी कर ली।
विशाल ने सतपाल को खुश रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उसने दिन-रात एक करके, अपनी मेहनत की कमाई से जालंधर के मिट्ठापुर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार मकान बनाया। विशाल का दिल कितना साफ था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने उस घर की पूरी रजिस्ट्री अपनी पत्नी सतपाल कौर के नाम करवा दी। Pyar ka Panchnama
शादी के दो साल बाद उनके घर एक नन्ही परी ने जन्म लिया। परिवार की आर्थिक ज़रूरतों और अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के सपने देखते हुए विशाल को हैदराबाद में साइबर सिक्योरिटी कंसल्टेंट की नौकरी स्वीकार करनी पड़ी।
विशाल को अपनी पत्नी पर अटूट विश्वास था। वह हर तीन महीने बाद छुट्टी लेकर जालंधर आता, अपनी पत्नी और 9 साल की मासूम बेटी के साथ हफ़्ते-दस दिन बिताता और फिर भारी मन से वापस काम पर लौट जाता। उसे लगता था कि वह जो भी पसीना बहा रहा है, वह अपने छोटे से परिवार के सुखद भविष्य के लिए ही तो है।

Pyar ka Panchnama: स्क्रीन पर लौट आया पुराना साया
कहते हैं कि दूरियां कभी-कभी दिलों को दूर कर देती हैं, लेकिन यहाँ वजह सिर्फ दूरी नहीं, बल्कि नीयत का खोट थी। करीब तीन साल पहले, सतपाल कौर के सूनेपन का फायदा उठाने के लिए उसकी ज़िंदगी में एक पुराना चेहरा लौटा। यह था—उमंग बस्सी।
उमंग बस्सी और सतपाल कौर बचपन में एक साथ पढ़े थे। समय के साथ दोनों अपनी-अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ चुके थे। उमंग की शादी संगरूर के धूरी की रहने वाली नेहा के साथ हुई थी। नेहा एक बेहद सुलझी हुई, शांत और उच्च शिक्षित महिला थी, जो करतारपुर के प्रसिद्ध सेंट सोल्जर कॉलेज में लेक्चरर के पद पर कार्यरत थी। नेहा और उमंग की एक 6 साल की मासूम बेटी भी थी।
लेकिन उमंग की नज़रें हमेशा आसान रास्ते और लग्जरी लाइफस्टाइल पर टिकती थीं। करीब 3 साल पहले, फेसबुक के जरिए सतपाल और उमंग की दोबारा बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। जो बात साधारण पुरानी यादों से शुरू हुई थी, उसने जल्द ही एक बेहद डरावना और अवैध मोड़ ले लिया। Pyar ka Panchnama
विशाल जब हैदराबाद में बैठकर दिन-रात कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी के प्रोजेक्ट्स में उलझा रहता, तब जालंधर में उसके ही बनाए एक करोड़ के बंगले में एक घिनौना खेल खेला जा रहा था। उमंग बस्सी अक्सर रात के अंधेरे में अपनी कार को विशाल के घर की पिछली गली में छुपाकर खड़ा कर देता। सतपाल अपने पति के बनाए घर के सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद कर देती ताकि उमंग की कोई भी एंट्री रिकॉर्ड न हो सके।

Pyar ka Panchnama: मोहल्ले की कानाफुसियां और 3 फरवरी का सच
पड़ोसियों ने धीरे-धीरे इस बात को नोट करना शुरू किया। रात के सन्नाटे में घर की बैक साइड से किसी अनजान शख्स का आना, सुबह होने से पहले चुपचाप निकल जाना, और सीसीटीवी कैमरों का अचानक बंद हो जाना—इन सब बातों ने पूरे मोहल्ले में कानाफूसी शुरू कर दी।
लेकिन विशाल अपने काम में इतना मग्न था कि उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उसकी अनुपस्थिति का कितना फायदा उठाया जा रहा है। आख़िरकार, मोहल्ले के ही कुछ शुभचिंतकों ने विशाल को इशारों-इशारों में आगाह किया। विशाल के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। जिस औरत के लिए उसने अपने परिवार से बगावत की, अपने खून-पसीने की कमाई से घर बनाकर उसके नाम कर दिया, क्या वह वाकई ऐसा कर सकती थी?
