Romantic Kahani: हिमाचल की ऊंची पहाड़ियों पर बसा ‘देवदार एस्टेट’ किसी ज़माने में अपनी भव्यता के लिए जाना जाता था, लेकिन नवंबर की इस हाड़ कँपाने वाली ठंड में वह महज़ एक वीरान, ऊँघती हुई हवेली लग रहा था। चारों तरफ घना कोहरा, देवदार के पेड़ों से छनकर आती सीटी जैसी हवाएँ और पुरानी लकड़ी के फ़र्श की चरमराहट।
26 वर्षीय अनन्या खिड़की के पास खड़ी बाहर छाए घने अँधेरे को देख रही थी।
शादी के महज़ तीन हफ्ते बाद ही उसका पति, शशांक – जो एक बड़ा माइंडेड बिजनेसमैन था- एक अचानक आई अंतर्राष्ट्रीय डील के सिलसिले में गायब जैसा हो गया था। पहले कुछ दिन फोन पर बात हुई, फिर फोन स्विच ऑफ आने लगा और फिर सिर्फ कंपनी के वकीलों के रूखे संदेश। अनन्या को इस वीरान हवेली में अकेला छोड़ दिया गया था।
लेकिन वह इस हवेली में पूरी तरह अकेली नहीं थी।
हवेली के सबसे निचले और अंधेरे हिस्से, यानी ईस्ट-विंग में शशांक का छोटा भाई ‘रेयान’ रहता था। रेयान—24 साल का एक बेहद खामोश, रहस्यमयी और जुनूनी पेंटर। वह हफ़्तों तक अपने स्टूडियो से बाहर नहीं निकलता था। उसकी आँखें इतनी गहरी और काली थीं कि कोई भी उसमें झाँकने से डर जाए, लेकिन उसका चेहरा किसी तराशे हुए संगमरमर की तरह खूबसूरत था। Romantic Kahani
“चाय ठंडी हो रही है, भाभी।”
अचानक पीछे से आई एक मखमली, भारी आवाज़ ने अनन्या को चौंका दिया। उसने मुड़कर देखा। रेयान दरवाज़े के फ्रेम से टेक लगाए खड़ा था। काले रंगे टी-शर्ट और जींस में, उसके हाथों में अभी भी रंगों के धुंधले निशान थे।
अनन्या ने अपनी शॉल को कंधे पर और कस लिया, “तुम… तुम कब आए रेयान? मुझे आहट ही नहीं हुई।”
रेयान धीरे-धीरे कदम बढ़ाता हुआ उसके करीब आया। उसकी हर हरकत में एक चीते जैसी ख़ामोशी और खिंचाव था। उसने गरम चाय का मग टेबल पर रखा, “यहाँ इस हवेली में आहटें कम और ख़ामोशियाँ ज़्यादा बोलती हैं। आप पिछले तीन घंटों से बिना हिले इस धुंध को देख रही हैं। क्या शशांक का इंतज़ार अभी खत्म नहीं हुआ?”
अनन्या ने अपनी नज़रें फेर लीं, “वह काम से गए हैं रेयान… आ जाएंगे।”
“वे नहीं आएंगे,” रेयान ने बहुत शांत लेकिन ठोस आवाज़ में कहा। वह अनन्या के इतने करीब आ गया कि अनन्या उसकी साँसों की गर्माहट अपनी गर्दन पर महसूस कर सकती थी। “शशांक को चीज़ें हासिल करने का शौक है, उन्हें संभालने का नहीं। और आप… आप कोई ऐसी चीज़ नहीं हैं जिसे इस वीरान हवेली में बंद करके छोड़ दिया जाए।”

Romantic Kahani: हवेली का रहस्य और कैनवास का जादू
उस रात के बाद से हवेली का माहौल बदलने लगा।
रात के सन्नाटे में अनन्या को हवेली के गलियारों में किसी के चलने और पुरानी तस्वीरों के अचानक गिर जाने की आवाज़ें सुनाई देतीं। एक रात जब पूरे इलाके की बिजली कट गई और बाहर तूफ़ानी बारिश होने लगी, अनन्या डर के मारे काँप उठी। कैंडललाइट लेकर वह अनजाने में ही ईस्ट-विंग की तरफ, रेयान के आर्ट स्टूडियो की ओर बढ़ गई।
स्टूडियो का भारी लकड़ी का दरवाज़ा आधा खुला था। अंदर सैकड़ों कैनवास रखे हुए थे। पीले मोमबत्ती के प्रकाश में रेयान अपनी शर्ट उतारे, केवल पतलून में, एक विशाल कैनवास पर लाल और काले रंग से पेंटिंग बना रहा था। उसकी सुडौल पीठ पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं।
अनन्या दरवाज़े पर ही ठिठक गई। उसकी नज़र उस बड़े कैनवास पर पड़ी… और उसकी साँसें अटक गईं। Romantic Kahani
वह पेंटिंग किसी और की नहीं, बल्कि स्वयं अनन्या की थी!
