Pyar ka Panchnama Ludhiana: कहते हैं कि जब इश्क नया-नया होता है, तो हवाओं में भी मोहब्बत की महक होती है। दांव पर ज़माना लग जाता है, सात जन्मों के वादे होते हैं और ‘तेरे बिना जी न पाएंगे’ के कसीदे पढ़े जाते हैं। लेकिन जैसे ही इश्क का खुमार उतरता है, वही ‘रॉबियट’ प्रेमी अचानक जल्लाद बन जाता है! Pyar ka Panchnama
पंजाब के लुधियाना से आई यह सनसनीखेज वारदात कुछ ऐसी ही है। यहाँ एक सिरफिरे आशिक ने डेढ़ साल पहले गिड़गिड़ाकर, हाथ जोड़कर जिस लड़की से लव मैरिज की थी, जब उससे दिल भर गया तो उसे रास्ते से हटाने के लिए ऐसा घिनौना खेल खेला कि सुनने वालों की रूह कांप जाए! Pyar ka Panchnama
दोस्त की बीवी पर दिल क्या आया, जनाब ने अपनी ही डेढ़ महीने की गर्भवती पत्नी की गोद सूनी कर दी और जूस में ज़हर मिलाकर पिला दिया!

Pyar ka Panchnama: “मुझे सिर्फ हरलीन चाहिए“—गिड़गिड़ाकर रचाया था ब्याह
कहानी के पन्नों को थोड़ा पीछे पलटते हैं। तारीख थी 1 दिसंबर 2024।
हरलीन कौर—जो एयरटेल कंपनी में एक अच्छी-खासी वाइट-कॉलर जॉब करती थी, अपनी दुनिया में मस्त थी। तभी उसकी एंट्री हुई सुखविंदर सिंह की जिंदगी में। सुखविंदर, जो लोहे के गेट बनाने का काम करता था, हरलीन के हुस्न और सादगी पर ऐसा फिदा हुआ कि दिन-रात उसके पीछे पागलों की तरह घूमने लगा। Pyar ka Panchnama
सुखविंदर ने हरलीन के घरवालों के आगे हाथ-पैर जोड़े, कसमों और वादों की नदियाँ बहा दीं— “बस एक बार मेरी शादी हरलीन से करवा दो, इसे रानी बनाकर रखूँगा, कभी कोई तकलीफ नहीं होने दूँगा!”
लड़की का दिल पिघला, घरवाले भी मान गए और बैंड-बाजे के साथ दोनों की लव मैरिज हो गई। शादी के शुरुआती 12 महीने तो ऐसे बीते जैसे कोई रोमांटिक फिल्म चल रही हो। हरलीन ने अपने पति के प्यार में अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़ दी, अपने कमाए हुए सारे पैसे, अपनी जमापूँजी यहाँ तक कि गहनों के पैसे भी सुखविंदर के हाथों में थमा दिए।
लेकिन किसे पता था कि इस हसीन कहानी का क्लाइमेक्स इतना खौफनाक होने वाला है!
Pyar ka Panchnama: दोस्त की थाली में छेद और ‘सोफिया‘ की ग्लैमरस एंट्री
शादी को अभी पूरे 18 महीने भी नहीं हुए थे कि सुखविंदर का प्यार पर से भरोसा उठ गया—या कहें कि उसका मन भर गया! घर में बेवजह की चिक-चिक, छोटी-छोटी बातों पर क्लेश और सुखविंदर के बदले-बदले तेवर। हरलीन समझ नहीं पा रही थी कि जिस पति के लिए उसने अपनी जॉब कुर्बान कर दी, वो अचानक इतना ठंडा क्यों पड़ गया?
जल्द ही सस्पेंस से पर्दा उठा। सुखविंदर की जिंदगी में एक ‘दूसरी औरत’ की एंट्री हो चुकी थी! और वो औरत कोई अजनबी नहीं, बल्कि सुखविंदर के ही जिगरी दोस्त की बीवी थी— ‘सोफिया‘!
सोफिया, जो अपनी मासूम बेटी और पति को ठुकराकर घर से भागी हुई थी, सुखविंदर के दिल पर अपना कब्जा जमा चुकी थी। दोस्त की थाली में छेद करते हुए सुखविंदर सोफिया के इश्क में इस कदर अंधा हो चुका था कि उसे अपनी प्रेग्नेंट बीवी एक फूटी आंख नहीं सुहा रही थी।
जब हरलीन ने इस नाजायज रंगरलियों का विरोध किया, तो सुखविंदर ने बिना किसी शर्म के उसके मुंह पर छाती ठोककर कहा:
“मेरा दिल अब तुझसे भर चुका है! मैं तो सोफिया से प्यार करता हूँ और उसी को इस घर की मालकिन बनाकर लाऊँगा!”