विशाल ने सच का सामना करने के लिए एक योजना बनाई। उसने अपनी पत्नी को नहीं बताया कि वह घर आ रहा है। 3 फरवरी 2026 को विशाल अचानक हैदराबाद से फ्लाइट पकड़कर जालंधर अपने घर पहुँचा। Pyar ka Panchnama
जब विशाल चुपचाप घर के अंदर दाखिल हुआ, तो कमरे का दरवाज़ा थोड़ा खुला था। सतपाल अंदर ही मौजूद थी। जैसे ही उसकी नज़र विशाल पर पड़ी, उसके चेहरे का रंग उड़ गया। वह घबरा गई और हड़बड़ाहट में अपना मोबाइल फोन छुपाने लगी।
विशाल का शक यकीन में बदलने लगा था। उसने सतपाल से उसका फोन माँगा। सतपाल चिल्लाने लगी और मना करने लगी। जब विशाल ने ज़बरदस्ती फोन छीनने की कोशिश की, तो सतपाल इतनी आक्रामक हो गई कि उसने विशाल की बांह पर अपने दांतों से गहरी बाइट कर ली। विशाल दर्द से कराह उठा, और इसी बीच सतपाल फोन लेकर खुद को बाथरूम में बंद कर बैठी।
विशाल ने तुरंत हिम्मत नहीं हारी। उसने जब सतपाल के कमरे और उसकी अलमारी की तलाशी ली, तो अलमारी के अंदर का नज़ारा देखकर उसका कलेजा कांप उठा।

Pyar ka Panchnama: अलमारी के राज़ और 206 पन्नों का व्हाट्सएप चैट
अलमारी किसी सामान्य गृहस्थ महिला की नहीं लग रही थी। विशाल को अंदर से जो सामान मिला, वह किसी भी पति के होश उड़ाने के लिए काफी था:
इस्तेमाल की हुई और नई प्रेगा किट (प्रेग्नेंसी चेक करने वाली किट, जिसमें रिपोर्ट नेगेटिव आई थी)
कंडोम के पैकेट (जबकि विशाल महीनों से घर पर नहीं था)
स्टेमिना बढ़ाने के कैप्सूल और दवाइयां
अत्यधिक मात्रा में कॉटन/रूई, जिस पर जैविक दाग (स्पर्म) लगे होने का गहरा संदेह था
प्रेमी को रिझाने के लिए खरीदी गई दर्जनों उत्तेजक (सेक्सी) ड्रेसेस
इसी गहमागहमी के बीच, जब सतपाल बाथरूम से बाहर निकली और स्थिति बिगड़ने लगी, तो विशाल किसी तरह उसका फोन हासिल करने में कामयाब हो गया। जब फोन का पासवर्ड खोला गया, तो व्हाट्सएप के अंदर का काला सच किसी बारूद की तरह फटा। Pyar ka Panchnama
फोन में करीब 206 पन्नों की लंबी व्हाट्सएप चैट मौजूद थी। सतपाल ने उमंग का नंबर अपनी सहेली के नाम ‘तानवी’ और ‘AA’ से सेव कर रखा था, जबकि उमंग उसे ‘सतलाप’ कहकर बुलाता था।
यह चैट सिर्फ अश्लील बातों या अवैध संबंधों तक सीमित नहीं थी। यह दो बेकसूर जिंदगियों—विशाल शर्मा और लेक्चरर नेहा—को रास्ते से हटाने की एक सुनियोजित खौफनाक साज़िश का दस्तावेज़ थी।