पेंटिंग में अनन्या एक लाल रेशमी लिबास में थी, उसकी आँखें ढकी हुई थीं और उसके पीछे एक धुंधली सी परछाईं थी जो उसे बाहों में भरे हुए थी। पेंटिंग में इतना उग्र और संवेदनशील रोमांस था कि अनन्या का चेहरा लाल हो गया।
“चोरी-छिपे दूसरों के स्टूडियो में झाँकना अच्छी आदत नहीं है, अनन्या,” रेयान ने बिना मुड़े कहा।
उसने हाथ में पकड़ा ब्रश नीचे रखा और धीरे से अनन्या की तरफ मुड़ा। उसकी नग्न छाती पर लाल रंग की कुछ बूंदें बिखरी हुई थीं।
“रेयान… यह… यह सब क्या है?” अनन्या की आवाज़ काँप रही थी। “तुम मेरी पेंटिंग क्यों बना रहे हो? और इस तरह…”
रेयान के होठों पर एक बहुत ही धीमी, कामुक मुस्कान उभरी। वह धीरे-धीरे अनन्या की तरफ बढ़ा। अनन्या पीछे हटने लगी, लेकिन पीछे का दरवाज़ा बंद हो चुका था। रेयान ने अपने दोनों हाथ अनन्या के सिर के दोनों तरफ दीवार पर टिका दिए। अब अनन्या पूरी तरह रेयान के घेरे में थी।
“मैं यह पेंटिंग आज से नहीं बना रहा,” रेयान ने उसकी आँखों में झाँकते हुए फुसफुसाया। “शशांक के तुम्हें इस घर में लाने से बहुत पहले… जब मैंने तुम्हें पहली बार उस आर्ट गैलरी में देखा था, तब से तुम मेरे ज़हन में छपी हुई हो। शशांक ने तुमसे शादी सिर्फ मुझे हराने के लिए की थी, तुमसे प्यार करने के लिए नहीं।”

Romantic Kahani: सीमाओं का ढहना
“यह झूठ है!” अनन्या ने रेयान के सीने पर हाथ रखकर उसे पीछे धकेलना चाहा, लेकिन रेयान का सीना किसी चट्टान की तरह सख्त था।
रेयान ने अनन्या की काँपती हथेली को पकड़ा और उसे अपने दिल की जगह पर रख दिया। उसका दिल पागलों की तरह तेज़ी से धड़क रहा था।
“क्या यह धड़कन भी झूठ है?” रेयान ने बहुत मखमली आवाज़ में कहा। “महसूस करो इसे, अनन्या। पिछले छह महीनों से तुम इस घर में एक लावारिस मूर्ति की तरह जी रही हो। क्या तुम्हें कभी किसी ने इस तरह देखा है, जैसे मैं देखता हूँ?”