Pyar ka Panchnama: “न तू रहेगी, न तेरा बच्चा!”—मासूम की बलि का प्लान
एक तरफ पति की बेवफाई का डंक था, तो दूसरी तरफ हरलीन के पेट में पल रही डेढ़ महीने की नन्हीं जान। हरलीन को लगा कि शायद माँ बनने की खबर सुनकर इस बेपरवाह पति का सोया हुआ ज़मीर जाग जाएगा।
उसने कांपती आवाज़ में सुखविंदर से कहा— “मैं प्रेग्नेंट हूँ, हमारे घर नन्हा मेहमान आने वाला है…”
लेकिन आगे से जो जवाब मिला, उसने हरलीन के कलेजे के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। सुखविंदर ने आंखें मटकाते हुए कहा:
“मुझे न यह बच्चा चाहिए और न ही तू! मैंने सोफिया के साथ रहने का प्लान बना लिया है। न मैं तुझे इस घर में रहने दूँगा, और न ही तेरे पेट में पल रहे इस बच्चे को दुनिया में आने दूँगा!”
बस, यहीं से शुरू हुआ एक खौफनाक ‘मर्डर प्लान’!
Pyar ka Panchnama: जूस का कड़वा घूंट और 32 सेकेंड का खेल
जून का महीना शुरू हो चुका था। अचानक सुखविंदर का मिज़ाज बदला। वह पिछले 3-4 दिनों से रोज़ बाहर से जूस लाकर हरलीन को बड़े प्यार से पिलाने लगा। बेचारी हरलीन को लगा कि शायद बच्चे का नाम सुनकर पति का दिल पिघल रहा है… लेकिन यह तो शिकार को जाल में फंसाने की साजिश थी!
तारीख: 6 जून। समय: शाम का वक्त।
सुखविंदर हमेशा की तरह जूस का ग्लास लेकर घर आया। पहले तो वह खुद भी जूस पीता था और बीवी को भी पिलाता था, लेकिन उस दिन उसने ग्लास सीधे हरलीन के हाथ में पकड़ा दिया।
हरलीन ने जैसे ही पहला घूंट भरा, उसका मुंह कड़वाहट से भर गया। उसने टोकते हुए कहा— “यह कैसा जूस है? इतना कड़वा क्यों लग रहा है?”
सुखविंदर ने शातिर मुस्कान के साथ कहा— “कुछ नहीं है बाबा, आज दुकानदार ने चीनी और बर्फ नहीं डाली, इसलिए ऐसा लग रहा है। चुपचाप एक सांस में पी जा!”
मासूम हरलीन पति के झांसे में आ गई और वो पूरा जूस गटक गई। सुखविंदर ने अपनी ही आँखों के सामने अपनी बीवी और पेट में पल रहे बच्चे को ‘धीमा ज़हर’ पीते देखा, और फिर खामोशी से ग्लास उठाकर घर से नौ-दो-ग्यारह हो गया!

Pyar ka Panchnama: “जश्न मनाना है तो स्टेशन आ जा!”—वहशियत का नंगा नाच
जूस पेट में जाते ही आधे घंटे के भीतर तबाही शुरू हो गई। हरलीन के पेट में ऐसा दर्द उठा जैसे किसी ने अंदर तेज़ाब उड़ेल दिया हो। वह तड़पने लगी, चीखने लगी, जमीन पर लोटने लगी।
उसने कांपते हाथों से सुखविंदर को फोन लगाया। रिंग जाती रही… पर पतिदेव तो गायब थे! पूरी रात और पूरा दिन हरलीन अकेले बंद कमरे में दर्द से तड़पती रही। खून बहता रहा, और उसके पेट में पल रही पहली संतान की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।
रात को 2 बजे जब हरलीन ने रोते-बिलखते फिर फोन किया, तो दूसरी तरफ से सुखविंदर की शराबी आवाज़ गूंजी:
“मैंने बहुत ज्यादा पी रखी है, मुझसे घर नहीं आया जाएगा! तू तड़पती रह!”
अगले दिन जब हरलीन ने मिसकैरेज होने की खबर दी और रोते हुए कहा कि मेरी एक्टिवा की चाबी दे दो ताकि मैं डॉक्टर के पास चली जाऊं, तो कातिल पति ने जो कहा, उसे सुनकर किसी का भी खून खौल जाए! सुखविंदर ने ठहाका लगाते हुए कहा:
“मैं तो स्टेशन पर बैठकर शराब पी रहा हूँ! मेरा काम तो हो गया, अब अगर तुझे भी बच्चे के मरने का जश्न मनाना है तो आजा मेरे पास!”
यह भी पढ़ें-

Pyar ka Panchnama: अस्पताल का बेड और ‘कातिल‘ पति की तलाश!
जब हरलीन की हालत हद से ज्यादा बिगड़ने लगी, तो उसने अपनी मासी के लड़के को फोन करके बुलाया। भाई भागा-भागा आया और खून से लथपथ हरलीन को लुधियाना के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल के बेड पर पड़ी हरलीन आज अपनी किस्मत पर रो रही है—जिस पति के लिए नौकरी छोड़ी, गहने बेचे, परिवार से लड़ी… उसी ने दूसरी औरत के चक्कर में उसकी गोद सूनी कर दी!
Pyar ka Panchnama पुलिस का एक्शन:
थाना शिमलापुरी के सब-इंस्पेक्टर सलविंदर पाल के मुताबिक, आरोपी सुखविंदर सिंह के खिलाफ जहरीला पदार्थ पिलाने, जबरन अबॉर्शन कराने और हत्या की साजिश की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। लोहे के गेट बनाने वाला यह शातिर पति फिलहाल फरार है, और पुलिस की स्पेशल टीमें उसे और उसकी प्रेमिका सोफिया को दबोचने के लिए जगह-जगह छापे मार रही हैं।
पीड़िता हरलीन की अब कानून से बस एक ही गुहार है— “जिस जल्लाद ने मेरे प्यार का ऐसा खौफनाक सिला दिया, उसे फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए!” Pyar ka Panchnama
यह भी पढ़ें-

रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, रियल लव स्टोरी और प्यार का पंचनामा पढ़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को फॉलो/लाइक करें।
यदि आप अपने मोबाइल पर रोजाना लेटेस्ट रोमांटिक कहानी, सच्ची प्रेम कहानी चाहते हैं तो हमारे व्हाटसएप चैनल को फॉलो करें।
💖 Love Calculator 💖
अपने और अपने पार्टनर के नाम से लव परसेंटेज चेक करें!