चैट में दोनों एक-दूसरे को ‘बेबी’, ‘शोना’, ‘बुग्गू’ कहते हुए अपनी-अपनी बेटियों को एक साथ रखने, अपनी-अपनी मौजूदा शादियों को खत्म करने और विशाल व नेहा को किसी भी तरह रास्ते से हटाकर हमेशा के लिए एक हो जाने की योजना बना रहे थे।

Pyar ka Panchnama: वो खौफनाक चैट—जहाँ रची जा रही थी मौत की साज़िश
विशाल के हाथों में जो 206 पन्नों की चैट थी, उसके कुछ हिस्से इस कदर चौंकाने वाले थे कि उन्हें पढ़कर कोई भी कांप उठे: पढ़िए पूरी चैट जिसमें कई खुलासे हुए
15/01/26
8:25 pm – सतपाल: मेरी जान है तू
8:25 pm – तानवी प्रांशू: मैं तो जान हूं आपकी, आप मेरा पूरा संसार हो।
8:25 pm – तानवी प्रांशू: मेरी खुशियां, मेरा दुख, मेरा सब कुछ सिर्फ आपके इर्द-गिर्द है।
8:26 pm – तानवी प्रांशू: और सिर्फ आप, बस।
8:34 pm – तानवी प्रांशू: मैं आपसे प्यार करती हूं।
8:35 pm – सतपाल: मैं भी आपसे प्यार करता हूं, शोना।
8:51 pm – सतपाल: डन शोना।
9:25 pm – सतपाल: मेरा बुग्गू।

Pyar ka Panchnama साथ रहने और घर ले आने की बातें
15/01/26
10:03 pm – सतपाल: मेरा आपके पास आने का मन है।
10:04 pm – तानवी प्रांशू: मेरा भी, बस आपको कसकर गले लगाकर सो जाऊं।
10:04 pm – तानवी प्रांशू: आराम से सुबह उठूं और आपको देखूं।
10:04 pm – सतपाल: आपको बहुत याद कर रहा हूं, मेरा बच्चा।
10:05 pm – तानवी प्रांशू: आपके बिना तो ठंड लग रही थी।
10:05 pm – तानवी प्रांशू: एक दिन भी निकालना मुश्किल है।
10:06 pm – सतपाल: मेरा भी।
10:06 pm – तानवी प्रांशू: अब आप यहां हो ना।
10:07 pm – तानवी प्रांशू: ऐसा लग रहा है कि अब सब पूरा हो गया।
10:07 pm – तानवी प्रांशू: मैंने आपको गले लगा लिया।
10:21 pm – सतपाल: बस मेरे पास रहना।
10:21 pm – तानवी प्रांशू: मेरी हालत क्या थी, आप सोच भी नहीं सकते।
10:21 pm – तानवी प्रांशू: मैं क्या महसूस कर रही थी और किस दौर से गुजर रही थी।
10:21 pm – तानवी प्रांशू: मेरा मन कर रहा है कि आपको घर ले आऊं।
10:23 pm – सतपाल: मेरा भी आपके पास रहने का मन है, बस हमेशा आपके साथ रहना चाहता हूं।
10:23 pm – तानवी प्रांशू: जल्दी से व्यवस्था कर देना।
10:25 pm – तानवी प्रांशू: अगली सर्दियों में हम दोनों को ठंड नहीं लगने देंगे।
10:26 pm – सतपाल: हां
10:26 pm – तानवी प्रांशू: बस फिर आप, मैं और बच्चे।
10:27 pm – तानवी प्रांशू: मेरे बच्चे।
10:27 pm – सतपाल: आपके साथ।
Pyar ka Panchnama फ्यूचर में साथ रहने की बात
15/01/26
11:06 pm – सतपाल: ठीक है।
11:06 pm – तानवी प्रांशू: क्या करूं, बताओ?