रेयान ने अपनी उँगलियों से अनन्या के बिखरे हुए बालों को पीछे किया। उसकी ठंडी, रंग-सने हाथ की उँगलियाँ जब अनन्या की भीगी हुई गर्दन और कॉलरबोन को छूती हुई गुजरीं, तो अनन्या के पूरे जिस्म में एक सिहरन दौड़ गई। Romantic Kahani
अनन्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं। समाज, नैतिकता और शशांक का नाम—सब कुछ उस तूफ़ानी रात के सन्नाटे में बहने लगा।
“रेयान… मत करो…” अनन्या की सिसकी निकली, लेकिन उसकी बाहें खुद-ब-खुद रेयान के नग्न कंधों पर टिक गईं।
“मुझे रोकने का नाटक मत करो, अनन्या,” रेयान ने उसकी ठोड़ी को थोड़ा ऊपर उठाया। “तुम्हारी आँखें कुछ और कह रही हैं।”
अगले ही पल रेयान के होंठ अनन्या के होंठों पर झुक गए।
यह चुंबन शांत नहीं था; इसमें बरसों का छुपा हुआ जुनून, तन्हाई का दर्द और एक-दूसरे को पा लेने की अंधी दीवानगी थी। रेयान ने अनन्या को दीवार से सटा दिया और उसके निचले होंठ को दाँतों से हल्का सा दबाते हुए चुंबन को और गहरा कर दिया। अनन्या के मुँह से एक दबी हुई आह निकली, और उसने रेयान के बालों में अपनी उँगलियाँ कस लीं।

Romantic Kahani: कैनवास पर उकेरा गया जुनून
स्टूडियो में सिर्फ मोमबत्तियों की मद्धम पीली रोशनी थी, बाहर बारिश का शोर था और अंदर दो बेकाबू होती साँसों की आवाज़।
रेयान ने अनन्या को अपनी बाहों में उठाया और उसे अपने काम करने वाले विशाल लकड़ी के टेबल पर लेटा दिया, जहाँ चारों तरफ रंगों की भीनी-भीनी गंध फैली हुई थी। अनन्या का शॉल फर्श पर गिर चुका था। उसके सिल्क के कुर्ते के बटन रेयान की अधीर उँगलियों ने एक-एक करके खोल दिए।
रेयान के होंठ अब अनन्या की गर्दन से होते हुए उसके कांधों और छाती के ऊपरी हिस्से पर रेंग रहे थे। हर एक स्पर्श पर अनन्या का जिस्म मचल उठता था।
“रेयान… तुम मुझे पूरी तरह बर्बाद कर दोगे…” अनन्या ने सिसकते हुए कहा।
“बर्बादी अगर इतनी खूबसूरत हो, तो हर किसी को बर्बाद हो जाना चाहिए,” रेयान ने उसकी नाभि पर अपने गर्म होंठ रखते हुए कहा।
रेयान ने अपनी उँगलियों में थोड़ा सा गीला लाल रंग लिया और उसे बहुत ही नज़ाकत के साथ अनन्या के गले से लेकर उसकी छाती की ढलान तक एक लकीर के रूप में खींच दिया। वह स्पर्श इतना कामुक और अजीब था कि अनन्या की पीठ हवा में उठ गई।
“तुम मेरी सबसे बेहतरीन पेंटिंग हो, अनन्या… और आज रात मैं तुम्हें अपना पूरा रंग दूँगा,” रेयान ने फुसफुसाया।
दो तड़पते हुए जिस्म उस तूफ़ानी रात में एक-दूसरे में पूरी तरह समा गए। रेयान का हर एक स्पर्श, उसकी उग्रता और उसकी कोमलता अनन्या को एक ऐसी दुनिया में ले जा रही थी जिसका अहसास उसने अपनी शादी के बाद कभी नहीं किया था। वहाँ कोई अतीत नहीं था, कोई शशांक नहीं था, कोई देवर या भाभी का रिश्ता नहीं था—वहाँ सिर्फ दो तन्हा रूहों का मिलन था जो एक-दूसरे की प्यास बुझा रही थीं। Romantic Kahani
सन्नाटे को चीरती हुई उनकी भारी साँसें और दबी हुई कामुक सिसकियाँ उस पुराने स्टूडियो के कोने-कोने में गूँजती रहीं।