11:06 pm – तानवी प्रांशू: खुश रहो।
11:06 pm – तानवी प्रांशू: मेरे साथ रहो।
11:07 pm – तानवी प्रांशू: प्रे किया करो कि हम दोनों साथ रह सकें।
11:07 pm – तानवी प्रांशू: हमारा बेटा हो।
11:07 pm – तानवी प्रांशू: प्यारा-सा।
11:09 pm – तानवी प्रांशू: बस मैं जल्दी से जल्दी कोशिश कर रही हूं।
11:09 pm – तानवी प्रांशू: कि हम साथ हों।
11:10 pm – सतपाल: हां।
11:10 pm – तानवी प्रांशू: तुम्हें देखकर खुश होती हूं।

Pyar ka Panchnama सीक्रेट मीटिंग और अफेयर की बातें
16/01/26
4:20 pm – सतपाल: बेबी।
4:21 pm – सतपाल: बताओ मोटू जी, क्या योजना है, मतलब कहां मिलना है?
4:22 pm – सतपाल: घर?
4:25 pm – सतपाल: बाकी जैसा आपका मन।
4:33 pm – सतपाल: जब घर से चलोगे तो मुझे बता देना।
4:36 pm – तानवी प्रांशू: जहां आप बोलो।
4:36 pm – तानवी प्रांशू: 5 बजे चलूंगा।
4:41 pm – तानवी प्रांशू: घर पर मिलते हैं।
7:49 pm – सतपाल: मैं तुमसे बहुत-बहुत-बहुत प्यार करता हूं।
7:49 pm – सतपाल: मैं तुम्हारे बिना अपनी जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकता।
7:49 pm – सतपाल: मुझे बस आपके साथ रहना है।
7:49 pm – सतपाल: मैं अपनी बाकी जिंदगी यं ही बर्बाद नहीं करना चाहता।
Pyar ka Panchnama अलग होने और साथ रहने की चर्चा
16/01/26
9:49 pm – तानवी प्रांशू: क्यों?
9:49 pm – सतपाल: बस तू मेरे साथ।
9:50 pm – तानवी प्रांशू: हां, हम एक हैं।
9:50 pm – तानवी प्रांशू: मैं भी आज खुश हूं।
9:51 pm – सतपाल: सो जाओ बेबी।
9:51 pm – तानवी प्रांशू: नहीं, अभी नहीं।
9:51 pm – तानवी प्रांशू: आप अभी रिलैक्स नहीं हुए ना।
9:52 pm – सतपाल: हो गया था।
9:52 pm – सतपाल: तभी तो शांत हुई।
9:52 pm – तानवी प्रांशू: हां, शांत हो गए।
9:53 pm – तानवी प्रांशू: ज्यादा शांत न हो तुम।
9:54 pm – तानवी प्रांशू: 99% अलग हो गए हैं।
9:54 pm – तानवी प्रांशू: 1% अभी उसके बारे में सोचना बाकी है।
11:35 pm – तानवी प्रांशू: हां, कुछ करके।
11:35 pm – तानवी प्रांशू: किसी से पूछो।
11:35 pm – सतपाल: क्या हुआ मोटू?
11:36 pm – तानवी प्रांशू: व्यवस्था कैसे होगी?
11:37 pm – सतपाल: हो जाएगी, देख लेना… हमें पता भी नहीं चलेगा।
11:37 pm – सतपाल: अगली सर्दियों में हम साथ होंगे।
11:38 pm – तानवी प्रांशू: हां।
11:38 pm – तानवी प्रांशू: मैं परेशान हो रही हूं।
11:39 pm – तानवी प्रांशू: कल बाहर मिलेंगे।
11:39 pm – तानवी प्रांशू: मैं बात करना चाहती हूँ।
11:39 pm – तानवी प्रांशू: तुमसे।
11:40 pm – सतपाल: मेरा पक्का फैसला है।
11:40 pm – सतपाल: मैं तो कह रहा हूं, शादी कर लेते हैं और फिर देखेंगे जो होगा।
Pyar ka Panchnama शादी और मां को बताने की बात
11:41 pm – तानवी प्रांशू: बस मेरा दिमाग खराब हो रहा है।
11:41 pm – तानवी प्रांशू: कल बताऊंगी।
11:41 pm – तानवी प्रांशू: उसे हमारे बारे में सब कुछ बता दूंगी।
11:41 pm – सतपाल: नहीं शोना, मेरी तरफ से आप फ्री रहो।
11:41 pm – तानवी प्रांशू: अभी सिरदर्द हो रहा है।
11:42 pm – तानवी प्रांशू: हां जी।
11:42 pm – तानवी प्रांशू: मैं आपसे 5:45 पर मिलूंगी।
11:42 pm – सतपाल: ठीक है।
11:43 pm – तानवी प्रांशू: कल मां को आपके बारे में बताऊंगी।
11:43 pm – सतपाल: ठीक है।
11:43 pm – सतपाल: मुझे भी मिलवा देना।
Pyar ka Panchnama रोज मिलने और इमोशनल बातचीत
17/01/26
9:45 am – सतपाल: बेबी, मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है।
9:49 am – तानवी प्रांशू: तुम्हें सिर्फ मेरी याद आई?
9:50 am – तानवी प्रांशू: तुम मेरे दिल में, मेरे दिमाग में, मेरी आत्मा में हो। मैं तुम्हें महसूस करती हूं, तुम्हारी याद आती है स्वीटी।
9:52 am – तानवी प्रांशू: बस तुम जल्दी से जल्दी आ जाओ।
10:31 am – तानवी प्रांशू: आज मिलें?
10:31 am – सतपाल: हां हां।
10:31 am – सतपाल: बाहर?
10:42 am – सतपाल: तैयार हो गए आप?
10:49 am – तानवी प्रांशू: हां जी।
10:49 am – तानवी प्रांशू: मंदिर जा रही हूं।
Pyar ka Panchnama परिवार को लेकर बातचीत
18/01/26
9:50 am – सतपाल: बेबी, मैं चाहता हूं कि तुम यह जानो कि मैंने पूरी तरह तुम्हें चुना है। मुझे पता है कि जिंदगी हमेशा आसान नहीं होगी, लेकिन हां, मैं तुम्हारे साथ उसका सामना करने के लिए तैयार हूं। मुझे कोई और नहीं चाहिए। मेरा दिल तुम्हारा है और मैं अपना जीवन प्यार, ईमानदारी, विश्वास और वफादारी के साथ सिर्फ तुम्हारे साथ बनाना चाहता हूं।
9:51 am – तानवी प्रांशू: तुम्हें वह सब मिलेगा जिसके तुम हकदार हो।
9:51 am – तानवी प्रांशू: बच्चा।
9:52 am – सतपाल: मुझे कुछ नहीं चाहिए, मुझे सिर्फ तुम चाहिए, मेरी बेबी।
9:52 am – तानवी प्रांशू: और मैं भी तुमसे वादा करती हूं कि हमेशा तुम्हारे प्रति वफादार रहूंगी, कोई और तुम्हारी जगह नहीं लेगा।
Pyar ka Panchnama फिजिकल रिलेशन बनाने की चैट
17/01/26
3:28 pm – तानवी प्रांशू: मैं तो कह रही हूं, घर पर मिल लेते हैं, फिर घूमने जाएंगे, रात को डिनर करेंगे।
3:28 pm – तानवी प्रांशू: यह पक्का है।
3:28 pm – सतपाल: डिनर के बाद घर, फिर रात को हमारा हनीमून।
3:29 pm – तानवी प्रांशू: हाहा।
3:29 pm – तानवी प्रांशू: आप समझ गए।
3:30 pm – तानवी प्रांशू: आपको पता है कि मुझे कैसे संभालना है और मुझे खुश कैसे रखना है।
3:31 pm – तानवी प्रांशू: जब हमें घर मिलेगा ना।
3:31 pm – तानवी प्रांशू: तो सिर्फ आप मुझे प्यार करेंगे।
3:31 pm – तानवी प्रांशू: जिस तरह आप चाहते हैं।
3:32 pm – तानवी प्रांशू: मैं महसूस करना चाहती हूं कि आप मुझसे कितनी गहराई और जुनून से प्यार करते हैं।

Pyar ka Panchnama: नेहा पर टूटा कहर—हार्पिक का वो कड़वा सच
जालंधर में जहाँ विशाल अपनी शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन के चक्कर काट रहा था, वहीं दूसरी ओर करतारपुर में उमंग बस्सी और उसकी माँ कुसुम बस्सी ने अपनी साज़िश के दूसरे चरण को अंजाम देना शुरू कर दिया।
कॉलेज लेक्चरर नेहा बस्सी एक आत्म-स्वाभिमानी और पढ़ी-लिखी महिला थी। जब उसे अपने पति उमंग और सतपाल कौर के बीच चल रहे इस अवैध रिश्ते का पता चला, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। नेहा अपने 6 साल के बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित थी। वह लगातार उमंग को समझाने की कोशिश करती, लेकिन उमंग और उसकी मां कुसुम बस्सी उसे आए दिन मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
19 अगस्त 2026 का दिन नेहा की ज़िंदगी का सबसे खौफनाक दिन साबित हुआ।