Romantic Kahani: खौफनाक सच और नया सवेरा
सुबह की पहली किरण जब कोहरे को चीरती हुई स्टूडियो की खिड़की से अंदर आई, तो अनन्या रेयान की चौड़ी छाती पर सिर रखे सो रही थी। रेयान की बाहें उसके नग्न शरीर के चारों ओर एक सुरक्षा कवच की तरह लिपटी हुई थीं।
अचानक हवेली के मुख्य दरवाज़े पर एक ज़ोरदार दस्तक हुई। Romantic Kahani
अनन्या घबराकर उठी और अपने कपड़े संभालने लगी। रेयान बहुत शांत भाव से उठा, उसने अपनी शर्ट पहनी और अनन्या के काँपते हाथों को थाम लिया, “डरो मत। जो भी है, सामना करेंगे।”
दोनों जब मेन हॉल में पहुँचे, तो सामने पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारी और एक वकील खड़े थे।
“मिसेज वर्मा?” अधिकारी ने पूछा। “हम शशांक वर्मा के सिलसिले में आए हैं।”
अनन्या का दिल तेज़ी से धड़कने लगा, “क्या… क्या हुआ शशांक को? वे कहाँ हैं?”
वकील ने आगे बढ़कर एक फाइल निकाली, “मैडम, शशांक जी ने तीन हफ्ते पहले देश छोड़ दिया था। उन पर करोड़ों के फ्रॉड का आरोप था। लेकिन उससे भी बड़ा सच यह है कि उन्होंने इस हवेली और आपकी सारी प्रॉपर्टी के एवज में भारी कर्ज़ लिया था और आपको यहाँ लावारिस छोड़कर भागने की फ़िराक में थे।”
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अनन्या के पैर तले ज़मीन खिसक गई। जिस इंसान के लिए वह इस हवेली में घुट रही थी, वह उसे महज़ एक मोहरा बनाकर इस्तेमाल कर चुका था।
तभी पुलिस अधिकारी ने रेयान की तरफ देखा, “लेकिन मिस्टर रेयान वर्मा ने शशांक के सारे कर्ज़ अपनी पेंटिंग्स की अंतर्राष्ट्रीय नीलामी से चुका दिए हैं। शशांक को भी इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया है।”
अनन्या ने फटी आँखों से रेयान की तरफ देखा। रेयान शांत खड़ा था, उसकी आँखों में वही गहरापन था।
जब पुलिस और वकील चले गए, तो अनन्या फर्श पर बैठने ही वाली थी कि रेयान ने उसे अपनी बाहों में संभाल लिया।
“तुमने… तुमने यह सब क्यों किया रेयान?” अनन्या के आँसू बह निकले। “तुमने अपने भाई का कर्ज़ क्यों चुकाया? मुझे क्यों बचाया?”
रेयान ने अनन्या के आँसुओं को अपनी उँगलियों से पोंछा और उसकी आँखों में झाँककर कहा, “मैंने शशांक को नहीं बचाया, अनन्या। मैंने अपनी दुनिया को बचाया है। शशांक ने तुम्हें एक संपत्ति समझा था, लेकिन तुम मेरी रूह हो। वह तुम्हें कैद करके गया था, लेकिन मैं तुम्हें आज़ाद करना चाहता हूँ।”
अनन्या ने रेयान के गले में अपनी बाहें डाल दीं और अपना चेहरा उसके सीने में छुपा लिया।
पहाड़ों पर छाई धुंध अब धीरे-धीरे छट रही थी और सूरज की सुनहरी किरणें ‘देवदार एस्टेट’ पर बिखर रही थीं। पुरानी हवेली का वो काला सन्नाटा अब खत्म हो चुका था। अनन्या को समझ आ गया था कि जिस रिश्ते को समाज एक गुनाह समझता, वही रिश्ता उसकी तन्हाई का सबसे खूबसूरत और सच्चा मसीहा बन चुका था। Romantic Kahani
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