घर के अंदर अवैध संबंधों को लेकर फिर से तीखी बहस शुरू हुई। जब नेहा ने झुकने से इंकार कर दिया, तो उमंग और उसकी मां कुसुम बस्सी ने वह कृत्य किया जो कोई हैवान ही कर सकता है। दोनों ने मिलकर नेहा को जबरन दबोचा और उसके मुंह में टॉयलेट साफ करने वाला ज़हरीला एसिड (हार्पिक) उड़ेल दिया। Pyar ka Panchnama
हार्पिक पीते ही नेहा की अन्नप्रणाली (Food Pipe) और अंदरूनी अंग बुरी तरह जल गए। जब नेहा की हालत अत्यंत नाजुक होने लगी, तो आरोपी पति और सास पकड़े जाने के डर से उसे जालंधर के फोर्टिस अस्पताल ले गए। वहाँ उन्होंने डॉक्टरों को गुमराह करने की कोशिश की और मौका मिलते ही नेहा को जिंदगी और मौत से जूझता छोड़कर, उसकी 6 साल की मासूम बेटी को साथ लेकर फरार हो गए।

Pyar ka Panchnama: अस्पताल का वो आखिरी वीडियो और लिखकर दिए गए बयान
फोर्टिस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती नेहा की हालत पल-पल बिगड़ रही थी। उसके अंदरूनी अंग जल चुके थे, गला इस कदर क्षतिग्रस्त हो गया था कि वह एक शब्द भी नहीं बोल पा रही थी।
जब घटना की सूचना ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को दी गई, तो एक महिला जज खुद अस्पताल पहुँचीं। बोलने में असमर्थ नेहा ने अपनी बची-कुची हिम्मत जुटाई और कांपते हाथों से कागज़ पर लिखकर अपने आखिरी बयान दर्ज करवाए।
नेहा ने अपने लिखित बयान में स्पष्ट लिखा:
“मेरे पति उमंग बस्सी के सतनाम (सतपाल) कौर नाम की महिला से अवैध संबंध हैं। जब मैंने इसका विरोध किया, तो 19 अगस्त को मेरे पति और मेरी सास ने मिलकर मुझे जबरन हार्पिक पिला दिया। मेरा पति मुझे पहले भी पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी देता था। मैंने करतारपुर थाने में कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने किसी सत्ताधारी दल के नेता का हाथ होने के कारण उमंग पर कोई कार्रवाई नहीं की।“
23 अगस्त 2026 को, कई दिनों तक वेंटिलेटर पर दर्द से तड़पने के बाद, सेंट सोल्जर कॉलेज की होनहार लेक्चरर नेहा ने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं।
यह भी पढ़ें-

Pyar ka Panchnama: पुलिस की लापरवाही, जनआक्रोश और उज्जैन से गिरफ्तारी
नेहा की मौत के बाद पूरा पंजाब उबल पड़ा। संगरूर के धूरी इलाके में, जहाँ नेहा का मायका था, मातम का सन्नाटा छा गया। नेहा के भाई अमरीश और भाभी दिव्या ने आरोप लगाया कि करतारपुर पुलिस के जांच अधिकारी (ASI बोधराज) ने 19 अगस्त से 23 अगस्त तक मामले में कोई सख्त कदम नहीं उठाया। आरोपी पति खुलेआम अस्पताल के चक्कर लगाता रहा और बाद में अपनी मां व बच्ची को लेकर भाग निकला।
जनता के भारी आक्रोश और मीडिया के दबाव के बाद, प्रशासन हरकत में आया। जांच अधिकारी ASI बोधराज को कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।
भागते हुए उमंग बस्सी और उसकी मां कुसुम बस्सी को लगा कि वे कानून के लंबे हाथों से बच निकलेंगे। लेकिन पुलिस की विशेष टीमों ने लोकेशन ट्रेस करते हुए मध्य प्रदेश के उज्जैन से दोनों आरोपियों को धर दबोचा। उनके पास से नेहा की 6 साल की बच्ची को भी सुरक्षित रिकवर कर लिया गया।
उधर, जालंधर में विशाल की शिकायत और 206 पन्नों की चैट के आधार पर पुलिस ने सतपाल कौर को भी हिरासत में ले लिया।

Pyar ka Panchnama: दो मासूमों का उजड़ा बचपन और तबाह परिवार
यह कहानी सिर्फ किसी क्रिमिनल केस की फाइल नहीं है; यह दो ऐसे निर्दोष बच्चों की त्रासदी है जिनका बचपन इस अंधी हवस की आग में भस्म हो गया।
एक तरफ विशाल की 9 साल की बेटी है, जिसकी मां अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसके ही पिता को मारने की प्लानिंग कर रही थी और अब सलाखों के पीछे है। दूसरी तरफ नेहा की 6 साल की बेटी है, जिसकी मां को उसके ही बाप ने बेरहमी से मार डाला और बाप अब जेल में सजा काट रहा है।
धूरी में जब नेहा का अंतिम संस्कार किया गया, तो माहौल इतना गमगीन था कि वहां मौजूद हर आंख नम थी। लोगों ने नेहा के लिए इंसाफ की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला।
विशाल के वृद्ध पिता प्रद्युम्न कुमार ने रोते हुए मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया:
“हमारा बेटा हैदराबाद में रात–दिन पसीना बहाकर पैसा भेजता रहा कि उसका परिवार अच्छे से रहे। लेकिन पीछे से बहू ने यह सब घिनौना काम किया। उसने चालाकी से घर अपने नाम करवाया, सीसीटीवी कैमरे बंद करके पराए मर्दों को घर में बुलाया। आज दो मासूम बच्चियों की जिंदगी बर्बाद हो गई। तीन–तीन परिवार तबाह हो गए। हम बस इतना चाहते हैं कि बच्चों की कस्टडी सही हाथों में मिले और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।“
Pyar ka Panchnama: प्यार के पंचनामा का अंत
जालंधर का यह खौफनाक मामला इस बात का कड़वा प्रमाण है कि जब इंसान के दिल और दिमाग पर हवस, धोखा और रातों-रात अमीर बनने का लालच हावी हो जाता है, तो वह अपनों का ही जललाद बन जाता है। जिस प्यार के नाम पर 11 साल पहले कसमें खाई गई थीं, उसी प्यार का अंत ज़हर, साजिश और मौत के साथ हुआ।
फिलहाल, अदालत ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस 206 पन्नों की चैट और फोरेंसिक सबूतों को अदालत में पेश कर रही है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की आस में दिन-रात एक किए हुए हैं। Pyar ka Panchnama (पूरी कहानी पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित)
यह भी पढ़ें-

डिजिटल गलियारों से ससुराल की चौखट तक: पति ने कराया प्रेमी से विवाह, एक जंग मोहब्बत की
रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, रियल लव स्टोरी और प्यार का पंचनामा पढ़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को फॉलो/लाइक करें।
यदि आप अपने मोबाइल पर रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, सच्ची प्रेम कहानी चाहते हैं तो हमारे व्हाटसएप चैनल को फॉलो करें।
💖 Love Calculator 💖
अपने और अपने पार्टनर के नाम से लव परसेंटेज चेक करें!




